افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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इस्लाम की विशिष्टता तथा गुण

12 hadeeths in this category
#3229HadeethEnc[सह़ीह़]

लोगों को आदेश दिया गया है कि उनका अंतिम कार्य काबा का तवाफ़ हो। हाँ, मगर माहवारी के दिनों वाली स्त्री के लिए आसानी रखी गई है।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- का वर्णन है। वे कहते हैंः लोगों को आदेश दिया गया है कि उनका…

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#3553HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जब बंदा बीमार होता है या यात्रा में निकलता है, तो उसके लिए उसी तरह की इबादतों का सवाब लिखा जाता है, जो वह घर में रहते तथा स्वस्थ रहते समय किया करता था।

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#3561HadeethEnc[सह़ीह़]

निश्चय ही तूने जिस प्रतिफल की आशा रखी है, वह तुझे मिलेगा।

उबै बिन काब- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि मेरी जानकारी के अनुसार एक अंसारी का घर मस्जिद से सबसे ज़्यादा दूर था, परन्तु उनकी कोई नमाज़ नहीं छूटती थी। सो, उनसे कहा गया कि यदि आप एक गधा ख़रीद लें और अंधेरे तथा धूप की गर्मी के समय उसपर सवार होकर आएँ तो अच्छा हो। उन्होंने…

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#3734HadeethEnc[सह़ीह़]

जब तुममें से कोई रात को नमाज़ पढ़ने के लिए उठे और उसकी ज़बान पर क़ुरआन ठीक से न आ रहा हो और उसे पता न चल रहा हो कि क्या कुछ पढ़ रहा है, तो सो जाए

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#3911HadeethEnc[सह़ीह़]

जो मुसलमान कोई पेड़ लगाता है तो उससे जो कुछ खाया जाएगा वह उसके लिए सदक़ा होगा, जो कुछ चुराया जाएगा वह उसके लिए सदक़ा होगा और जो कुछ किसी के द्वारा लिया जाएगा वह उसके लिए सदक़ा होगा।

जाबिर- रज़ियल्ललाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जो मुसलमान कोई पेड़ लगाता है तो उससे जो कुछ खाया जाएगा वह उसके लिए सद्क़ा होगा, जो कुछ चुराया जाएगा वह उसके लिए सदक़ा होगा और जो कुछ किसी के द्वारा लिया जाएगा वह भी उसके लिए सदक…

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#4568HadeethEnc[स़ह़ीह़]

आदमी के हर एक जोड़ पर, हर रोज़ जिसमें सूरज निकलता है, सदक़ा है।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "आदमी के हर एक जोड़ पर, हर रोज़ जिसमें सूरज निकलता है, सदक़ा है। दो व्यक्तियों के बीच न्याय करना सदक़ा है। किसी को उसके जानवर पर सवार होने में या उस पर उसका सामा…

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#5789HadeethEnc[सह़ीह़]

जब तुममें से किसी को नमाज़ पढ़ने की दशा में नींद आए, तो सो जाए, यहाँ तक नींद खत्म हो जाए।

आइशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "जब तुममें से किसी को नमाज़ पढ़ने की दशा में नींद आए, तो सो जाए, यहाँ तक नींद खत्म हो जाए। क्योंकि ऊँघते हुए जब कोई नमाज़ पढ़ता है, तो वह नहीं जान पाता कि अपने लिए क्षमा की दुआ कर रहा ह…

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#5795HadeethEnc[स़ह़ीह़]

धर्म आसान एवं सरल है और धर्म के मामले में जो भी उग्रता दिखाएगा, वह परास्त होगा। अतः, बीच का रास्ता अपनाओ, अच्छा करने की चेष्टा करो,

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : "धर्म आसान एवं सरल है और धर्म के मामले में जो भी उग्रता दिखाएगा, वह परास्त होगा। अतः, बीच का रास्ता अपनाओ, अच्छा करने की चेष्टा करो, नेकी की आशा रखो तथा प्रातः एवं शाम और र…

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#5801HadeethEnc[सह़ीह़]

निश्चय ही तुमपर तुम्हारे रब का अधिकार है। निश्चय ही तुमपर स्वंय तुम्हारे शरीर तथा तुम्हारी पत्नी का अधिकार है। अतः प्रत्येक अधिकार वाले को उसका अधिकार दो।

अबू जुहैफा वहब बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने सलमान (रज़ियल्लाहु अन्हु) और अबू दरदा (रज़ियल्लाहु अन्हु) को आपस भाई बनाया था। चुनांचे एक दिन सलमान (रज़ियल्लाहु अन्हु) अबू दरदा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से मिलने गए, तो उन्हो…

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#5941HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अल्लाह! मेरी उम्मत के लिए उसके सुब्ह के समय में बरकत प्रदान कर।

सख़्र बिन वदाआ ग़ामिदी (रज़ियल्लाहु अंहु) अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत करते हैं कि आपने फ़रमायाः ऐ अल्लाह! मेरी उम्मत के लिए उसके सुब्ह के समय में बरकत प्रदान कर। तथा आप जब कोई छोटा या बड़ा सैन्य-दल भेजते तो दिन के प्रथम भाग में भेजते। ख़ुद सख़्र (…

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#8870HadeethEnc[सह़ीह़]

जिस मुस्लिम व्यक्ति के बारे में चार व्यक्तियों ने भलाई की गवाही दी, अल्लाह उसे जन्नत में दाख़िल कर देगा

अबुल असवद कहते हैं कि मैं मदीने आया तो उमर बिन खत्ताब (रज़ियल्लाहु अनहु) के पास बैठा। इसी बीच एक जनाज़ा वहां से गुज़रा तो उस मृतक की प्रशंसा की गई। उमर ने कहा: अनिवार्य हो गई। फिर दूसरा जनाज़ा गुज़रा तो उसकी भी प्रशंसा की गई। उमर ने कहा: वाजिब हो गई। फिर तीसरा जनाज़ा गु…

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#10100HadeethEnc[सह़ीह़]

एक कुत्ता एक कुएँ के चारों ओर चक्कर लगा रहा था और क़रीब था कि वह प्यास से हलाक हो जाए कि उसे बनी इसराईल की एक वेश्या ने देख लिया। फिर उसने अपना मोज़ा उतारा और उसके ज़रिए कुत्ते के लिए पानी निकालकर उसे पिलाया, तो इस पुण्य के कारण उसे क्षमा कर दिया गया

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: एक व्यक्ति किसी रास्ते से गुज़र रहा था कि उसे सख़्त प्यास लगी। इतने में उसे एक कुआँ मिला, तो उसमें उतरकर उसने पानी पिया। ऊपर आया तो देखा कि एक कुत्ता प्यास के कारण हाँप रह…

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