افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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हलाल तथा हराम जानवर एवं पक्षी

12 hadeeths in this category
#2958HadeethEnc[सह़ीह़]

हमने मर्रुज़ ज़हरान में एक खरगोश का पीछा किया। भी लोग उसके पीछे दौड़े, लेकिन थक गए।

अनस (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि हमने मर्रुज़ ज़हरान में एक खरगोश का पीछा किया। और लोग भी उसके पीछे दौड़े, लेकिन थक गए। अलबत्ता, मैंने पकड़ लिया। उसे लेकर अबू तलहा के पास आया, तो उन्होंने ज़िबह किया और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को उसका नितंब एवं दोनों…

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#2974HadeethEnc[सह़ीह़]

मैंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! क्या यह हराम है? फ़रमायाः नहीं, परन्तु यह हमारे यहाँ नहीं हुआ करता है। अतः, मुझे इससे घिन महसूस होती है। खालिद (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैंः मैंने उसे खींचकर अपने सामने कर लिया और खाना शुरू कर दिया और अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) देखते रहे

अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अनहुमा) कहते हैंः मैं तथा खालिद बिन वलीद (रज़ियल्लाहु अनहु) अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ मैमूना के घर गए। वहाँ एक भुना हुआ सांडा लाया गया। अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हाथ बढ़ाया, तो मैमूना के घर में…

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#2975HadeethEnc[सह़ीह़]

हम लोग अबू मूसा अशअरी (रज़ियल्लाहु अनहु) के पास थे। उन्होंने भोजनपट मंगवाया, जिसमें मुर्गी का माँस भी था

ज़हदम बिन मुज़र्रिब जरमी कहते हैं कि हम लोग अबू मूसा अशअरी (रज़ियल्लाहु अनहु) के पास थे। उन्होंने दस्तरख़ान (भोजनपट) मंगवाया, जिसमें मुर्गी का मांस था। इसी बीच एक व्यक्ति अंदर आया, जो बनी तैमुल्लाह से था, जिसका रंग लाल था तथा गैर- अरब की भाँति दिखाई पड़ रहा था। उसे देखक…

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#3003HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने घरेलू गधों का मांस खाने से मना फ़रमाया है और घोड़े का मांस खाने की अनुमति दी है

जाबिर बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अनहुमा) कहते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने पालतू गधों का मांस खाने से मना फ़रमाया है और घोड़े का मांस खाने की अनुमति दी है। तथा केवल मुस्लिम की रिवायत में है कि वर्णनकर्ता कहते हैंः हमने ख़ैबर के दिनों में घोड़े तथा…

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#4556HadeethEnc[स़ह़ीह़]

निःसंदेह अल्लाह और उसके रसूल ने शराब, मरे हुए जानवर, सुअर और मूर्तियों को हराम किया है।

जरीर बिन अब्दुल्लाह का वर्णन है कि उन्होंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को मक्का विजय के साल मक्का में कहते हुए सुना है : "निःसंदेह अल्लाह और उसके रसूल ने शराब, मरे हुए जानवर, सुअर और मूर्तियों को हराम किया है।" किसी ने कहा कि ऐ अल्लाह के रसूल! मरे हुए जानवर…

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#5856HadeethEnc[सह़ीह़]

"वह आजीविका थी, जिसे अल्लाह ने तुम लोगों के लिए निकाला था। क्या तुम्हारे पास उसका कुछ मांस है कि हमें भी खिला सको?" हमने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को उसका कुछ मांस भेजा और आपने उस से खाया।

अबू अब्दुल्लाह जाबिर बिन अब्दुल्लाह -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने हमें अबू उबैदा- रज़ियल्लाहु अन्हु- की अगुवाई में क़ुरैश के एक व्यापारी काफ़िले की तलाश में भेजा और हमें एक थैली खजूर दी। आपके पास उसके सिवा कुछ नही था। अबू…

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#8362HadeethEnc[सह़ीह़]

तुम्हारे लिए दो प्रकार के मुर्दे तथा दो प्रकार के रक्त हलाल किए गए हैं। जहाँ तक दो मुर्दों की बात है तो वह हैं : मछली और टिड़्डी। और जहाँ तक दो रक्त की बात है, तो वह हैं : जिगर तथा तिल्ली।

अब्दुल्लाह बिन उमर -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फरमाया : “तुम्हारे लिए दो प्रकार के मुर्दे तथा दो प्रकार के रक्त हलाल किए गए हैं। जहाँ तक दो मुर्दों की बात है तो वह हैं : मछली और टिड़्डी। और जहाँ तक दो रक्त की बात है,…

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#8412HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने छिपकली को मारने का आदेश दिया और फ़रमाया: यह इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) पर फूँक मारती थी

उम्मे शरीक (रज़ियल्लाहु अनहा) फ़रमाती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने छिपकली को मारन…

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#8413HadeethEnc[सह़ीह़]

जिसने पहले ही वार में किसी छिपकली को मारा, उसके लिए सौ नेकी लिख दी जाएगी और दूसरे वार में मारने पर उस से कम और तीसरे वार में मारने पर उससे भी कम

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: जिसने पहले ही वार में किसी छिपकली को मारा, उसे इतनी नेकी मिलेगी और जिसने दूसरे वार में मारा उसे इतनी नेकी मिलेगी और जिसने तीसरे वार में मारा, उसे इतनी नेकी मिलेगी। एक रिवायत…

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