अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब शौच के स्थान से निकलते, तो कहते : "غُفْرَانَكَ" अर्थात, ऐ अल्लाह! मैं तुझसे क्षमा का प्रार्थी हूँ।
मुसलमानों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है कि : अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब शौच क…
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मुसलमानों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है कि : अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब शौच क…
सलमान (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि उनसे (उपहास के तौर पर) कहा गया: तुम्हारे नबी ने तुम्हें सब कुछ सिखाया है, यहाँ तक कि पाखाना करना भी! तो उनका कहना है कि उन्होंने कहा: हाँ! आपने हमें इस बात से मना किया है कि हम पाखाना तथा पेशाब के समय क़िबले की ओर मुँह करें, दाएँ…
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: दो लानत के…
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं : हम कुछ लोग अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के आस-पास बैठे हुए थे, तथा हमारे साथ अबू बक्र एवं उमर -रज़ियल्लाहु अनहुमा- भी उपस्थित थे। इसी बीच, अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- हमारे बीच से उठकर च…
उमर बिन ख़त्ताब (रज़ियल्लाहु अनहु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के सामने कुछ क़ैदी लाए गए। अचानक देखा गया कि क़ैदियों में से एक स्त्री दौड़ रही है। इतने में क़ैदियों में उसे अपना बच्चा मिल गया, तो उसे उठाकर अपने पेट से चिमटा लिया…
अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने, जबकि मुआज़ रज़ियल्लाहु अनहु सवारी पर आपके पीछे बैठे थे, फ़रमाया : "ऐ मुआज़ बिन जबल!" उन्होंने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! मैंं उपस्थित हूँ। आपने फिर कहा : "ऐ मुआज़ बिन जबल!" उन्होंने दोब…
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: एक व्यक्ति किसी रास्ते से गुज़र रहा था कि उसे सख़्त प्यास लगी। इतने में उसे एक कुआँ मिला, तो उसमें उतरकर उसने पानी पिया। ऊपर आया तो देखा कि एक कुत्ता प्यास के कारण हाँप रह…
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि हसन बिन अली (रज़ियल्लाहु अनहुमा) ने सदक़े की खजूरों में से एक खजूर उठाकर अपने मुँह में डाल लिया, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: थू, थू! इसे फेंक दो। क्या तुम नहीं जानते कि हम सदक़े की च…
जाबिर बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अनहुमा) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने (खाने के बाद) उँगलियों तथा प्लेट को चाट लेने का आदेश दिया है तथा फ़रमाया है: तुम नहीं जानते कि भोजन के किस अंश में बरकत है। एक रिवायत में है: जब तुममें से किसी का निवाल…
अबू बकरा (रज़ियल्लाहु अनहु) से रिवायत है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: ज़माना घूमकर आज फिर उसी हालत पर आ गया है, जो हालत उस दिन थी, जिस दिन अल्लाह ने आसमान व ज़मीन को पैदा किया था। साल के बारह महीने हैं, जिनमें चार महीने हराम (जिनमें युद्ध करना…
अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: काफ़िर जब कोई अच्छा काम करता है, तो उसके बदले में उसे दुनिया में रोज़ी दे दी जाती है, लेकिन जहाँ तक मोमिन की बात है, तो उसकी नेकियों को अल्लाह उसकी आख़िरत के लिए जमा रखत…
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