افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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व्यभिचार की हद (दंड)

11 hadeeths in this category
#2933HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मस्जिद में थे कि एक मुसलमान आपके पास आया और बोलाः ऐ अल्लाह के रसूल! मैं व्यभिचार में लिप्त हो गया हूँ।

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं किः अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मस्जिद में थे कि एक मुसलमान आपके पास आया और बोलाः ऐ अल्लाह के रसूल! मैं व्यभिचार में लिप्त हो गया हूँ। उसकी बात सुनकर आपने अपना चेहरा फेर लिया। लेकिन उसने फिर आपके सामने आकर कहाः ऐ अल्…

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#2948HadeethEnc[सह़ीह़]

यहूदियों ने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आकर कहा कि उनमें से एक पुरुष एवं एक स्त्री ने व्यभिचार किया है।

अब्दुल्लाह बिन उमर- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि यहूदियों ने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आकर कहा कि उनमें से एक पुरुष एवं एक स्त्री ने व्यभिचार किया है। अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उनसे कहा कि तुम तौरात में संगसार के बारे में क्…

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#2968HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी (सल्ल्लाहु अलैहि व सल्लम) से उस दासी के बारे में पूछा गया, जो व्यभिचार में लिप्त हो गई हो और शादीशुदा न हो?

अबू हुरैरा और ज़ैद बिन खालिद जुहनी (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) कहते हैं कि नबी (सल्ल्लाहु अलैहि व सल्लम) से उस दासी के बारे में पूछा गया, जो व्यभिचार में लिप्त हो गई और शादीशुदा न हो? तोआप ने फ़रमायाः यदि वह व्यभिचार करे, तो उसे कोड़े लगाओ। फिर व्यभिचार करे, तो फिर कोड़े लगाओ…

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#3380HadeethEnc[सह़ीह़]

इसने ऐसी तौबा की है कि यदि उसे मदीने के सत्तर (70) लोगों के बीच बाँट दिया जाए, तो सबको काफ़ी हो जाए। क्या उसने इससे उत्तम भी कुछ पाया कि (सर्वशक्तिमान एवं महान) अल्लाह के लिए अपना प्राण त्याग दे?

अबू नुजैद इमरान बिन हुसैन ख़ुज़ाई (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि (क़बीला) जुहैना की एक स्त्री अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आई, जो ज़िना (व्यभिचार) के कारण गर्भवती थी। वह बोलीः ऐ अल्लाह के रसूल, मैं हद की हक़दार हो चुकी हूँ, अतः मुझपर हद जारी कीज…

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#5649HadeethEnc[सह़ीह़]

जुहैना नामक क़बीले की एक स्त्री नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आई, जो व्यभिचार के कारण गर्भवती थी।

इमरान बिन हुसैन (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) का वर्णन है कि जुहैना नामक क़बीले की एक स्त्री नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आई, जो व्यभिचार के कारण गर्भवती थी, तथा बोलीः ऐ अल्लाह के रसूलः मैं हद (दंड) की पात्र हूँ। अतः आप मेरे ऊपर हद जारी कीजिए। अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाह…

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#6760HadeethEnc[सह़ीह़]

उस ज़ात की क़सम, जिसके हाथ में मेरे प्राण हैं, मैं तुम्हारे बीच अल्लाह की पुस्तक के अनुसार ही निर्णय करूँगा। दासी और बकरियाँ तुम्हें वापस मिलेंगी। तुम्हारे बेटे को सौ कोड़े लगेंगे और उसे एक साल का देश निकाला दिया जाएगा। ऐ उनैस (असलम क़बीले का एक व्यक्ति), तुम इसकी पत्नी के पास जाओ। यदि वह स्वीकार कर ले, तो उसे संगसार (इस्लामी धर्मशास्त्र के अनुसार एक प्रकार का प्राणदंड जिसमें अपराधी को ज़मीन में कमर तक गाड़कर उसके सिर पर पत्थरों की वर्षा करके मार दिया जाता है) कर दो।

अबू हुरैरा और ज़ैद बिन ख़ालिद जुहनी -रज़ियल्लाहु अनहुमा- कहते हैं कि एक देहाती अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आकर बोलाः ऐ अल्लाह के रसूल, मैं आपको अल्लाह की क़सम देकर कहता हूँ कि आप हमारे बीच केवल अल्लाह की पुस्तक के अनुसार निर्णय करेंगे। दूसरे व्यक्ति…

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#58194HadeethEnc[सह़ीह़]

कोई मुसलमान, जो इस बात की गवाही देता हो कि अल्लाह के सिवा कोई सच्चा माबूद (उपास्य) नहीं और मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अल्लाह के रसूल हैं, उसका ख़ून केवल उसी समय हलाल होगा जब वह इन तीन लोगों में से कोई एक हो

आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- से रिवायत है, वह कहती हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “कोई मुसलमान, जो इस बात की गवाही देता हो कि अल्लाह के सिवा कोई सच्चा माबूद (उपास्य) नहीं और मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अल्लाह के रसूल हैं, उसका ख़ून केवल…

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#58229HadeethEnc[सह़ीह़]

मुझसे सीख लो, मुझसे सीख लो। अल्लाह ने उनके लिए राह निकाल दी है (यानी व्यभिचारियों की समस्या का समाधान कर दिया है)। कुँवारा यदि कुँवारी के साथ व्यभिचार करे तो उसको सौ कोड़े मारे जाएँगे तथा एक साल के लिए उसके नगर से निकाल दिया जाएगा और विवाहित पुरुष यदि विवाहिता के संग व्यभिचार करे तो उसको सौ कोड़े मारे जाएँगे तथा संगसार किया जाएगा।

उबादा बिन सामित (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “मुझसे सीख लो, मुझसे सीख लो। अल्लाह ने उनके लिए राह निकाल दी है (यानी व्यभिचारियों की समस्या का समाधान कर दिया है)। कुँवारा यदि कुँवारी के साथ व्यभिचा…

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#58230HadeethEnc[सह़ीह़]

जब माइज़ बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए (तथा अपने व्यभिचार व दुष्कर्म का इक़रार किया) तो आपने उनसे कहा : “हो सकता है तुमने चुंबन लिया हो अथवा उसको छुआ हो अथवा उसकी ओर देखा हो।” उन्होंने कहा : नहीं, ऐ अल्लाह के रसूल (ऐसी बात नहीं है)। तो आपने उनसे बिना किसी लाग-लपेट के पूछा : “क्या तुमने उसके संग संभोग किया है?” (जब उन्होंने इसका इक़रार कर लिया तो) आपने उनको संगसार करने का आदेश दिया।

अब्दुल्लाग बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से वर्णित है, वह कहते हैं कि जब माइज़ बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए (तथा अपने व्यभिचार व दुष्कर्म का इक़रार किया) तो आपने उनसे कहा : “हो सकता है तुमने चुंबन लिया हो अथवा उसको छुआ हो अथव…

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#58231HadeethEnc[सह़ीह़]

निःसंदेह अल्लाह ने मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को सत्य के साथ भेजा है और आपके ऊपर (कुरआन नामक) किताब उतारी है। आपपर जो आयतें उतारी गईं हैं, उनमें संगसार (इस्लामी धर्मशास्त्र के अनुसार एक प्रकार का प्राणदंड जिसमें अपराधी को ज़मीन में कमर तक गाड़कर उसके सिर पर पत्थरों की वर्षा करके मार दिया जाता है) की आयत भी थी। हमने उसको पढ़ा है, याद किया है तथा समझा है। चुनांचे अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने संगसार किया है और हमने भी आपके बाद संगसार किया है।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से वर्णित है कि उमर बिन ख़त्ताब (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने फ़रमाया, जबकि वह अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के मिंबर पर बैठे हुए थे : “निःसंदेह अल्लाह ने मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को सत्य के साथ भेजा है और आपके…

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#58237HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने (कुँवारे को कुँवारी के साथ व्यभिचार करने पर) कोड़े मारे और नगर से निकाला, अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने भी कोड़े मारे और नगर से निकाला तथा उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने भी कोड़े मारे और नगर से निकाला।

अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से वर्णित है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने (कुँवारे को कुँवारी के साथ व्यभिचार करने पर) कोड़े मारे और नगर से निकाला, अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने भी कोड़े मारे और नगर से निकाला तथा उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने भी कोड़े मा…

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