افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
Islamic Reads · HadeethEnc

Prophetic Hadeeth Encyclopedia

Search and read verified Prophetic hadeeth translations, explanations, benefits, categories and source attribution.

Content source:HadeethEnc.com·Version 1.59.0
2,314hadeeths
Advanced search

Search the Hadeeth Encyclopedia

Smart instant results tolerate minor spelling mistakes, with every filter in one place.

23hadeeths
Clear filters
Categories

पिछले नबी और रसूल अलैहिमुस्सलाम

12 hadeeths in this category
#3069HadeethEnc[सह़ीह़]

तो क्या तुम मुझसे अरब क़बीलों के बारे में पूछ रहे हो? उनमें से जो लोग जाहिलियत काल में श्रेष्ठ थे, वे इसलाम में भी श्रेष्ठ हैं, जब इसलाम का ज्ञान प्राप्त कर लें।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि किसी ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, सबसे उत्तम व्यक्ति कौन है? आपने फ़रमायाः "जो सबसे अधिक अल्लाह का भय खाने वाला हो।" लोगों ने कहाः हम आपसे इसके बारे में नहीं पूछ रहे रहैं। आपने फ़रमायाः तो यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) हैं, जो अल्लाह के नबी…

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share
#3556HadeethEnc[सह़ीह़]

जब अल्लाह ने आदम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को पैदा किया तो कहा कि जाओ और उन (बैठे हुए फ़रिश्तों) को सलाम करो और सुनो कि वे क्या उत्तर देते हैं, क्योंकि वही तुम्हारा और तुम्हारी संतान का सलाम होगा।

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जब अल्लाह ने आदम (अलैहिस्सलाम) को पैदा किया तो कहा कि जाओ और उन (बैठे हुए फ़रिश्तों) को सलाम करो और सुनो कि वे क्या उत्तर देते हैं, क्योंकि वही तुम्हारा और तुम्हारी संतान…

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share
#3594HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अल्लाह, मेरे समुदाय के लोगों को क्षमा कर दे, क्योंकि वे जानते नहीं हैं

अबू अब्दुर्रहमान अब्दुल्लाह बिन मसऊद- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि ऐसा महसूस होता है कि मैं अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को देख रहा हूँ कि आप एक नबी की घटना सुना रहे हैं, जिसे उसके समुदाय के लोगों ने मार- मार कर लहूलुहान कर दिया था और वह अपने चेहरे से रक्…

Read hadeeth 2Views 0Cards 0Shares
Share
#3711HadeethEnc[स़ह़ीह़]

सबसे उत्तम दिन जिसमें सूरज निकला, जुमा का दिन है।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "सबसे उत…

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share
#3743HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह मूसा पर दया करे, उन्हें इससे भी अधिक कष्ट दिया गया, परन्तु सब्र से काम लिया

अब्दुल्लाह बिन मसऊद- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि हुनैन के दिन अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने ग़नीमत के धन के बँटवारे के समय कुछ लोगों को वरीयता दी। इसी क्रम में अक़रा बिन हाबिस को सौ ऊँट दिए, उययना बिन हिस्न को भी इतने ही ऊँट दिए और इनके अलावा कई अरब सर…

Read hadeeth 6Views 0Cards 0Shares
Share
#3752HadeethEnc[दोनों रिवायतों को मिलाकर सह़ीह़]

किसी ने कोई भोजन ग्रहण नहीं किया, जो उसके हाथ की कमाई के भोजन से उत्तम हो तथा अल्लाह के नबी दाऊद (अलैहिस्सलाम) अपने हाथ की कमाई से खाते थे

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत करते हैं कि आपने फ़रमायाः "दाऊद (अलैहिस्सलाम) अपने हाथ की कमाई ही से खाते थे।" तथा मिक़दाम बिन मादीकरिब- रज़ियल्लाहु अन्हु- अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत करते हैं कि आ…

Read hadeeth 2Views 0Cards 0Shares
Share
#3754HadeethEnc[सह़ीह़]

ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) बढ़ई थे

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः ज़कर…

Read hadeeth 2Views 0Cards 0Shares
Share
#4295HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जो बातें मैं तुम्हें बताना छोड़ दूँ, उनके बारे में तुम मुझे मेरे हाल पर रहने दो, क्योंकि तुमसे पहले के लोगों को केवल इसी बात ने विनष्ट किया कि वे अत्यधिक प्रश्न करते और अपने नबियों से मतभेद करते थे।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : "जो बातें मैं तुम्हें बताना छोड़ दूँ, उनके बारे में तुम मुझे मेरे हाल पर रहने दो, क्योंकि तुमसे पहले के लोगों को केवल इसी बात ने विनष्ट किया कि वे अत्यधिक प्रश्न करते और अप…

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share
#5774HadeethEnc[सह़ीह़]

एक बार अय्यूब (अलैहिस्सलाम) नग्न होकर स्नान कर रहे थे कि उनपर सोने की टिड्डी गिरने लगी।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "एक बार अय्यूब (अलैहिस्सलाम) नग्न होकर स्नान कर रहे थे कि उनपर सोने की टिड्डी गिरने लगी और अय्यूब (अलैहिस्सलाम) उन्हें अपने कपड़े में समेटने लगे। उसी समय उच्च एवं महान अल्लाह ने आ…

Read hadeeth 2Views 0Cards 0Shares
Share
#8304HadeethEnc[सह़ीह़]

मूसा (अलैहिस्सलाम) और ख़ज़िर की घटना

सईद बिन जुबैर (रहिमहुल्लाह) कहते हैं कि मैंने अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से कहा : नौफ़ बकाली कहता है कि यह मूसा (ख़ज़िर की कहानी में जिनका वर्णन है) बनी इसराईल वाले मूसा नहीं हैं, बल्कि एक और मूसा हैं! इसपर उन्होंने कहा : अल्लाह के शत्रु ने झूठ कहा है।…

Read hadeeth 1Views 0Cards 0Shares
Share
#8346HadeethEnc[सह़ीह़]

इबराहीम -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अपने दूध पीते बच्चे इसमाईल –अलैहिस्सलाम- तथा उनकी माता को साथ लेकर आए और काबा के पास, एक बहुत बड़े पेड़ के निकट एक स्थान में छोड़ गए, जो ज़मज़म के ऊपर और मस्जिद के सबसे ऊँचे भाग में था। उस समय मक्का में कोई नहीं रहता था तथा पानी की व्यवस्था भी नहीं थी।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं : इबराहीम -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अपने दूध पीते बच्चे इसमाईल –अलैहिस्सलाम- तथा उनकी माता को साथ लेकर आए और काबा के पास, एक बहुत बड़े पेड़ के निकट एक स्थान में छोड़ गए, जो ज़मज़म के ऊपर और मस्जिद के सबसे ऊँचे भाग…

Read hadeeth 6Views 0Cards 0Shares
Share
#8412HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने छिपकली को मारने का आदेश दिया और फ़रमाया: यह इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) पर फूँक मारती थी

उम्मे शरीक (रज़ियल्लाहु अनहा) फ़रमाती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने छिपकली को मारन…

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share

Shopping Basket

Loading...