नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म- ने तीन दिरहम कीमत वाली ढाल चोरी करने के जुर्म में हाथ काटा।
अब्दुल्लाह बिन उमर- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म- ने तीन दिरहम कीमत व…
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अब्दुल्लाह बिन उमर- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म- ने तीन दिरहम कीमत व…
अब्दुल्लाह बिन उमर- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि यहूदियों ने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आकर कहा कि उनमें से एक पुरुष एवं एक स्त्री ने व्यभिचार किया है। अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उनसे कहा कि तुम तौरात में संगसार के बारे में क्…
अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, वह कहते हैं : एक औरत अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व…
इमरान बिन हुसैन- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि एक आदमी ने दाँत से एक आदमी का हाथ काट लिया। उसने अपना हाथ काटने वाले के मुँह से खींचा, तो उसके सामने के दाँत गिर गए। ऐसे में, दोनों नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास निर्णय के लिए आए। आपने फ़रमायाः "कोई अपने भाई को ऐ…
अब्दुल्लाह बिन उमर- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल- सल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सोने की एक अँगूठी बनवाई। जब उसे पहनते, तो उसके नगीने को हथेली के भीतरी भाग में रखते। लोगों ने भी ऐसा करना शुरू कर दिया। फिर एक दिन आप मिंबर पर बैठे और उसे निकालते हुए कहाः "मै…
अब्दुल्लाह बिन अबू औफ़ा- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल-सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- एक युद्ध में, जिसमें शत्रु का सामना था, प्रतीक्षा में रहे, यहाँ तक कि जब सूर्य ढल गया, तो अपने साथियों के बीच खड़े हुए और कहाः "लोगो, दुश्मन से मुठभेड़ की कामना न करो, बल्कि…
अब्दुल्लाह बिन उमर- रज़ियल्लाहु अंहुमा कहते हैं कि उमर- रज़ियल्लाहु अन्हु- ने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के मिंबर पर खड़े होकर कहाः ऐ लोगो, शराब हराम की गई है, वह पाँच वस्तुओं से बनती हैः अंगूर, खजूर, मधु, गेहूँ और जौ से। शराब वह है, जो अक़्ल को ढाँप ले।…
आयशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- कहती हैं कि कुरैश को एक मख़ज़ूमी स्त्री के मामले ने चिंतित किया, जिसने चोरी की थी। उन्होंने कहा कि इसके बारे में कौन अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से बात कर सकता है? फिर उन्होंने कहा कि इस कार्य की जुर्रत अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अ…
अबू सालबा खुशनी (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि मैंने रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आकर कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, हम अहले किताब की धरती में रहते हैं, क्या हम उनके बरतनों में खा सकते हैं? तथा हम शिकार वाले क्षेत्र में रहते हैं और मैं अपने तीर तथा सधाए हुए एवं बिना…
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "अल्लाह ने उस व्यक्ति की ज़िम्मेवारी ली है, जो उसके रास्ते में जिहाद कि लिए निकला। अल्लह कहता है कि यदि उसे मेरे रास्ते में जिहाद, मुझपर ईमान तथा मेरे रसूल की पुष्टि की भावना ही ने निक…
अनस (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि हमने मर्रुज़ ज़हरान में एक खरगोश का पीछा किया। और लोग भी उसके पीछे दौड़े, लेकिन थक गए। अलबत्ता, मैंने पकड़ लिया। उसे लेकर अबू तलहा के पास आया, तो उन्होंने ज़िबह किया और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को उसका नितंब एवं दोनों…
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