अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अंहुमा) अल्लाह तआला के इस फरमानः {فَلا تَجْعَلُوا لِلَّهِ أَنْدَادًا وَأَنْتُمْ تَعْلَمُونَ} (अर्थात, तुम अल्लाह के साझी न ठहराओ, जबकि तुम सब कुछ जान रहे हो।) के बारे में कहते हैंः "यहाँ 'الأنداد' से अभिप्राय शिर्क है, जो रात के अंधेरे में काले चिकने पत्थर पर चींटी के चलने से भी अधिक छिपा होता है।"
अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अंहुमा) अल्लाह तआला के इस फरमानः {فَلا تَجْعَلُوا لِلَّهِ أَنْدَادًا وَأَنْتُمْ تَعْلَمُونَ} (अर्थात, तुम अल्लाह के साझी न ठहराओ, जबकि तुम सब कुछ जान रहे हो।) के बारे में कहते हैंः "यहाँ 'الأنداد' से अभिप्राय शिर्क है, जो रात के अंधेरे…

