افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
Islamic Reads · HadeethEnc

Prophetic Hadeeth Encyclopedia

Search and read verified Prophetic hadeeth translations, explanations, benefits, categories and source attribution. Page 35.

Content source:HadeethEnc.com·Version 1.58.0
2,313hadeeths
Advanced search

Search the Hadeeth Encyclopedia

Smart instant results tolerate minor spelling mistakes, with every filter in one place.

2,313hadeeths
#3552HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जब तुममें से कोई अपने भाई से मिले, तो उसे सलाम करे। फिर, अगर दोनों के बीच पेड़, दीवार या पत्थर आ जाए और वह उससे (दोबारा) मिले, तो फिर उसे सलाम करे।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जब तुम…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#3553HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जब बंदा बीमार होता है या यात्रा में निकलता है, तो उसके लिए उसी तरह की इबादतों का सवाब लिखा जाता है, जो वह घर में रहते तथा स्वस्थ रहते समय किया करता था।

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#3554HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जब जनाज़ा रख दिया जाता है और लोग उसे अपने कंधों पर उठा लेते हैं, तो यदि वह सदाचारी होता है तो कहता है कि मुझे ले चलो।

अबू सईद -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "जब जनाज़ा रख दिया जाता है और लोग उसे अपने कंधों पर उठा लेते हैं, तो यदि वह सदाचारी होता है तो कहता है कि मुझे ले चलो। और अगर सदाचारी नहीं होता, तो कहता है कि हाय मेरा वि…

Read hadeeth 1Views 0Cards 0Shares
Share
#3556HadeethEnc[सह़ीह़]

जब अल्लाह ने आदम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को पैदा किया तो कहा कि जाओ और उन (बैठे हुए फ़रिश्तों) को सलाम करो और सुनो कि वे क्या उत्तर देते हैं, क्योंकि वही तुम्हारा और तुम्हारी संतान का सलाम होगा।

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जब अल्लाह ने आदम (अलैहिस्सलाम) को पैदा किया तो कहा कि जाओ और उन (बैठे हुए फ़रिश्तों) को सलाम करो और सुनो कि वे क्या उत्तर देते हैं, क्योंकि वही तुम्हारा और तुम्हारी संतान…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#3557HadeethEnc[सह़ीह़]

एक व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया और बोलाः ऐ अल्लाह के रसूल! ज़रा यह बताएँ कि यदि कोई व्यक्ति मेरा धन छीनना चाहे तो मैं क्या करूँ? फ़रमायाः उसे अपना धन न दो।

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अनहु- कहते हैं कि एक व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया और बोलाः ऐ अल्लाह के रसूल! ज़रा यह बताएँ कि यदि कोई व्यक्ति मेरा धन छीनना चाहे तो मैं क्या करूँ? फ़रमायाः उसे अपना धन न दो। उसने कहाः अगर मुझसे लड़ पड़े तो क्या करू…

Read hadeeth 1Views 0Cards 0Shares
Share
#3558HadeethEnc[सह़ीह़]

चालीस अच्छे कार्य हैं; जिनमें सबसे उत्तम कार्य किसी को दूध पीने के लिए बकरी देना है। जो बंदा, प्रतिफल की आशा में तथा उनके बारे में अल्लाह के वचन पर विश्वास करते हुए, उनमें से कोई एक कार्य भी करेगा, उसे अल्लाह उसके कारण जन्नत में दाख़िल करेगा।

अबू मुहम्मद अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः चालीस अच्छे कार्य हैं; जिनमें सबसे उत्तम कार्य किसी को दूध पीने के लिए बकरी देना है। जो बंदा, प्रतिफल की आशा में तथा उनके बारे में अल्लाह के वच…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#3561HadeethEnc[सह़ीह़]

निश्चय ही तूने जिस प्रतिफल की आशा रखी है, वह तुझे मिलेगा।

उबै बिन काब- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि मेरी जानकारी के अनुसार एक अंसारी का घर मस्जिद से सबसे ज़्यादा दूर था, परन्तु उनकी कोई नमाज़ नहीं छूटती थी। सो, उनसे कहा गया कि यदि आप एक गधा ख़रीद लें और अंधेरे तथा धूप की गर्मी के समय उसपर सवार होकर आएँ तो अच्छा हो। उन्होंने…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#3563HadeethEnc[सह़ीह़]

सिफ़ारिश करो, प्रतिफल प्राप्त करोगे तथा अल्लाह अपने नबी की ज़बान से वह निर्णय देगा, जो उन्हे पसंद होगा।

अबू मूसा अशअरी- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास जब कोई ज़रूरतमंद व्यक्ति आता तो अपने पास बैठे लोगों की ओर मुड़ते और कहतेः सिफ़ारिश करो, प्रतिफल प्राप्त करोगे तथा अल्लाह अपने नबी की ज़बान से वह निर्णय देगा, जो उन्हें पसंद…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#3564HadeethEnc[सह़ीह़]

जब दुनिया की समाप्ति का समय निकट आ जाएगा तो मोमिन का स्वप्न मुश्किल ही से झूठा निकलेगा। तथा मोमिन का स्वप्न नबुव्वत (ईशदौत्य) के छयालीस भागों में से एक भाग है।

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जब दुनिया की समाप्ति का समय निकट आ जाएगा तो मोमिन का स्वप्न मुश्किल ही से झूठा निकलेगा। तथा मोमिन का स्वप्न नबुव्वत के छयालीस भागों में से एक भाग है। तथा एक रिवायत में हैः…

Read hadeeth 1Views 0Cards 0Shares
Share
#3565HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ आइशा! उठो और वित्र पढ़ो।

आइशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) रात को तहज्जुद की नमाज़ पढ़ते और वह आपके आगे सोई हुई होतीं। जब वित्र बाकी रह जाती तो उन्हें जगाते और वह वित्र पढ़तीं। तथा एक रिवायत में हैः जब वित्र बाकी रहती तो कहतेः ऐ आइशा! उठो और वित्र…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#3566HadeethEnc[स़ह़ीह़]

(ऐ अल्लाह! तू पवित्र एवं प्रशंसनीय है। तेरे सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है)। तथा एक रिवायत में हैः मेरा हाथ आपके कदमों के भीतरी भाग पर पड़ा, जबकि आप मस्जिद में थे, दोनों क़दम खड़े थे और आप कह रहे थेः (ऐ अल्लाह! मैं तेरे क्रोध से तेरी प्रसन्नता की शरण माँगता हूँ, तेरी सज़ा से तेरे क्षमादान की शरण माँगता हूँ और तुझसे तेरी शरण में आता हूँ। मैं तेरी प्रशंसा अधिकार अनुसार नहीं कर सकता। तू वैसा ही है, जैसा तूने अपने बारे में कहा है)।

आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, वह कहती हैं : मुझे एक रात अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बिस्तर पर नहीं मिले। मैंने ढूँढना शुरू किया, तो मेरे हाथ आपके पैरों के तलवों से जा लगे। दरअसल आप मस्जिद में (सजदे की हालत में) थे और आपके दोनों क़दम खड़े थे। आप फ़रमा रह…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share

Shopping Basket

Loading...