मैंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! क्या यह हराम है? फ़रमायाः नहीं, परन्तु यह हमारे यहाँ नहीं हुआ करता है। अतः, मुझे इससे घिन महसूस होती है। खालिद (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैंः मैंने उसे खींचकर अपने सामने कर लिया और खाना शुरू कर दिया और अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) देखते रहे
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अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अनहुमा) कहते हैंः मैं तथा खालिद बिन वलीद (रज़ियल्लाहु अनहु) अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ मैमूना के घर गए। वहाँ एक भुना हुआ सांडा लाया गया। अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हाथ बढ़ाया, तो मैमूना के घर में उपस्थित किसी स्त्री ने कहाः अल्लाह के रसूल को बता दो कि आप क्या खाने जा रहे हैं। यह सुनकर आपने अपना हाथ खींच लिया। मैंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! क्या यह हराम है? फ़रमायाः नहीं, परंतु यह हमारे यहाँ नहीं हुआ करता है। अतः, मुझे इससे घिन महसूस होती है। खालिद कहते हैंः मैंने उसे खींचकर अपने सामने कर लिया और खाना शुरू कर दिया और अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) देखते रहे।
Explanation
जब खाना लगाया गया और नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मांस की ओर हाथ बढ़ाया, तो घर में उपस्थित कुछ महिलाओं ने कहा कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को बता दो कि यह क्या है। चुनांचे आपसे कहा गया कि यह सांड़े का मांस है, तो आपने हाथ उठा लिया और नहीं खाया। यह देख खालिद -रज़ियल्लाहु अनहु- ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल, क्या यह हराम है? आपने उत्तर दिया : नहीं, परन्तु यह मेरी जाति की धरती में नहीं होता। अतः, मुझे इससे घिन आती है। खालिद -रज़ियल्लाहु अनहु- कहते हैं : इसपर मैंने उसे अपनी ओर खींचा और खा लिया और नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- सब कुछ देखते रहे।
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