افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
#2944[स़ह़ीह़]
HadeethEnc · 1.58.0

अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने हमें सात बातों का आदेश दिया है और सात जीचों से रोका है

Available translations

Choose an available translation of this Hadeeth

01

Hadeeth text

बरा बिन आज़िब -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं : अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने हमें सात बातों का आदेश दिया है और सात जीचों से रोका है। हमें आदेश दिया है: रोगी का हाल जानने के लिए जाने का, जनाज़ा के पीछे चलने का, छींकने वाले का उत्तर देना का, क़सम पूरी करने में या क़सम खाने वाले की क़सम पूरी करने में सहयोग करना का, अत्याचार से पीड़ित व्यक्ति की सहायता करने का, निमंत्रण देने वाले का निमंत्रण स्वीकार करने का और सलाम को आम करने का। तथा हमें रोका है सोने की अंगूठी से, चाँदी के बरतन में पीने से, रेशमी ज़ीनपोश (मलमल के बिछौने) के इस्तेमाल और मिस्र के क़स्स नामी गाँव के बने हुए रेशमी वस्त्र, सामान्य रेशमी वस्त्र, मोटे रेशमी वस्त्र एवं बारीक रेशमी वस्त्र के इस्तेमाल से।
02

Explanation

अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मुसलमानों को सात कामों का आदेश दिया है और सात कामों से रोका है। आपने निम्नलिखित सात कामों का आदेश किया है : 1- बीमार व्यक्ति का हाल-चाल जानने के लिए जाना। 2- जनाज़े के पीछे चलना, मय्यित पर नमाज़े जनाज़ा पढ़ने और उसे दफ़न करने में शामिल होना तथा उसके लिए दुआ करना। 3- जब कोई व्यक्ति छींकने के बाद अल्हम्दुलिल्लाह कहे (यानी अल्लाह की प्रशंसा करे), तो उसके लिए यरहमुकल्लाह कहना चाहिए (यानी उसके लिए रहमत की दुआ करना चाहिए)। 4- क़सम खाने वाले को अपनी क़सम पर क़ायम रहने में मदद करना। यानी अगर किसी ने कोई काम करने की क़सम खाई और तुम उसे अपनी क़सम पर क़ायम रहने में मदद कर सकते हो, तो मदद ज़रूर करो, ताकि उसे क़सम का प्रायश्चित न करना पड़े। 5- पीड़ित की मदद करना। यानी उसके साथ खड़े होना और उसे जहाँ तक हो सके, अत्याचार से बचाना। 6- कोई निमंत्रण, जैसे वलीमे या अक़ीक़े आदि का निमंत्रण देने वाले का निमंत्रण स्वीकार करना। 7- सलाम करने और सलाम का उत्तर देने का प्रचलन आम करना। आपने जिन कार्यों से मना किया है, वो इस प्रकार हैं : 1- सोने की अंगोठी को पहनना तथा खुद को उससे सजाना। 2- चाँदी के बर्तन में कुछ पीना। 3- घोड़े की काठी तथा ऊँट के कजावे पर रखे हुए रेशम के गद्दे पर बैठना। 4- रेशम मिश्रित सूत से बना हुआ कपड़ा, जिसे अरबी में 'अल-क़सी' कहा जाता है, पहनना। 5- रेशम पहनना। 6- इस्तबरक़ यानी मोटा रेशम पहनना। 7- दीबाज पहनना, यह रेशम का सबसे बढ़िया और सबसे कीमती प्रकार है।
03

Benefits

एक मुस्लिम को दूसरे मुस्लिम पर प्राप्त कुछ अधिकारों का विवरण।
वास्तव में, सभी शरई आदेश और निषेध पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए हैं। इसके अपवाद केवल वही आदेश और निषेध हैं, जो विशेष रूप से पुरुषों या महिलाओं के लिए आए हुए हों।
दूसरी हदीसों से यह बात मालूम होती है कि जनाज़े के साथ महिलाएँ नहीं चलेंगी।
दूसरी हदीसों से यह बात भी मालूम होती है कि महिला का सोना और रेशम पहनना जायज़ है।

Attribution

[इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है]

Categories

Share

Share hadeeth

Sharing options · 0 Total shares

Share

← Back to encyclopedia
Shopping Basket

Loading...