افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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Prophetic Hadeeth Encyclopedia

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#10980HadeethEnc[सह़ीह़]

जब नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की मृत्यु हुई, तो सहाबा ने कहाः आपको कहाँ दफ़न किया जाए? तब अबू बक्र -रज़ियल्लाहु अंहु- ने कहाः उसी स्थान में जहाँ आपकी मृत्यु हुई है।

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#10982HadeethEnc[ह़सन]

नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की मृत्यु के पश्चात अबू बक्र -रज़ियल्लाहु अंहु- आपके पास आए, आपकी दोनों आँखों के बीच बोसा दिया, आपकी दोनों कंपटियों पर दोनों हाथ रखे और फ़रमायाः हाय मेरे नबी! हाय मेरे परम मित्र! हाय मेरे ख़ालिस दोस्त!

आइशा -रज़ियल्लाहु अंहा- का वर्णन है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की मृत्यु के पश्चात अबू बक्र -रज़ियल्लाहु अंहु- आपके पास आए, आपकी दोनों आँखों के बीच बोसा दिया, आपकी दोनों कंपटियों पर दोनों हाथ रखे और फ़रमायाः हाय मेरे नबी! हाय मेरे परम मित्र! हाय मेरे ख़ालिस दोस्त…

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#10983HadeethEnc[सह़ीह़]

जिस दिन अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मदीने में क़दम रखा, तो उसकी हर चीज़ चमक उठी और जिस दिन आपकी मृत्यु हुई, उसकी हर चीज़ पर अंधेरा छा गया।

अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अंहु- कहते हैं कि जिस दिन अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मदीने में क़दम रखा, तो उसकी हर चीज़ चमक उठी और जिस दिन आपकी मृत्यु हुई, उसकी हर चीज़ पर अंधेरा छा गया। जब हमने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को दफ़न करके हाथ झा…

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#10986HadeethEnc[सह़ीह़]

मेरे वारिस न दीनार तक़सीम करेंगे, न दिरहम। जो कुछ मैं अपनी पत्नियों के ख़र्च और अपने लिये काम करने वाले (ख़लीफ़ा आदि ) के ख़र्च के बाद छोड़ूँ, वह सदक़ा है।

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#10987HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने न दीनार छोड़े, न दिरहम, न बकरी, न ऊँट और न किसी चीज़ की वसीयत की।

आइशा -रज़ियल्लाहु अंहा- का वर्णन है, वह कहती हैंः अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने न दीनार छोड…

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#10988HadeethEnc[सह़ीह़]

किसी भी नबी को जब उठाया गया, तो उसे जन्नत में उसका ठिकाना दिखा दिया गया और फिर उसे अख़्तियार दिया गया (कि चाहे तो दुनिया में रहे या जन्नत में अपना स्थान ग्रहण कर ले)।" फिर जब आपकी मृत्यु का समय आया, तो आप बेहोश हो गए। उस समय आपका सर मेरी जाँघ पर था। होश आया, तो घर की छत की ओर नज़र उठाई और फ़रमायाः "ऐ अल्लाह, सबसे ऊँचा मित्र!"

आइशा -रज़ियल्लाहु अंहा- का वर्णन है कि अल्लाह रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब स्वस्थ थे, तो कहा करते थेः "जब किसी नबी को उठाया गया, तो उसे जन्नत में उसका ठिकाना दिखा दिया गया और फिर उसे अख़्तियार दिया गया (कि चाहे तो दुनिया में रहे या जन्नत में अपना स्थान ग्रहण कर ले…

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#10992HadeethEnc[सह़ीह़]

मूसा -अलैहिस्सलाम- एक शर्मीले व्यक्ति थे और परदे का ख़ास ख़याल रखते थे। हया के कारण उनके शरीर की त्वचा का कोई अंग नहीं दिखता था। इसी को लेकर बनी इसराईल के कुछ लोगों ने उन्हें कष्ट दिया।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अंहु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "मूसा -अलैहिस्सलाम- एक -शर्मीले- व्यक्ति थे और परदे का ख़ास ख़याल रखते थे। हया के कारण उनके शरीर की त्वचा का कोई अंग नहीं दिखता था। इसी को लेकर बनी इसराईल के कुछ लोगों ने उन्…

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#10993HadeethEnc[सह़ीह़]

ईसा बिन मरयम -अलैहिस्सलाम- ने एक व्यक्ति को चोरी करते देखा, तो उससे कहाः क्या तूने चोरी की है? उसने कहाः बिलकुल नहीं, उस अल्लाह की क़सम, जिसके सिवा कोई वंदनीय नहीं है। इस पर ईसा -अलैहिस्सलाम- ने कहाः मैं अल्लाह पर ईमान लाया और अपनी आँख को झुठलाया।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अंहु- का वर्णन है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "ईसा बिन मरयम -अलैहिस्सलाम- ने एक व्यक्ति को चोरी करते देखा, तो उससे कहाः क्या तूने चोरी की है? उसने कहाः बिलकुल नहीं, उस अल्लाह की क़सम, जिसके सिवा कोई वंदनीय नहीं है। इसपर ईसा -अलै…

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#10994HadeethEnc[सह़ीह़]

जब कोई आदम की संतान जन्म लेती है, तो उसके जन्म के समय शैतान उसे छूता है और शैतान के छूने के कारण वह चीख पड़ती है। अलबत्ता मरयम और उनके बेटे के साथ ऐसा नहीं हुआ।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अंहु- कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को कहते हुए सुनाः "जब कोई आदम की संतान जन्म लेती है, तो उसके जन्म के समय शैतान छूता है और शैतान के छूने के कारण वह चीख पड़ती है। अलबत्ता मरयम और उनके बेटे के साथ ऐसा नहीं हुआ।" फिर…

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#10995HadeethEnc[सह़ीह़]

ख़ज़िर को ख़ज़िर का नाम इसलिए दिया गया कि (एक बार) वह एक सूखे खेत में बैठे, तो देखते ही देखते उनके पीछे हरियाली लहलहाने लगी।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अंहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "ख़ज़…

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#10996HadeethEnc[सह़ीह़]

वस्वयं श्रेष्ठ, श्रेष्ठ के पुत्र, श्रेष्ठ के पोते, श्रेष्ठ के पडपोते यूसुफ़ बिन याक़ूब बिन इसहाक़ बिन इबराहीम -अलैहिमुस्सलाम।

अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अंहुमा- कहते हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "स्वयं श्…

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#10997HadeethEnc[सह़ीह़]

किसी बंदे के लिए यह कहना उचित नहीं है कि मैं यूनुस बिन मत्ता से उत्तम हूँ।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अंहुमा- का वर्णन है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "कि…

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