अल्लाह तुम्हारे लिए तीन बातों को पसंद करता है और तुम्हारे लिए तीन बातों को नापसंद करता है।
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Hadeeth text
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "अल्लाह तुम्हारे लिए तीन बातों को पसंद करता है और तुम्हारे लिए तीन बातों को नापसंद करता है। उसे तुम्हारे लिए पसंद है कि: तुम केवल उसी की इबादत करो, किसी को उसका साझी न बनाओ और सब मिलकर अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़ लो और बिखराव का शिकार होने से बचो। जबकि उसे तुम्हारे लिए नापसंद है: बेकार की बातें करना, बहुत ज़्यादा प्रश्न करन और धन बर्बाद करन।"
Explanation
Benefits
अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़े रहने की प्रेरणा कि इससे एकता एवं आपसी प्रेम पैदा होता है।
जमात के साथ रहने की प्रेरणा तथा जमात से जुड़े रहने एवं उसे एकजुट रखने का आदेश, जबकि इसकी विपरीत दिशा में चलते हुए बिखराव के शिकार होने और आपसी कलह में फँसने की मनाही।
ऐसी चीज़ों के बारे में बहुत ज़्यादा बात करने की मनाही, जिनसे इन्सान का कोई सरोकार न हो। क्योंकि बात अगर जायज़ चीज़ों के बारे में हो रही है, तो बिना मतलब समय बर्बाद हो रहा है और अगर हराम चीज़ों के बारे में हो रही है, तो गुनाह का पहाड़ खड़ा हो रहा है।
लोगों के टोह में रहने तथा उनकी बातों एवं कार्यों की नक़ल उतारने की मनाही।
लोगों से उनका धन बहुत ज़्यादा माँगने की मनाही।
धन नष्ट करना हराम है। इस हदीस में धन को लाभकारी कार्यों में खर्च करने की प्रेरणा दी गई है।
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