Prophetic Hadeeth Encyclopedia
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मुझे तुमपर जिन चीज़ों का डर है, उनमें से एक वह आदमी है, जो क़ुरआन पढ़ेगा, यहाँ तक कि जब क़ुरआन की चमक उसके ऊपर दिखने लगेगी और वह इसलाम का सहारा बन जाएगा, तो वह स्वयं को बदलकर वह बना लेगा, जो अल्लाह चाहे। चुनांचे वह इसलाम से निकल जाएगा और उसे अपने पीछे डाल देगा एवं अपने पड़ोसी पर तलवार लेकर चढ़ दौड़ेगा तथा उसपर शिर्क का लांछन लगाएगा।
ह़ुज़ैफा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “मुझे तुमपर जिन चीज़ों का डर है, उनमें से एक वह आदमी है, जो क़ुरआन पढ़ेगा, यहाँ तक कि जब क़ुरआन की चमक उसके ऊपर दिखने लगेगी और वह इसलाम का सहारा बन जाएगा, तो वह स्वयं को ब…
मैं अपनी उम्मत पर दो चीजों से डरता हूँः क़ुरआन और दूध। जहाँ तक दूध की बात है, तो लोग उसके कारण देहातों की ओर चले जाएँगे और अपनी इच्छाओं के पीछे भागेंगे तथा नमाज़ छोड़ेंगे। रही बात क़ुरआन की, तो मुनाफ़िक़ भी उसे सीख लेंगे और उसके आधार पर मोमिनों से बहस करेंगे।
उक़बा बिन आमिर (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “मैं अपनी उम्मत पर दो चीजों से डरता हूँः क़ुरआन और दूध। जहाँ तक दूध की बात है, तो लोग उसके कारण देहातों की ओर चले जाएँगे और अपनी इच्छाओं के पीछे भागेंगे तथा नमाज़ छोड़ेंगे।…
मेरी उम्मत के अधिकतर मुनाफ़िक़ क़ारी (क़ुरआन पढ़ने वाले लोग) होंगे।
एक व्यक्ति ने पूछाः ऐ अल्लाह के रसूल, क्या आदम (अलैहिस्सलाम) नबी थे? आपने फ़रमायाः हाँ! उन्होंने पूछाः उनके और नूह (अलैहिस्सलाम) के बीच कितनी अवधि थी? फ़रमायाः दस सदी। उन्होंने पूछाः नूह़ और इबराहीम (अलैहिमस्सलाम) के बीच कितनी अवधि थी? फ़रमायाः दस सदी। उन्होंने पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल, कुल कितने रसूल हुए हैं? फ़रमायाः तीन सौ पंद्रह।
अबू उमामा बाहिली (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि एक व्यक्ति ने पूछाः ऐ अल्लाह के रसूल, क्या आदम (अलैहिस्सलाम) नबी थे? आपने फ़रमायाः हाँ! उन्होंने पूछाः उनके और नूह (अलैहिस्सलाम) के बीच कितनी अवधि थी? फ़रमायाः दस सदी। उन्होंने पूछाः नूह़ और इबराहीम (अलैहिमस्सलाम) के…
अल्लाह ने इसमाईल की संतानों में से किनाना को चुन लिया, और किनाना में से क़ुरैश को चुन लिया, तथा क़ुरैश में से बनू हाशिम को चुन लिया, एवं बनू हाशिम में से मुझे चुन लिया, और मैं आदम की संतान का सरदार हूँ, लेकिन मैं गर्व नहीं करता हूँ। सबसे पहले मेरी ही क़ब्र खुलेगी, सबसे पहले मैं ही सिफ़ारिश करूँगा और सबसे पहले मेरी ही सिफ़ारिश क़बूल की जाएगी।
वासिला बिन असक़ा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “अल्लाह ने इसमाईल की संतानों में से किनाना को चुन लिया, और किनाना में से क़ुरैश को चुन लिया, तथा क़ुरैश में से बनू हाशिम को चुन लिया, एवं बनू हाशिम में से मुझे चुन लिय…
मेरे पाँच नाम हैंः मैं मुह़म्मद और अह़मद हूँ; मैं माह़ी (मिटाने वाला) हूँ, जिसके द्वारा अल्लाह कुफ्र को मिटाएगा; मैं हाशिर हूँ, जिसके बाद लोगों को क़ब्रों से उठाया जाएगा और मैं आक़िब हूँ (जिसके बाद कोई नबी नहीं होगा)।
जुबैर बिन मुतइम (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “मेरे पाँच नाम हैंः मैं मुह़म्मद और अह़मद हूँ; मैं माह़ी (मिटाने वाला) हूँ, जिसके द्वारा अल्लाह कुफ्र को मिटाएगा; मैं हाशिर हूँ, जिसके बाद लोगों को क़ब्रों से उठाया…
अल्ल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हमें अपने कई नाम बताए, जिनमें से कुछ हमने याद कर लिए। आपने फ़रमयाः “मैं मुह़म्मद, अहमद, मुक़फ़्फ़ी, हाशिर तथा नबी-ए-रहमत हूँ।" यज़ीद कहते हैंः "और नबी-ए-तौबा तथा नबी-ए-मलह़मा हूँ।"
अबू मूसा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि अल्ल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हमें अपने कई नाम बताए, जिनमें से कुछ हमने याद कर लिए। आपने फ़रमयाः “मैं मुह़म्मद, अहमद, मुक़फ़्फ़ी, हाशिर तथा नबी-ए-रहमत हूँ।" यज़ीद कहते हैंः "और नबी-ए-तौबा तथा नबी-ए-मलह़मा हूँ…
अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) बच्चों के साथ खेल रहे थे कि आपके पास जिबरील (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) आए और आपको पकड़कर चित लिटा दिया तथा आपके सीने को चीरकर हृदय निकाला, फिर उसमें से जमे हुए रक्त का एक लोथड़ा निकाला और फरमायाः यह आपके शरीर में शैतान का भाग था।
अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) वर्णन करते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) बच्चों के साथ खेल रहे थे कि आपके पास जिबरील (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) आए और आपको पकड़कर चित लिटा दिया तथा आपके सीने को चीरकर हृदय निकाला, फिर उसमें से जमे हुए रक्त का एक लोथड़…
हम लोग नमाज़ पढ़ते और हमारे आगे से पशु गुजरते रहते। हमने इसका उल्लेख अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से किया, तो आपने फरमयाः "कजावे के पिछले भाग की लकड़ी के समान कोई वस्तु अपने सामने रख लो, तो सामने से गुज़रने वाली कोई चीज़ तुम्हें नुक़सान नहीं पहुँचाएगी।
तलहा बिन उबैदुल्लाह (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है, वह कहते हैं : हम लोग नमाज़ पढ़ते और हमारे आगे से पशु गुजरते रहते। हमने इसका उल्लेख अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से किया, तो आपने फ़रमयाः "कजावे के पिछले भाग की लकड़ी के समान कोई वस्तु अपने सामने रख लो, त…
जब तुममें से कोई नमाज़ पढ़े, तो अपनी नमाज़ के लिए कोई ओ़ट बना ले, चाहे वह एक तीर ही क्यों न हो।
सबरा बिन माबद जुहनी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः“जब तु…
जब तुममें से कोई नमाज़ के लिए खड़ा हो और उसके सामने कजावे के पिछले भाग की लकड़ी के समान कोई वस्तु हो, तो वह उसके लिए ओट हो जाती है। किंतु, यदि उसके सामने कजावे के पिछले भाग की लकड़ी के समान कोई वस्तु न हो, तो उसकी नमाज़ को गधा, महिला तथा काला कुत्ता भंग कर देते हैं।
अबूज़र (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "जब तुममें से कोई नमाज़ के लिए खड़ा हो और उसके सामने कजावे के पिछले भाग की लकड़ी के समान कोई वस्तु हो, तो वह उसके लिए ओट हो जाती है। किंतु, यदि उसके सामने कजाव…

