افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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Prophetic Hadeeth Encyclopedia

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#11173HadeethEnc[सह़ीह़]

जिसने हसन और हुसैन से मुहब्बत की, उसने मुझसे मुहब्बत की और जिसने उन दोनों से दुश्मनी की, उसने मुझसे दुश्मनी की।

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#11174HadeethEnc[ह़सन]

तुम्हारे अंदर सबसे अच्छा व्यक्ति वह है, जो मेरे बाद मेरे परिवार के लिए सबसे अच्छा हो।" वह कहते हैंः अब्दुर्रहमान बिन औफ़ ने चार लाख में एक एक बाग़ बेचा और पूरा पैसा नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की पत्नियों में बाँट दिया।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "तुम्हारे अंदर सबसे अच्छा व्यक्ति वह है, जो मेरे बाद मेरे परिवार के लिए सबसे अच्छा हो।" वह कहते हैंः अब्दुर्रहमान बिन औफ़ ने चार लाख में एक बाग़ बेचा और पूरा पैसा नबी -सल…

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#11175HadeethEnc[सह़ीह़]

मुझे नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की पत्नियों में से केवेल ख़दीजा पर ग़ैरत आती थी। हालाँकि मेरे विवाह से पहले ही उनका निधन हो चुका था। वह कहती हैंः अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब बकरी ज़बह करते, तो कहतेः "इस में से ख़दीजा की सहेलियों को भेजो।"

आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- कहती हैं कि मुझे नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की पत्नियों में से केवेल ख़दीजा पर ग़ैरत आती थी। हालाँकि मेरे विवाह से पहले ही उनका निधन हो चुका था। वह कहती हैंः अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब बकरी ज़बह करते, तो कहतेः "इस में से ख़…

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#11176HadeethEnc[सह़ीह़]

जब तक ख़दीजा -रज़ियल्लाहु अन्हा- जीवित रहीं, नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने दूसरा निकाह नहीं किया।

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#11177HadeethEnc[सह़ीह़]

जिबरील एक हरे रंग के रेशमी कपड़े में आइशा का चित्र लेकर नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए और कहाः यह दुनिया तथा आख़िरत में आपकी पत्नी है।

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#11178HadeethEnc[सह़ीह़]

"ऐ आइश! यह जिबरील हैं, जो तुम्हें सलाम कहते हैं।" तो मैंने यूँ जवाब दियाः "व अलैहिस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु। आप वह देखते हैं, जो मैं नहीं देखती।"

आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- से रिवायत है कि एक दिन नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उनसे फरमाया: "ऐ आइश! यह जिबरील हैं, जो तुम्हें सलाम कहते हैं।" तो मैंने यूँ जवाब दियाः "व अलैहिस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु। आप वह देखते हैं, जो मैं नहीं देखती।" उन्होंने यह -देखने की-…

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#11179HadeethEnc[सह़ीह़]

पुरुषों में से बहुत-से लोग संपूर्ण हुए, लेकिन स्त्रियों में से संपूर्ण केवल फ़िरऔन की पत्नी आसिया और मरयम बिंत इमरान हुईं। हाँ, सारी स्त्रियों में आइशा का वही स्थान है, जो सारे खानों में सरीद का है।

अबू मूसा -रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "पुरुषों में से बहुत-से लोग संपूर्ण हुए, लेकिन स्त्रियों में से संपूर्ण केवल फ़िरऔन की पत्नी आसिया और मरयम बिंत इमरान हुईं। हाँ, सारी स्त्रियों में आइशा का वही स्थान है, जो सा…

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#11180HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं निश्चित रूप से जानता हूँ कि कब तुम मुझ से ख़ुश रहती हो और कब मुझ से नाराज़ रहती हो।

आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- कहती हैं कि मुझसे अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फरमायाः "मैं निश्चित रूप से जानता हूँ कि कब तुम मुझ से ख़ुश रहती हो और कब मुझ से नाराज़ रहती हो।" मैंने कहाः "आप को इसका ज्ञान कैसाहोता है?" आपने फरमाया: "जब तुम मुझसे ख़ुश होती हो,…

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#11188HadeethEnc[सह़ीह़]

इबराहीम मेरा बेटा है। उसकी मृत्यु दूध पीने की अवस्था में हुई है। उसे दो दूध पिलाने वाली दाईयां प्राप्त होंगी, जो जन्नत में उसे दूध पिलाने का कार्य संपन्न करेंगी।

अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अंहु- का वर्णन है, वह कहते हैंः मैंने कोई ऐसा व्यक्ति नहीं देखा, जो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से अधिक अपने परिवार पर कृपा करता हो। वह कहते हैंः -आपके पुत्र- इबराहीम मदीने के निकट की एक बस्ती में दूध पी रहे था। आप उन्हें देखने ज…

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#11189HadeethEnc[सह़ीह़]

जब इबराहीम -रज़ियल्लाहु अन्हु- की मृत्यु हुई, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फरमायाः "जन्नत में उसके लिए एक दूध पिलाने वाली निर्धारित कर दी गई है।"

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#11190HadeethEnc[सह़ीह़]

हर उम्मत का एक 'अमीन' (जिसे अमानतदारी के कारण अन्य लोगों के मुक़ाबले में अधित ख्याति प्राप्त हो) होता है, और हमारी इस उम्मत का 'अमीन' अबू उबैदा बिन जर्राह (रज़ियल्लाहु अन्हु) है।

अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अंहु- नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से रिवायत करते हुए कहते हैंः "हर उम्मत का एक 'अमीन' (जिसे अमानतदारी के कारण अन्य लोगों के मुक़ाबले में अधित ख्याति प्राप्त हो) होता है, और हमारी इस उम्मत का 'अमीन' अबू उबैदा बिन जर्राह (रज़ियल्लाहु अन्हु) ह…

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