एक दिन मैं हफ़सा के घर की छत पर चढ़ा, तो देखा कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) शाम (प्रांत) की ओर मुँह करके तथा काबा की ओर पीठ करके शौच कर रहे हैं।
अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्ल्लाहु अंहुमा) से वर्णित है, कहते हैंः एक दिन मैं हफ़सा के घर की छत पर चढ़ा, तो देखा कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) शाम (प्रांत) की ओर मुँह करके तथा काबा की ओर पीठ करके शौच कर रहे हैं। तथा एक रिवायत में हैः आप बैतुल मक़्दिस की ओर पीठ किए हु…

