افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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क़समें और सन्नतें

12 hadeeths in this category
#2938HadeethEnc[सह़ीह़]

साद बिन उबादा ने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम-से पूछा कि उनकी माँ ने एक मन्नत मानी थी, परन्तु उसे पूरा करने से पहले ही गुज़र गई। अब उन्हें क्या करना है? आपने फ़रमायाः उसे तुम पूरा कर दो।

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#2960HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मन्नत मानने से मना किया है और कहा है : "मन्नत कोई भलाई नहीं लाती। इसके द्वारा केवल कंजूस का धन निकाला जाता है।

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#2961HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जहाँ तक मेरी बात है, तो अल्लाह की क़सम, अगर अल्लाह ने चाहा, तो जब भी मैं किसी बात की क़सम खाऊँगा और दूसरी बात को उससे बेहतर देखूँगा, तो अपनी क़सम का कफ़्फ़ारा अदा कर दूँगा और वही करूँगा, जो बेहतर हो।

अबू मूसा अशअरी रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है, वह कहते हैं : मैं अल्लाह के रसूल सल्ल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास अशअर क़बीले के कुछ लोगों के साथ पहुँचा। मैंने आपसे सवारी माँगी, तो आपने कहा : "अल्लाह की क़सम, मैं तुम्हें सवारी नहीं दे सकता और न मेरे पास कोई सवारी है, जो तुम…

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#2977HadeethEnc[सह़ीह़]

सुलैमान बिन दाऊद (अलैहिमस्सलाम) ने फ़रमायाः आज रात मैं सत्तर स्त्रियों के पास जाऊँगा, उनमें से हर स्त्री से एक-एक लड़का होगा, जो अल्लाह के रास्ते में जिहाद करेगा

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) से वर्णित है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: सुलैमान बिन दाऊद (अलैहिमस्सलाम) ने फ़रमायाः आज रात मैं सत्तर स्त्रियों के पास जाऊँगा, उनमें से हर स्त्री से एक-एक लड़का होगा, जो अल्लाह के रास्ते में जिहाद करेगा। उनसे कहा…

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#2979HadeethEnc[सह़ीह़]

अपने पास कुछ माल जमा रखो, यह तुम्हारे हित में बेहतर है

काब बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि मैंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! मैं अपनी तौबा क़बूल होने की खुशी में अपना सारा धन अल्लाह और उसके रसूल की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए सदक़ा करता हूँ। उनकी बात सुनकर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः अपना कुछ…

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#2980HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जिसने किसी मुसलमान का माल हड़पने के लिए झूठी क़सम खाई, वह अल्लाह से इस हाल में मिलेगा कि अल्लाह उससे सख़्त क्रोधित होगा।

अब्दुल्लाह बिन मसऊद -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "जिसने किसी मुसलमान का माल हड़पने के लिए झूठी क़सम खाई, वह अल्लाह से इस हाल में मिलेगा कि अल्लाह उससे सख़्त क्रोधित होगा।" वर्णनकर्ता कहते हैं कि…

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#2995HadeethEnc[सह़ीह़]

जिसने किसी बात पर जान-बूझकर इस्लाम के अतिरिक्त किसी अन्य धर्म की झूठी क़सम खाई, तो वह वैसा ही होगा, जैसा उसने कहा

साबित बिन ज़ह्हाक (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि उन्होंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से पेड़ के नीचे बैअत की थी और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने कहा थाः जिसने किसी बात पर जान-बूझकर इस्लाम के अतिरिक्त किसी अन्य धर्म की झूठी क़सम खाई, तो वह व…

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#2996HadeethEnc[सह़ीह़]

जिसने किसी मुसलमान व्यक्ति का माल हड़पने के लिए अकाट्य एवं झूठी क़सम खाई, वह अल्लाह से इस अवस्था में मिलेगा कि वह उससे सख़्त क्रोधित होगा

अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ियल्लाहु अनहु) अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से मरफ़ूअन वर्णन करते हैं कि जिसने किसी मुसलमान व्यक्ति का माल हड़पने के लिए अकाट्य एवं झूठी क़सम खाई, वह अल्लाह से इस अवस्था में मिलेगा कि वह उससे सख़्त क्रोधित होगा। इसी के बारे में यह आयत…

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#3001HadeethEnc[सह़ीह़]

मेरी बहन ने यह मन्नत मानी कि वह नंगे पाँव पैदल अल्लाह के पवित्र घर की यात्रा करेगी। फिर मुझसे कहा कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से पूछकर आऊँ। मैंने आपसे पूछा तो फ़रमायाः वह चले भी और सवार भी हो।

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#3004HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अब्दुर्रहमान बिन समुरा! सत्ता न माँगो, क्योंकि यदि माँगने पर सत्ता दिए गए, तो तुम उसी के हवाले कर दिए जाओगे

अब्दुर्रहमान बिन समुरा (रज़ियल्लाहु अनहु) से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः ऐ अब्दुल रहमान बिन समुरा! सत्ता न माँगो, क्योंकि यदि माँगने पर सत्ता दिए गए, तो तुम उसी के हवाले कर दिए जाओगे, तथा यदि बिना माँगे सत्ता दिए गए, तो उसके निर्वा…

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#5835HadeethEnc[सह़ीह़]

उससे कहो कि बात करे, छाया में जाए, बैठे और अपना रोज़ा पूरा करे।

इब्ने अब्बास -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ख़ुतबा दे ही रहे थे कि आपने एक व्यक्ति को खड़ा देखा, तो लोगों से उसके बारे में पूछा। लोगों ने कहा : वह अबू इस्राईल है। उसने मन्नत मानी है कि वह धूप में खड़ा रहेगा। न बैठेगा, न छाया ल…

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