افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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पिछले नबी और रसूल अलैहिमुस्सलाम

11 hadeeths in this category
#10550HadeethEnc[सह़ीह़]

जब आदम (अलैहिस्सलाम) की मृत्यु हुई, तो फ़रिश्तों ने उन्हें पानी से विषम संख्या में स्नान दिया और क़ब्र में दफ़न किया तथा कहा कि आदम की यह सुन्नत उनकी संतान में भी जारी रहेगी

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#10858HadeethEnc[सह़ीह़]

एक व्यक्ति ने पूछाः ऐ अल्लाह के रसूल, क्या आदम (अलैहिस्सलाम) नबी थे? आपने फ़रमायाः हाँ! उन्होंने पूछाः उनके और नूह (अलैहिस्सलाम) के बीच कितनी अवधि थी? फ़रमायाः दस सदी। उन्होंने पूछाः नूह़ और इबराहीम (अलैहिमस्सलाम) के बीच कितनी अवधि थी? फ़रमायाः दस सदी। उन्होंने पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल, कुल कितने रसूल हुए हैं? फ़रमायाः तीन सौ पंद्रह।

अबू उमामा बाहिली (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि एक व्यक्ति ने पूछाः ऐ अल्लाह के रसूल, क्या आदम (अलैहिस्सलाम) नबी थे? आपने फ़रमायाः हाँ! उन्होंने पूछाः उनके और नूह (अलैहिस्सलाम) के बीच कितनी अवधि थी? फ़रमायाः दस सदी। उन्होंने पूछाः नूह़ और इबराहीम (अलैहिमस्सलाम) के…

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#10992HadeethEnc[सह़ीह़]

मूसा -अलैहिस्सलाम- एक शर्मीले व्यक्ति थे और परदे का ख़ास ख़याल रखते थे। हया के कारण उनके शरीर की त्वचा का कोई अंग नहीं दिखता था। इसी को लेकर बनी इसराईल के कुछ लोगों ने उन्हें कष्ट दिया।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अंहु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "मूसा -अलैहिस्सलाम- एक -शर्मीले- व्यक्ति थे और परदे का ख़ास ख़याल रखते थे। हया के कारण उनके शरीर की त्वचा का कोई अंग नहीं दिखता था। इसी को लेकर बनी इसराईल के कुछ लोगों ने उन्…

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#10993HadeethEnc[सह़ीह़]

ईसा बिन मरयम -अलैहिस्सलाम- ने एक व्यक्ति को चोरी करते देखा, तो उससे कहाः क्या तूने चोरी की है? उसने कहाः बिलकुल नहीं, उस अल्लाह की क़सम, जिसके सिवा कोई वंदनीय नहीं है। इस पर ईसा -अलैहिस्सलाम- ने कहाः मैं अल्लाह पर ईमान लाया और अपनी आँख को झुठलाया।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अंहु- का वर्णन है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "ईसा बिन मरयम -अलैहिस्सलाम- ने एक व्यक्ति को चोरी करते देखा, तो उससे कहाः क्या तूने चोरी की है? उसने कहाः बिलकुल नहीं, उस अल्लाह की क़सम, जिसके सिवा कोई वंदनीय नहीं है। इसपर ईसा -अलै…

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#10994HadeethEnc[सह़ीह़]

जब कोई आदम की संतान जन्म लेती है, तो उसके जन्म के समय शैतान उसे छूता है और शैतान के छूने के कारण वह चीख पड़ती है। अलबत्ता मरयम और उनके बेटे के साथ ऐसा नहीं हुआ।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अंहु- कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को कहते हुए सुनाः "जब कोई आदम की संतान जन्म लेती है, तो उसके जन्म के समय शैतान छूता है और शैतान के छूने के कारण वह चीख पड़ती है। अलबत्ता मरयम और उनके बेटे के साथ ऐसा नहीं हुआ।" फिर…

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#10995HadeethEnc[सह़ीह़]

ख़ज़िर को ख़ज़िर का नाम इसलिए दिया गया कि (एक बार) वह एक सूखे खेत में बैठे, तो देखते ही देखते उनके पीछे हरियाली लहलहाने लगी।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अंहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "ख़ज़…

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#10996HadeethEnc[सह़ीह़]

वस्वयं श्रेष्ठ, श्रेष्ठ के पुत्र, श्रेष्ठ के पोते, श्रेष्ठ के पडपोते यूसुफ़ बिन याक़ूब बिन इसहाक़ बिन इबराहीम -अलैहिमुस्सलाम।

अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अंहुमा- कहते हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "स्वयं श्…

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#10997HadeethEnc[सह़ीह़]

किसी बंदे के लिए यह कहना उचित नहीं है कि मैं यूनुस बिन मत्ता से उत्तम हूँ।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अंहुमा- का वर्णन है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "कि…

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#65025HadeethEnc[स़ह़ीह़]

उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मेरी जान है, वह समय बहुत ही निकट है, जब तुम्हारे बीच मरयम के बेटे न्यायकारी शासक के रूप में उतरेंगे। वह सलीब तोड़ देंगे, सूअर का वध करेंगे, जिज़्या (वेशेष लगान) हटा देंगे और धन की इतनी बहुतायत हो जाएगी कि कोई उसे ग्रहण नहीं करेगा।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को कहते हुए सुना है : "उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मेरी जान है, वह समय बहुत ही निकट है, जब तुम्हारे बीच मरयम के बेटे न्यायकारी शासक के रूप में उतरेंगे। वह सलीब तोड़…

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#66517HadeethEnc[स़ह़ीह़]

“मैं तुम्हें जिस चीज़ से रोकूँ, उससे बचो और जिस चीज़ का आदेश दूँ, उसे जहाँ तक हो सके करो

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को कहते हुए सुना है : “मैं तुम्हें जिस चीज़ से रोकूँ, उससे बचो और जिस चीज़ का आदेश दूँ, उसे जहाँ तक हो सके करो, क्योंकि तुमसे पहले के लोगों को उनके अधिक प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति औ…

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