मैंने देखा कि आप क़िबले के अतिरिक्त किसी और दिशा की ओर मुँह करके नमाज़ पढ़ रहे हैं? तो उन्होंने जवाब दियाः यदि मैंने रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को ऐसा करते न देखा होता, तो ऐसा न करता।
अनस बिन सीरीन कहते हैं कि अनस (रज़ियल्लाहु अंहु) की शाम प्रांत से वापसी के अवसर पर हमने उनका स्वागत किया। हम उनसे ऐन-अत-तमर नामी स्थान में मिले। मैंने उनको देखा कि गधे पर सवार होकर नमाज़ पढ़ रहे हैं और उनका चेहरा इस ओर (अर्थात क़िब्ले के दाहिनी ओर) है। मैंने उनसे कहाः म…

