”
#65218HadeethEnc[स़ह़ीह़]
जुन्दुब बिन अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है, वह कहते हैं : हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के स…
”
#65231HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : "नबियों में से कोई भी नबी ऐसा नहीं हुआ, जिसे ऐसे चमत्कार (निशानियाँ) न दिए गए हों जिन्हें देखकर मनुष्य ईमान ले आए, और जो चमत्कार मुझे दिया गया, वह वह्य है जो…
”
#65303HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अन्हुमा से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : "ग़ैब की चाबियां पांच हैं, {निःसंदेह, अल्लाह ही के पास है क़यामत का ज्ञान, वही उतारता है वर्षा और जानता है जो कुछ गर्भाशयों में है और नहीं जानता कोई प्राणी कि…
”
#65426HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : "जो हमारी नमाज़ की तरह नमाज़ पढ़े और हमारे क़िबले की तरफ मुंह करे और हमारा क़ुर्बान किया हुआ जानवर खाए तो वह ऐसा मुसलमान है, जिसे अल्लाह और उसके रसूल सल्ल…
”
#65772HadeethEnc[स़ह़ीह़]
मुसलमानों की माता उम्म-ए-सलमा -रज़ियल्लाहु अनहा- से वर्णित है, वह कहती हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को फ़रमाते हुए सना है : ''जब किसी मुसलमान को कोई दुख पहुँचता है, और वह यह दुआएँ पढ़ता है, जिनका अल्लाह ने आदेश दिया है : (हम सब अल्लाह के हैं और…
”
#65849HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) से फ़ज्र की नमाज़ के समय कहा : "ऐ बिलाल, मुझे बताओ कि तुमने इस्लाम में सबसे आशा दिलाने वाला कौन-सा अमल किया है, क्योंकि मैंने जन्नत में अपने आगे-आगे तुम्हारे…
”
#65868HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अली -रज़ियल्लाहु अनहु- कहते हैं : जब मैं तुमसे अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के हवाले से बात करूँ, तो आकाश से गिर जाना मुझे इस बात से अधिक प्रिय है कि आपके हवाले से झूठ बोलूँ। और जब तुमसे अपने और तुम्हारे बीच बात करूँ, तो जान लो कि युद्ध धोखा है। मैंने अल्ला…
”
#66236HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "अल्लाह तुम्हारे लिए तीन बातों को पसंद करता है और तुम्हारे लिए तीन बातों को नापसंद करता है। उसे तुम्हारे लिए पसंद है कि: तुम केवल उसी की इबादत करो, किसी क…
”
#66271HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अनहुमा- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "जिस व्यक्ति ने अपने भाई से 'ऐ काफ़िर' कहा, उसके द्वारा प्रयोग किए गए इस शब्द का हक़दार उन दोनों में से एक बन गया। अगर उसकी बात सही है, तो ठीक ह…
”
#66370HadeethEnc[स़ह़ीह़]
इम्रान बिन हुसैन -रज़ियल्लाहु अनहुमा- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "तुम में सबसे उत्तम लोग मेरे ज़माने के लोग हैं, फिर वे जो उनके बाद आएँगे और फिर वे जो उनके बाद आएँगे।" इम्रान कहते हैं : मुझे नहीं पता कि अल्लाह के र…
”
#66512HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अबू अब्दुर रहमान अब्दुल्लाह बिन उमर बिन ख़त्ताब रज़ियल्लाहु अनहुमा कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को कहते हुए सुना है : "इस्लाम की बुनियाद पाँच चीज़ों पर क़ायम है : इस बात की गवाही देना कि अल्लाह के अतिरिक्त कोई सत्य पूज्य नहीं है और मुहम्मद स…
”
#66513HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अबू अब्दुर्रहमान अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ियल्लाहु अनहु कहते हैं कि : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने, जो कि सच्चे थे और जिनकी सच्चाई सर्वमान्य थी, हमें बताया है : “तुममें से हर व्यक्ति की सृष्टि-सामग्री उसकी माँ के पेट में चालीस दिनों तक वीर्य के रूप में एकत्र…