افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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अल्लाह की ओर बुलाना

12 hadeeths in this category
#8893HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने चेहरे पर मारने और उसमें दाग़ने से मना फ़रमाया है

इब्ने अब्बास (रज़ियल्लाहु अनहुमा) कहते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के पास से एक गधा गुज़रा, जिसके चेहरे पर दाग़ा गया था। तो आपने फ़रमाया: अल्लाह की लानत हो उस पर, जिसने इसे दाग़ा है। मुस्लिम की एक रिवायत में आया है: अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व…

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#8894HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं बनी मुक़र्रिन का सातवाँ व्यक्ति था। हमारी एक दासी थी, जिसे सबसे छोटे भाई ने एक थप्पड़ मार दिया था, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हमें उसे मुक्त करने का आदेश दिया

अबू अली सुवैद बिन मुक़र्रिन (रज़ियल्लाहु अनहु) फ़रमाते हैं कि मैं बनी मुक़र्रिन का सातवाँ व्यक्ति था। हमारी एक दासी थी, जिसे सबसे छोटे भाई ने एक थप्पड़ मार दिया था, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हमें उसे मुक्त करने का आदेश दिया। एक रिवायत में है: भाईयो…

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#10100HadeethEnc[सह़ीह़]

एक कुत्ता एक कुएँ के चारों ओर चक्कर लगा रहा था और क़रीब था कि वह प्यास से हलाक हो जाए कि उसे बनी इसराईल की एक वेश्या ने देख लिया। फिर उसने अपना मोज़ा उतारा और उसके ज़रिए कुत्ते के लिए पानी निकालकर उसे पिलाया, तो इस पुण्य के कारण उसे क्षमा कर दिया गया

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: एक व्यक्ति किसी रास्ते से गुज़र रहा था कि उसे सख़्त प्यास लगी। इतने में उसे एक कुआँ मिला, तो उसमें उतरकर उसने पानी पिया। ऊपर आया तो देखा कि एक कुत्ता प्यास के कारण हाँप रह…

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#10411HadeethEnc[सह़ीह़]

उतने ही कार्य किया करो, जिस (को जारी रखने) की तुम शक्ति रखते हो, अल्लाह की क़सम, अल्लाह (प्रतिफल देने से) नहीं उकताएगा, यहाँ तक कि तुम ख़ुद (उसे जारी रखने से) उकता जाओगे

अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की पत्नी आइशा (रज़ियल्लाहु अनहा) का वर्णन है कि हौला बिन्त तुवैत बिन हबीब बिन असद बिन अब्दुल उज़्ज़ा उनके पास से गुज़रीं। उस समय उनके पास अल्लाह के रसूल मौजूद थे। अतः, उन्होंने कहा: यह हौला बिन्त तुवैत हैं। लोगों का कहना है कि यह…

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#11246HadeethEnc[ह़सन]

नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने ख़ालिद बिन वलीद रज़ियल्लाहु अन्हु को यमन की ओर भेजा कि यमन वालों को इसलाम का निमंत्रण दें। लेकिन यमन वालों ने उनकी बात नहीं मानी, तो आपने अली बिन अबू तालिब -रज़ियल्लाहु अन्हु- को भेजा।

बरा बिन आज़िब -रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने ख़ालिद बिन वलीद -रज़ियल्लाहु अन्हु- को यमन की ओर भेजा कि यमन वालों को इसलाम का निमंत्रण दें। लेकिन यमन वालों ने उनकी बात नहीं मानी, तो आपने अली बिन अबू तालिब -रज़ियल्लाहु अन्हु- को भेजा तथा…

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#64654HadeethEnc[सह़ीह़]

जिसने ऐसा किया है उसपर अल्लाह की लानत हो। किसने किया है ऐसा? अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उसपर लानत भेजी है, जिसने किसी ऐसी वस्तु को निशाना बनाने के लिए उपयोग किया, जिसमें जान हो।

सईद बिन जुबैर से रिवायत है कि अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- का ग़ुज़र क़ुरैश के कुछ युवकों के पास से हुआ, जिन्होंने एक चिड़िया को बांध रखा था तथा उसको निशाना बनाकर तीर चलाने का अभ्यास कर रहे थे और निशाने से चूकने वाला हर तीर चिड़िया के मालिक को देने की बात तय…

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#64656HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने किसी जानवर को क़ैद में रखकर मारने से मना किया है।

जाबिर बिन अब्दुल्लाह -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने…

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#65025HadeethEnc[स़ह़ीह़]

उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मेरी जान है, वह समय बहुत ही निकट है, जब तुम्हारे बीच मरयम के बेटे न्यायकारी शासक के रूप में उतरेंगे। वह सलीब तोड़ देंगे, सूअर का वध करेंगे, जिज़्या (वेशेष लगान) हटा देंगे और धन की इतनी बहुतायत हो जाएगी कि कोई उसे ग्रहण नहीं करेगा।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को कहते हुए सुना है : "उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मेरी जान है, वह समय बहुत ही निकट है, जब तुम्हारे बीच मरयम के बेटे न्यायकारी शासक के रूप में उतरेंगे। वह सलीब तोड़…

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#65044HadeethEnc[स़ह़ीह़]

और मैं साद बिन अबी बक्र नामी क़बीले से ताल्लुक़ रखता हूँ।

अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, उन्होंने कहा : एक बार हम मस्जिद में नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ बैठे हुए थे कि इतने में ऊँट पर सवार होकर एक व्यक्ति आया और अपने ऊँट को मस्जिद में बिठाकर बाँध दिया, फिर पूछने लगा कि तुममें से मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व…

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#65074HadeethEnc[स़ह़ीह़]

ऐ लोगो! अल्लाह ने तुमसे जाहिलीयत काल के अभिमान एवं बाप-दादाओं पर फ़ख़्र (घमंड) करने की प्रवृत्ति को दूर कर दिया है

अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है : अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मक्का विजय के दिन लोगों को संबोधित करते हुए कहा : "ऐ लोगो! अल्लाह ने तुमसे जाहिलीयत काल के अभिमान एवं बाप-दादाओं पर फ़ख़्र (घमंड) करने की प्रवृत्ति को दूर कर दिया है। अतः अब…

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#66527HadeethEnc[स़ह़ीह़]

आदमी के हर एक जोड़ पर, हर रोज़ जिसमें सूरज निकलता है, सदक़ा है।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : फ़रमायाः "आदमी के हर जोड़ पर, हर रोज़ जिसमें सूरज निकलता है, सदक़ा है; तुम दो व्यक्तियों के बीच न्याय करो सदक़ा है, किसी को उसके जानवर पर सवार होने में मदद करो य…

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