افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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संसार प्रेम की मज़म्मत

12 hadeeths in this category
#3053HadeethEnc[स़ह़ीह़]

निश्चय ही दुनिया मीठी और हरी-भरी है और अल्लाह तुम्हें उसमें उत्तराधिकारी बनाने वाला है, ताकि देख सके कि तुम किस तरह के काम करते हो। अतः, दुनिया से बचो एवं स्त्रियों से बचो

अबू सईद ख़ुदरी रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "निश्चय ही दुनिया मीठी और हरी-भरी है और अल्लाह तुम्हें उसमें उत्तराधिकारी बनाने वाला है, ताकि देख सके कि तुम किस तरह के काम करते हो। अतः, दुनिया से बचो एवं स्त्रियों से बच…

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#3584HadeethEnc[सह़ीह़]

दुनिया मोमिन के लिए कारागार और काफ़िर के लिए जन्नत है

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "दुनिया…

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#3703HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ हकीम! यह धन देखने में सुहाना और खाने में मीठा होता है। जो इसे बिना किसी लोभ के लेता है, उसे उसमें बरकत दी जाती है, और जो इसे लोभ के साथ लेता है, उसे उसमें बरकत नहीं दी जाती तथा उसका हाल उस व्यक्ति की तरह हो जाता है जो खाता तो है, लेकिन संतुष्ट नहीं होता। तथा ऊपर वाला हाथ नीचे वाले हाथ से उत्तम है।

हकीम बिन हिज़ाम- रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से माँगा, तो मुझे दिया, फिर माँगा तो दिया, फिर माँगा तो दिया, फिर फ़रमायाः "ऐ हकीम! यह धन देखने में सुहाना और खाने में मीठा होता है। जो इसे बिना किसी लोभ के…

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#3768HadeethEnc[सह़ीह़]

मुझे लगता है कि तुम लोगों ने अबू उबैदा के बहरैन से कुछ धन लेकर आने की बात सुनी है।

अम्र बिन औफ़ अंसारी- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अबू उबैदा बिन जर्राह- रज़ियल्लाहु अन्हु- को बहरैन भेजा ताकि वहाँ का जिज़्या- टैक्स- लेकर आएँ। अतः, वह वहाँ से कुछ धन लेकर आए। अंसारियों को उनके आने की सूचना मिली तो फ़ज्र…

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#3788HadeethEnc[ह़सन]

सुन लो! दुनिया धिक्कारयोग्य है और जो कुछ उसमें है सब धिक्कारयोग्य है, सिवाय अल्लाह के ज़िक्र और उससे संबंधित वस्तुओं के तथा ज्ञानी एवं ज्ञानार्जन करने वाले व्यक्ति के।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि मैैंनेे अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को कहते हुए सुना है : "सुन लो! दुनिया धिक्कारयोग्य है और जो कुछ उसमें है सब धिक्कारयोग्य है, सिवाय अल्लाह के ज़िक्र और उससे संबंधित वस्तुओं के तथा ज्ञानी एवं ज्ञा…

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#3850HadeethEnc[सह़ीह़]

यदि मेरे पास उहुद पर्वत के बराबर सोना हो जाए तो मुझे यह अच्छा नहीं लगेगा कि उसका कुछ भी भाग मेरे पास तीन दिन तक बाकी रहे, सिवाय उसके जिसे मैंने क़र्ज़ चुकाने के लिए बचा रखा हो।

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः यदि मेरे पास उहुद पर्वत के बराबर सोना हो जाए तो मुझे यह अच्छा नहीं लगेगा कि उसका कुछ भी भाग मेरे पास तीन दिन तक बाकी रहे, सिवाय उसके जिसे मैंने क़र्ज़ चुकाने के लिए बचा र…

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#3876HadeethEnc[सह़ीह़]

आख़िरत की तुलना में दुनिया ऐसी है, जैसे तुममें से कोई अपनी उँगली समुद्र में डाले (और उठाए)। उसे देखना चाहिए कि उँगली के साथ कितना पानी आया।

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#4178HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह की क़सम! अल्लाह के निकट दुनिया उससे कहीं अधिक महत्वहीन है, जितना तुम्हारे निकट यह बकरी का बच्चा।

जाबिर- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) लोगों के साथ बाज़ार से गुज़रे। इसी बीच एक बकरी के मरे हुए छोटे कान वाले बच्चे के पास से गुज़रे तो आपने उसका कान पकड़कर कहाः तुममें से कौन इसे एक दिरहम के बदले में लेना पसंद करेगा? सहाबा ने…

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#4180HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मैं अपने बाद तुम्हारे बारे में जिन चीज़ों से डरता हूँ, उनमें से एक दुनिया की चमक-दमक और उसकी माया के दरवाज़ों का खुलना है।

तथा अबू सईद खुदरी रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : एक दिन अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मिंबर पर बैठे और हम भी आपके आस-पास बैठ गए। इस बीच आपने फ़रमाया : "मैं अपने बाद तुम्हारे बारे में जिन चीज़ों से डरता हूँ, उनमें से एक दुनिया की चमक-दमक और उसकी म…

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