افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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Prophetic Hadeeth Encyclopedia

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#58263HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से शराब के बारे में पूछा गया, तो आपने उन्हें शराब बनाने से मना किया (या शराब बनाने को नापसंद किया।) उन्होंने कहाः मैं तो शराब केवल दवा के लिए बनाता हूँ। आपने कहाः "यह दवा नहीं, बल्कि ख़ुद बीमारी है।"

वाइल हज़रमी का वर्णन है कि तारिक़ बिन सुवैद जोअ़फ़ी (रज़ियल्लाहु अंहु) ने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से शराब के बारे में पूछा, तो आपने उन्हें शराब बनाने से मना किया (या शराब बनाने को नापसंद किया।) उन्होंने कहाः मैं तो शराब केवल दवा के लिए बनाता हूँ। आपने कहाः "यह दव…

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#58265HadeethEnc[सह़ीह़]

अगर मैं किसी को शरई हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो मुझे कोई अफ़सोस न होगा। लेकिन अगर शराबी को हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो उसकी दियत (हरजाना) दूँगा। क्योंकि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उसके बारे में कोई ख़ास हद मुक़र्रर नहीं फरमाई है।

अली बिन अबी तालिब (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, उन्होंने फ़रमाया कि अगर मैं किसी को शरई हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो मुझे कोई अफ़सोस न होगा। लेकिन अगर शराबी को हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो उसकी दियत (हरजाना) दूँगा। क्योंकि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उसके…

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#58266HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ ख़ालिद, मेरे बाद बहुत-सी घटनाएँ, फ़ितने और मतभेद उत्पन्न होंगे। अतः, यदि तुमसे हो सके कि तुम अल्लाह के मारने वाले बंदे की बजाय मरने वाले बंदे बनो, तो ऐसा ज़रूर करना।

ख़ालिद बिन उरफ़ुता (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि मुझसे अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "ऐ ख़ालिद, मेरे बाद बहुत-सी घटनाएँ, फ़ितने और मतभेद उत्पन्न होंगे। अतः, यदि तुमसे हो सके कि तुम अल्लाह के मारने वाले बंदे की बजाय मरने वाले बंदे बनो, तो ऐसा ज़र…

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#64598HadeethEnc[सह़ीह़]

मुसलमानों की माता आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) का यह कहना कि उन्होंने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से जिहाद में निकलने की अनुमति माँगी, तो आपने फ़रमायाः "तुम्हारा जिहाद हज है।"

मुसलमानों की माता आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि उन्होंने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से जिहाद म…

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#64599HadeethEnc[शवाहिद के आधार पर सह़ीह़]

उनके पास वापस जाओ और उनसे अनुमति माँगो। यदि दोनों अनुमति दे दें, तो जिहाद में शामिल हो, वरना उनकी बात मानो तथा उनकी सेवा करो।

अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अंहु) से रिवायत है कि एक व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास यमन से हिजरत करके आया। आपने उससे पूछाः "क्या यमन में तेरा कोई है?" उसने कहाः मेरे माता-पिता हैं। आपने कहाः दोनों ने तुझे अनुमति दी है? उसने कहाः नहीं। आपने फ़रम…

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#64600HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं हर उस मुसलमान से बरी हूँ, जो काफ़िरों के बीच में रहता हो।

जरीर बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अंहु) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने ख़सअम क़बीले की ओर एक सैन्यदल भेजा। (युद्ध के दौरान) उनमें से कुछ लोग बचाव के लिए सजदे में गिर पड़े, लेकिन मुसलमानों ने देर किए बिना उन्हें क़त्ल कर डाला। वर्णनकर्ता का कह…

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#64601HadeethEnc[सह़ीह़]

हिजरत उस समय तक बंद नहीं होगी, जब तक काफ़िरों से युद्ध जारी रहेगा।

अब्दुल्लाह बिन वक़दान सादी (रज़ियल्लाहु अंहु) से वर्णित है, वह कहते हैंः हम एक प्रतिनिधि मंडल के साथ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास पहुँचे। हममें से हर एक अपनी ज़रुरत लेकर आया था। मैं सबसे अंत में अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के निकट पहुँच…

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#64603HadeethEnc[सह़ीह़]

अकसर ऐसा होता कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) किसी युद्ध में निकलने का इरादा करते, तो किसी और दिशा में निकलने का संकेत देते। परन्तु तबूक युद्ध में ऐसा नहीं किया।

काब बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि अकसर ऐसा होता कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) किसी युद्ध में निकलने का इरादा करते, तो किसी और दिशा में निकलने का संकेत देते। परन्तु तबूक युद्ध में ऐसा नहीं किया। यह युद्ध आपने सख़्त गर्मी के मौसम में किया, लम्बे…

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#64605HadeethEnc[सह़ीह़]

तुम वापस जाओ, मैं किसी मुश्रिक की मदद हरिगज़ नहीं लूँगा।

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की पत्नी आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) बद्र की ओर निकले। जब 'हर्रा अल-वबरा' में पहुँचे, तो एक व्यक्ति आपसे मिला, जिसकी जुर्रत और बहादुरी के ख़ूब चर्चे थे। उसे देख अल्लाह के रसूल (स…

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#64607HadeethEnc[सह़ीह़]

अली बिन अबू तालिब (रज़ियल्लाहु अंहु) का यह फ़रमान कि मैं पहला व्यक्ति हूँ, जो अत्यंत कृपाशील अल्लाह के सामने झगड़ने के लिए क़यामत के दिन अपने घुटनों के बल बैठेगा।

अली बिन अबू तालिब (रज़ियल्लाहु अंहु) से वर्णित है, उन्होंने कहाः मैं पहला व्यक्ति हूँ, जो अत्यंत कृपाशील अल्लाह के सामने झगड़ने के लिए क़यामत के दिन अपने घुटनों के बल बैठेगा। क़ैस बिन अब्बाद कहते हैंः इन्हीं लोगों के बारे में यह आयत उतरी हैः (यह दो पक्ष हैं, जो अपने पाल…

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