افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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अक़ीदा

12 hadeeths in this category
#3563HadeethEnc[सह़ीह़]

सिफ़ारिश करो, प्रतिफल प्राप्त करोगे तथा अल्लाह अपने नबी की ज़बान से वह निर्णय देगा, जो उन्हे पसंद होगा।

अबू मूसा अशअरी- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास जब कोई ज़रूरतमंद व्यक्ति आता तो अपने पास बैठे लोगों की ओर मुड़ते और कहतेः सिफ़ारिश करो, प्रतिफल प्राप्त करोगे तथा अल्लाह अपने नबी की ज़बान से वह निर्णय देगा, जो उन्हें पसंद…

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#3573HadeethEnc[स़ह़ीह़]

क्या मैं तुम्हें जन्नत जाने वालों के विषय में न बताऊँ? प्रत्येक कमज़रो एवं विनम्र व्यक्ति, जो अल्लाह पर क़सम उठा ले, तो अल्लाह उसकी क़सम की लाज रख ले। क्या मैं तुम्हें जहन्नम जाने वालों के विषय में न बताऊँ? प्रत्येक क्रूर अशिष्ट, कंजूस एवं अभिमानी व्यक्ति।

हारिसा बिन वह्ब ख़ुज़ाई रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को कहते हुए सुना है : "क्या मैं तुम्हें जन्नत जाने वालों के विषय में न बताऊँ? प्रत्येक कमज़रो एवं विनम्र व्यक्ति, जो अल्लाह पर क़सम उठा ले, तो अल्लाह उसकी…

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#3576HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ हारिसा की माता, जन्नत में बहुत- सी श्रेणियाँ हैं और तुम्हारे बेटे ने उसकी सबसे ऊँची श्रेणी अल-फ़िरदौस प्राप्त कर ली है।

अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है कि उम्मे रुबैयी बिंत बरा जो हारिसा बिन सुराक़ा की माँ हैं, अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आईं और बोलींः ऐ अल्लाह के रसूल, क्या आप मुझे हारिसा के बारे में- जो बद्र के दिन मारे गए थे- नहीं बताएँगे? यदि वह जन्नत में है…

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#3594HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अल्लाह, मेरे समुदाय के लोगों को क्षमा कर दे, क्योंकि वे जानते नहीं हैं

अबू अब्दुर्रहमान अब्दुल्लाह बिन मसऊद- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि ऐसा महसूस होता है कि मैं अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को देख रहा हूँ कि आप एक नबी की घटना सुना रहे हैं, जिसे उसके समुदाय के लोगों ने मार- मार कर लहूलुहान कर दिया था और वह अपने चेहरे से रक्…

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#3597HadeethEnc[सह़ीह़]

कुछ लोग अल्लाह के नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए और कहा कि हमारे साथ कुछ लोगों को भेजें, जो हमें क़ुरआन और सुन्नत सिखाएँ। अतः आपने उनकी ओर सत्तर अंसारियों को भेजा, जिन्हें 'अल-क़ुर्रा' (क़ुरआन पढ़ने वाले) कहा जाता था। उनमें मेरे मामा ह़राम भी शामिल थे।

अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैंः कुछ लोग अल्लाह के नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए और कहा कि हमारे साथ कुछ लोगों को भेजें, जो हमें क़ुरआन और सुन्नत सिखाएँ। अतः आपने उनकी ओर सत्तर अंसारियों को भेजा, जिन्हें 'अल-क़ुर्रा' (क़ुरआन पढ़ने वाले) कहा जाता था। उनमें मे…

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#3624HadeethEnc[सह़ीह़]

जन्नत में एक सौ श्रेणियाँ हैं, जिन्हें अल्लाह ने अपने मार्ग में जिहाद करने वालों के लिए तैयार कर रखा है। दो श्रेणियों के बीच उतना फ़ासिला है, जितना आकाश और धरती के बीच में है।

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "जन्नत में एक सौ श्रेणियाँ हैं, जिन्हें अल्लाह ने अपने मार्ग में जिहाद करने वालों के लिए तैयार कर रखा है। दो श्रेणियों के बीच उतना फ़ासिला है, जितना आकाश और धरती के बीच म…

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#3636HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मैं अपने बारे में अपने बंदे की सोच के निकट होता हूँ तथा मैं उसके साथ होता हूँ, वह जब भी मुझे याद करे।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "उच्च एवं महान अल्लाह कहता है : मैं अपने बारे में अपने बंदे की सोच के निकट होता हूँ तथा मैं उसके साथ होता हूँ, वह जब भी मुझे याद करे। अगर वह अपने मन में मुझे या…

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#3667HadeethEnc[सह़ीह़]

जब अल्लाह किसी समुदाय पर अनुग्रह करना चाहता है, तो उससे पहले ही उसके नबी को उठा लेता है और उसे उसका अग्रदूत और सिफ़ारिशी बना देता है

अबू मूसा अशअरी- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "जब अल्लाह किसी समुदाय पर अनुग्रह करना चाहता है, तो उससे पहले ही उसके नबी को उठा लेता है और उसे उसका अग्रदूत और सिफ़ारिशी बना देता है। तथा जब किसी समुदाय का विनाश चाहत…

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#3700HadeethEnc[स़ह़ीह़]

“अगर यह सच कह रहा है, तो कामयाब हो गया।”

तलहा बिन उबैदुल्लाह रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है, वह कहते हैं : नज्द का एक व्यक्ति अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास आया। उसके बाल बिखरे हुए थे। हम उसकी आवाज़ का गुंजन तो सुन रहे थे, मगर यह नहीं समझ पा रहे थे कि वह कह क्या रहा है? यहाँ तक कि अल्लाह के रसूल…

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#3711HadeethEnc[स़ह़ीह़]

सबसे उत्तम दिन जिसमें सूरज निकला, जुमा का दिन है।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "सबसे उत…

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#3743HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह मूसा पर दया करे, उन्हें इससे भी अधिक कष्ट दिया गया, परन्तु सब्र से काम लिया

अब्दुल्लाह बिन मसऊद- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि हुनैन के दिन अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने ग़नीमत के धन के बँटवारे के समय कुछ लोगों को वरीयता दी। इसी क्रम में अक़रा बिन हाबिस को सौ ऊँट दिए, उययना बिन हिस्न को भी इतने ही ऊँट दिए और इनके अलावा कई अरब सर…

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#3752HadeethEnc[दोनों रिवायतों को मिलाकर सह़ीह़]

किसी ने कोई भोजन ग्रहण नहीं किया, जो उसके हाथ की कमाई के भोजन से उत्तम हो तथा अल्लाह के नबी दाऊद (अलैहिस्सलाम) अपने हाथ की कमाई से खाते थे

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत करते हैं कि आपने फ़रमायाः "दाऊद (अलैहिस्सलाम) अपने हाथ की कमाई ही से खाते थे।" तथा मिक़दाम बिन मादीकरिब- रज़ियल्लाहु अन्हु- अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत करते हैं कि आ…

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