नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर जब वह्य उतरती, तो उसके कारण आप बेचैन हो जाते और आपके चेहरे का रंग बदल जाता।
उबादा बिन सामित (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर जब वह्य…
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उबादा बिन सामित (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर जब वह्य…
आइशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) से वर्णित है, वह कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर सर्दी क…
अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) उच्च एवं महान अल्लाह के इस फ़रमान : {لا تُحَرِّكْ به لسانَك} [सूरा अल-क़यामह : 16] (अर्थात ऐ नबी, आप इसके साथ अपनी ज़बान को न हिलाएँ।) की तफ़सीर के विषय में कहते हैं : दरअसल, नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) क़ुरआन उतरते समय कठि…
सफ़वान बन याला से रिवायत है कि याला (रज़ियल्लाहु अंहु) ने उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) से कहा : जिस समय नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर वह्य उतर रही हो, तो आप मुझे दिखाएँ। वर्णनकर्ता का बयान है कि एक रोज़ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जिइर्राना में थे और सहाबा (रज़ियल्लाह…
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है, वह कहते हैं कि रमज़ान में मुआविया (रज़ियल्लाहु अन्हु) के पास कई प्रतिनिधि मंडल आए। हममें से कुछ लोग दूसरे लोगों के लिए भोजन तैयार करते थे। चुनांचे अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अंहु) अकसर हमें अपने आवास पर बुलाते थे। एक दिन मैंने स…
बरा बिन आज़िब (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) न…
अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से रिवायत है, वह बयान करते थे कि एक व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया और बोला : मैंने रात को स्वप्न में एक बादल देखा, जिससे घी एवं मधु टपक रहा था। मैंने देखा कि लोग उसमें से लप भर-भर कर ले रहे थे। को…
अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “मेरी बातों को न लिखो और जिसने मुझसे क़ुरआन के सिवा कुछ लिखा है, वह उसे मिटा दे और मेरी ओर से बयान करो तथा इसमें कोई हर्ज नहीं है। और जिसने मुझपर जान-बूझकर झूठ बोला,…
अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "किसी आदमी का यह कहना कि मैं अमुक-अमुक आयत भूल गया हूँ, नामुनासिब बात है। बल्कि वह भुला दिया गया है। क़ुरआन को लगातार याद करते रहो, क्योंकि क़ुरआन (गफलत बरतन…
अबू उमामा बाहिली (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को फ़रमाते हुए सुना : “क़ुरआन पढ़ो; क्योंकि क़ुरआन क़यामत के दिन अपने पढ़ने वालों के लिए सिफ़ारिशी बनकर आएगा। दो चमकती हुई सूरतेंः सूरा बक़रा तथा सूरा आल-ए-…
अब्दुल्लाह बिन अम्र (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से वर्णित है कि एक जमात नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के द्वार के पास बैठी थी कि उनमें से किसी ने कहाः क्या अल्लाह ने ऐसा-ऐसा नहीं फ़रमाया है? फिर किसी ने कहाः क्या अल्लाह ने ऐसा-ऐसा नहीं फ़रमाया है? अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु…
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