Prophetic Hadeeth Encyclopedia
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''मेरे सहाबा को बुरा-भला मत कहो। तुममें से कोई यदि उहुद पर्वत के बराबर सोना ख़र्च कर दे, तब भी उनके एक या आधा मुद खर्च करने के बराबर नेकी प्राप्त नहीं कर सकता।
अबू सईद ख़ुदरी रज़ियल्लाहु अन्हु से वर्णित है, वह कहते हैं अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : ''मेरे सहाबा को बुरा-भला मत कहो। तुममें से कोई यदि उहुद पर्वत के बराबर सोना ख़र्च कर दे, तब भी उनके एक या आधा मुद खर्च करने के बराबर नेकी प्राप्त नहीं कर स…
कोई ऐसा व्यक्ति जहन्नम हरगिज़ नहीं जाएगा, जो बद्र एवं हुदैबिया में शामिल रहा हो।
जाबिर -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह बयान करते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़र…
ऐ अल्लाह, अनसार को क्षमा कर दे, अनसार के पुत्रों को क्षमा कर दे तथा अनसार के पुत्रों के पुत्रों को क्षमा कर दे।
मैंने अब्दुल्लाह बिन अम्र -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से पूछा कि मुश्रिकों का अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ कठोरतम व्यवहार क्या था? तो उन्होंने कहाः मैंने देखा कि जिस समय रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम नमाज़ पढ़ रहे थे उस समय उक़बा बिन अबी मुईत अआप के पास आया तथा उसने अपनी चादर आपकी गरदन में डाली और ज़ोर से आपका गला घोंटने लगा।
उरवा बिन ज़ुबैर कहते हैं कि मैंने अब्दुल्लाह बिन अम्र -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से पूछा कि मुश्रिकों का अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ कठोरतम व्यवहार क्या था? तो उन्होंने कहाः मैंने देखा कि जिस समय रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम नमाज़ पढ़ रहे थे उस समय उक़…
अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अबू बक्र और उमर रज़ियल्लाहु अनहुमा से फ़रमाया : "यह दोनों नबियों और रसूलों को छोड़ तमाम अगले और पिछले अधेड़ उम्र जन्नतियों के सरदार हैं।
अल्लाह ने सत्य को उमर की ज़ुबान और दिल में रख दिया है।
अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अंहुमा- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "अल्लाह ने सत्य को उमर की ज़ुबान और दिल में रख दिया है।" अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अन्हुमा -कहते हैंः जब भी लोगों के सामने कोई मामला आता और लोग उसके बारे म…
फ़ातिमा मेरा अंग है, जिसने उसे नाराज़ किया, उसने मुझे नाराज़ किया।
हसन और हुसैन जन्नत के जवानों के सरदार हैं।
इसे देखो, मुझसे मच्छर को मारने के बारे में पूछ रहा है, जबकि इन्हीं लोगों ने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के नवासे का वध किया है। हालाँकि ख़ुद मैंने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को कहते सुना हैः "हसन और हुसैन दोनों दुनिया में मेरे पुष्प हैं।"
इब्न अबू नुअम कहते हैं कि मैं अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- के पास उपस्थित था। एक व्यक्ति ने उनसे मच्छर को मारने के बारे में पूछ लिया, तो अब्दुल्लाह -रज़ियल्लाहु अंहु- ने उससे कहाः तुम कहाँ के रहने वाले हो? उसने कहाः इराक़ का। फ़रमायाः इसे देखो, मुझसे मच्छर क…
ऐ अल्लाह, मैं इससे मुहब्बत करता हूँ, तू भी इससे मुहब्बत कर और हर उस व्यक्ति से मुहब्बत कर, जो इससे मुहब्बत करे।
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अंहु- कहते हैं कि मैं मदीने के किसी बाज़ार में अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ था। आप वापस हुए, तो मैं भी वापस हो गया। आप (फ़ातिमा रज़ियल्लाहु अंहु का घर पहुँचे और) बोलेः "बच्चा कहाँ है? -आपने यह बात तीन बार कही- हसन बिन अली को ब…
एक दिन नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- हसन -रज़ियल्लाहु अन्हु- को लेकर बाहर आए, उन्हें साथ लेकर मिंबर के ऊपर गए और फ़रमायाः "मेरा यह बेटा सरदार है। हो सकता है कि अल्लाह इसके द्वारा दो मुस्लिम गिरोहों के बीच सुलह करा दे।"
अबू बकरा -रज़ियल्लाहु अंहु- कहते हैं कि एक दिन नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- हसन -रज़ियल्लाहु अन्हु- को ल…

