Prophetic Hadeeth Encyclopedia
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मैंने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि सफ़र के आरंभ में दुश्मन पर धावा बोलने वालों को,उनके भाग के अतिरिक्त (ख़ुम्स निकालने के बाद ग़नीमत के धन का) एक चौथाई भाग दिया और सफ़र से लौटते समय धावा बोलने वालों को उनके भाग के अतिरिक्त एक तिहाई दिया।
हबीब बिन मसलमा फ़ेहरी कहते हैंः मैंने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि सफ़र के आरंभ में दुश्मन पर धावा बोलने वालों को,उनके भाग के अतिरिक्त (ख़ुम्स निकालने के बाद ग़नीमत के धन का) एक चौथाई भाग दिया और सफ़र से लौटते समय धावा बोलने वालों को उनके भाग के अतिरिक्त एक…
हम अपनी लड़ाइयों में शहद और अंगूर प्राप्त करते, तो उसे खा लेते और तक़सीम के लिए अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास भेजते नहीं थे।
हमने ख़ैबर के दिन खाने की वस्तुएँ प्राप्त कीं, तो (एक-एक) आदमी आता और अपनी ज़रूरत भर लेकर वापस हो जाता।
अब्दुल्लाह बिन अबू औफ़ा से रिवायत है कि उनसे पूछा गया कि क्या आप लोग अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में (खाने की वस्तुओं का) पाँचवाँ भाग निकालते थे? तो उन्होंने कहाः हमने ख़ैबर के दिन खाने की वस्तुएँ प्राप्त कीं, तो (एक-एक) आदमी आता और अपनी ज़रूरत भ…
जो अल्लाह तथा आख़िरत के दिन पर ईमान रखता हो, वह मुसलमानों के फ़य (मुश्रिकों से बिना युद्ध किए प्राप्त होने वाला धन) के जानवर पर इस तरह सवार न हो कि जब उसे कमज़ोर कर दे, तो उसे फ़य में लौटा दे और जो अल्लाह तथा आख़िरत के दिन पर ईमान रखता हो, वह मुसलमानों के फ़य के किसी कपड़े को इस तरह न पहने कि जब उसे पुराना कर दे, तो वापस कर दे।
रुवैफ़े बिन साबित अंसारी का वर्णन है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "जो अल्लाह तथा आख़िरत के दिन पर ईमान रखता हो, वह मुसलमानों के फ़य (मुश्रिकों से बिना युद्ध के प्राप्त होने वाला धन) के जानवर पर इस तरह सवार न हो कि जब उसे कमज़ोर कर दे, तो उसे फ़य लौटा दे…
मुसलमान अन्य लोगों के मुक़ाबले में एक हाथ की तरह हैं। उनका रक्त और उनका धन बराबर है। उनके निम्नतम व्यक्ति की दी हुई सुरक्षा भी इस लायक़ होती है कि सारे मुसलमान उसका सम्मान करें और मुसलमान (ग़नीमत का धन) अपने सबसे दूर में रहने वाले व्यक्ति को भी लौटाते हैं।"
अम्र बिन शुऐब अपने पिता से और वह अपने दादा से रिवायत करते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "मुसलमान अन्य लोगों के मुक़ाबले में एक हाथ की तरह हैं। उनका रक्त और उनका धन बराबर है। उनके निम्नतम व्यक्ति की दी हुई सुरक्षा भी इस लायक़ होती है कि सार…
मैं यहूदियों और ईसाइयों को ज़रूर अरब द्वीप से निकाल दूँगा, यहाँ तक कि मुसलमानों के सिवा किसी को नहीं छोड़ूँगा।
हम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ ख़ैबर युद्ध में शरीक हुए, जहाँ हमें बकरियाँ मिलीं, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उसका कुछ भाग हमारे बीच बाँट दिया और शेष को माल-ए-ग़नीमत में जमा कर दिया।
अब्दुर रहमान बिन ग़न्म कहते हैंः हम शुरहबील बिन सिम्त के साथ क़िन्नसरीन नगर की सीमाओं में तैनात थे। जब उन्होंने उसपर विजय प्राप्त की, तो वहाँ बकरियाँ और गाएँ मिलीं, जिसका कुछ भाग हमारे बीच बाँट दिया और शेष को माल-ए-ग़नीमत में जमा कर दिया। फिर मैंने मुआज़ बिन जबल (रज़ियल…
हमारे पास उमर बिन ख़त्ताब की मृत्यु से एक साल पहले उनका पत्र आया कि उन मजूसी विवाहों को निरस्त कर दो जो ऐसे संबंधियों के बीच हुए हैं, जिनके बीच विवाह उचित नहीं है।
बजाला कहते हैंः मैं अहनफ़ के चचा जज़ बिन मुआविया का लिपिक था। हमारे पास उमर बिन ख़त्ताब की मृत्यु से एक साल पहले उनका पत्र आया कि उन मजूसी विवाहों को निरस्त कर दो, जो ऐसे संबंधियों के बीच हुए हैं, जिनके बीच विवाह उचित नहीं है। तथा उमर बिन ख़त्ताब (रज़ियल्लाहु अंहु) ने म…
नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने ख़ालिद बिन वलीद को दूमतल जंदल के सरदार उकैदिर की ओर भेजा, जिसे गिरफ़तार करके आपके पास लाया गया, तो आपने उसके रक्त को सुरक्षित कर दिया और जिज़या लेकर उससे समझौता कर लिया।
अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अंहु) और उसमान बिन अबू सुलैमान (रज़ियल्लाहु अंहु) का वर्णन है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने ख़ालिद बिन वलीद को दूमतल जंदल के सरदार उकैदिर की ओर भेजा, जिसे गिरफ़तार करके आपके पास लाया गया, तो आपने उसके रक्त को सुरक्षित कर दिया और जिज़या…
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने जब उन्हें यमन भेजा, तो आदेश दिया कि वह हर तीस गायों पर एक एक वर्षीय बछड़ा या बछिया लें
मुआज़ रज़ियल्लाहु अन्हु से वर्णित है : नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने जब उन्हें यमन भेजा, तो आदेश दिया कि वह हर तीस गायों पर एक एक वर्षीय बछड़ा या बछिया लें और हर चालीस गायों पर एक दो वर्षीय गाय वसूल करें, तथा हर बालिग़ व्यक्ति से एक दीनार या उसके बराबर मआफ़िरी कपड़े,…

