افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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फ़ज़ीलतें तथा आदाब

12 hadeeths in this category
#2932HadeethEnc[स़ह़ीह़ लि-ग़ैरिही (अन्य सनदों अथवा रिवायतों से मिलकर स़ह़ीह़)]

ऐ अब्बास, ऐ अल्लाह के रसूल के चचा, अल्लाह से दुनिया एवं आख़िरत में आफ़ियत (सलामती) माँगिए।

अब्बास बिन अब्दुल मुत्तलिब रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : मैंने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल, मुझे कोई ऐसी वस्तु सिखाइए, जो मैं सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह से माँगूँ। आपने फ़रमाया : "अल्लाह से आफ़ियत (सलामती) माँगिए।" जब कुछ दिन बीत गए, तो फिर मैं पहुँचा और कहा…

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#2935HadeethEnc[सह़ीह़]

जब तुम में से कोई खाना खा चुके, तो अपना हाथ चाटे अथवा चटवाए बिना साफ़ किए।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फरमायाः "जब तु…

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#2936HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जब क़यामत के दिन अल्लाह पहले के और बाद के तमाम लोगों को एकत्र करेगा, तो हर विश्वासघात करने वाले के लिए एक-एक झंडा ऊँचा किया जाएगा। कहा जाएगा : यह अमुक के पुत्र अमुक का विश्वासघात है।

अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अनहुमा- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "जब क़यामत के दिन अल्लाह पहले के और बाद के तमाम लोगों को एकत्र करेगा, तो हर विश्वासघात करने वाले के लिए एक-एक झंडा ऊँचा किया जाएगा। कहा जाएगा :…

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#2941HadeethEnc[स़ह़ीह़]

क्या मैं तुम्हें सबसे बड़े गुनाहों के बारे में न बताऊँ?

अबू बकरा रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है, उन्होंने कहा : अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रनाया : "क्या मैं तुम्हें सबसे बड़े गुनाहों के बारे में न बताऊँ?" आपने यह बात तीन बार दोहराई। हमने कहा : अवश्य, ऐ अल्लाह के रसूल! तो आपने फ़रमाया : "अल्लाह का साझी बनाना औ…

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#2944HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने हमें सात बातों का आदेश दिया है और सात जीचों से रोका है

बरा बिन आज़िब -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं : अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने हमें सात बातों का आदेश दिया है और सात जीचों से रोका है। हमें आदेश दिया है: रोगी का हाल जानने के लिए जाने का, जनाज़ा के पीछे चलने का, छींकने वाले का उत्तर देना का, क़…

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#2951HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल- सल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सोने की एक अँगूठी बनवाई।

अब्दुल्लाह बिन उमर- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल- सल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सोने की एक अँगूठी बनवाई। जब उसे पहनते, तो उसके नगीने को हथेली के भीतरी भाग में रखते। लोगों ने भी ऐसा करना शुरू कर दिया। फिर एक दिन आप मिंबर पर बैठे और उसे निकालते हुए कहाः "मै…

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#2954HadeethEnc[सह़ीह़]

शराब हराम की गई, वह पाँच वस्तुओं से बनती थीः अंगूर, खजूर, मधु, गेहूँ और जौ से।

अब्दुल्लाह बिन उमर- रज़ियल्लाहु अंहुमा कहते हैं कि उमर- रज़ियल्लाहु अन्हु- ने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के मिंबर पर खड़े होकर कहाः ऐ लोगो, शराब हराम की गई है, वह पाँच वस्तुओं से बनती हैः अंगूर, खजूर, मधु, गेहूँ और जौ से। शराब वह है, जो अक़्ल को ढाँप ले।…

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#2967HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अल्लाह के मार्ग में एक दिन की पहरेदारी दुनिया और उसकी तमाम चीज़ों से बेहतर है

सह्ल बिन साद साइदी -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : अल्लाह के मार्ग में एक दिन की पहरेदारी दुनिया और उसकी तमाम चीज़ों से बेहतर है जन्नत में तुम में से किसी एक के कोड़ा के रखने के बराबर स्थान दुनिया और उसकी सारी…

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#2979HadeethEnc[सह़ीह़]

अपने पास कुछ माल जमा रखो, यह तुम्हारे हित में बेहतर है

काब बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि मैंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! मैं अपनी तौबा क़बूल होने की खुशी में अपना सारा धन अल्लाह और उसके रसूल की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए सदक़ा करता हूँ। उनकी बात सुनकर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः अपना कुछ…

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#2981HadeethEnc[स़ह़ीह़]

तुमसे पहले एक व्यक्ति को ज़ख्म लगा, तो वह व्यथित हो गया और एक चाक़ू से अपना हाथ काट डाला। रक्त बंद न हुआ, यहाँ तक कि वह मर गया। अतः, अल्लाह तआला ने फ़रमाया : मेरे बंदे ने अपनी जान ख़त्म करने में जल्दबाज़ी से काम लिया, अतः मैंने उसपर जन्नत हराम कर दी।

हसन से रिवायत है, वह कहते हैं : हमसे जुनदुब बिन अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु ने इसी मस्जिद में बयान किया है और जब से उन्होंने बयान किया है, हम भूले नहीं हैं और हमें इस बात की भी आशंका नहीं है कि जुनदुब ने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के संबंध में झूठ बोला है। उनका…

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#2985HadeethEnc[स़ह़ीह़]

न रेशम पहनो और न दीबाज (मोटे रेशमी वस्त्र)। न सोने-चाँदी के बरतन में पियो और न उनकी थाली में खाओ। क्योंकि यह वस्तुएँ दुनिया में उन (काफ़िरों) के लिए हैं और आख़िरत में हमारे लिए।

अब्दुर रहमान बिन अबू लैला से रिवायत है कि वह हुज़ैफ़ा रज़ियल्लाहु अनहु के पास मौजूद थे कि उसी दौरान उन्होंने पीने के लिए पानी माँगा तो एक मजूसी ने पानी प्रस्तुत किया। जब उसने पानी का प्याला उनके हाथ में रखा, तो उन्होंने उसे उसी प्याले से मार दिया और फ़रमाया : अगर मैंने…

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