افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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संसार प्रेम की मज़म्मत

12 hadeeths in this category
#4240HadeethEnc[सह़ीह़]

मृतक के साथ तीन चीज़ें जाती हैं; उसके घर के लोग, उसका धन और उसका कर्म। फिर दो चीज़ें लौट आती हैं और एक साथ रह जाती है। उसके घर के लोग और धन वापस आ जाते हैं और उसका कर्म उसके साथ रह जाता है।

अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः मृतक के साथ तीन चीज़ें जाती हैं; उसके घर के लोग, उसका धन और उसका कर्म। फिर दो चीज़ें लौट आती हैं और एक साथ रह जाती है। उसके घर के लोग और धन वापस आ जाते हैं और उसका कर्म उसके साथ…

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#4244HadeethEnc[सह़ीह़]

मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि भूख के कारण सारा दिन पेट पर झुके रहते थे (ताकि भूख की कठोरता कम महसूस हो)। आपको रद्दी खुजूर भी नहीं मिलती था, जिससे अपना पेट भर पाते।

नूमान बिन बशीर- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि उमर बिन ख़त्ताब- रज़ियल्लाहु अन्हु- ने लोगों को जो दुनिया प्राप्त हो चुकी थी, उसका ज़िक्र किया और फ़रमायाः मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि भूख के कारण सारा दिन पेट पर झुके रहते थे (ताकि भूख की कठो…

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#4963HadeethEnc[सह़ीह़]

यदि आदम की संतान को सोने की एक घाटी मिल जाए, तो वह चाहेगा कि उसे दो घाटियाँ मिल जाएँ। केवल मिट्टी ही उसके मुँह को भर सकती है तथा जो तौबा करेगा, अल्लाह उसकी तौबा क़बूल करेगा।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास, अनस बिन मालिक और अबू मूसा अशअरी (रज़ियल्लाहु अंहुम) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "यदि आदम की संतान को सोने की एक घाटी मिल जाए, तो वह चाहेगा कि उसे दो घाटियाँ मिल जाएँ। केवल मिट्टी ही उसके मुँह को भर सकती है…

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#5814HadeethEnc[स़ह़ीह़]

वह व्यक्ति सफल हो गया, जिसने इस्लाम ग्रहण कर लिया तथा उसे ज़रूरत भर रोज़ी मिल गई और अल्लाह ने जो कुछ उसे दिया है, उससे संतुष्ट रहा।

अब्दुल्लाह बिन अम्र -रज़ियल्लाहु अनहुमा- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़र…

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#5949HadeethEnc[सह़ीह़]

दीनार के बंदे का विनाश हो। दिरहम के बंदे का सर्वनाश हो। रेशमी कपड़े के बंदे का विनाश हो। रुएँदार कपड़े के बंदे का विनाश हो। अगर दिया गया तो प्रसन्न और न दिया गया तो अप्रसन्न। वह हलाक हो और नाकाम हो। अगर किसी परेशानी में पड़े तो कोई उसे सहारा देने वाला न हो।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अंहु) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः दीनार के बंदे का विनाश हो। दिरहम के बंदे का विनाश हो। रेशमी कपड़े के बंदे का विनाश हो। रुएँदार कपड़े के बंदे का विनाश हो। अगर दिया गया तो प्रसन्न और न दिया गया तो अप्रसन्न…

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#6204HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की ऊँटनी अ़ज़बा से कोई आगे नहीं जा सकता था

अनस (रज़ियल्लाहु अनहु) से रिवायत है, उन्होंने कहा कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की एक ऊँटनी थी, जिसे अ़ज़बा कहा जाता था । कोई ऊँटनी उसके आगे नहीं बढ़ सकती थी। आख़िर एक देहाती नौजवान ऊंट पर सवार होकर आया और उससे आगे निकल गया । मुसलमानों को यह बात अरुचिकर लग…

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#8410HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उहद के शहीदों के पास गए और आठ साल पश्चात उनके लिए दुआ की, जैसे जीवित तथा मृत को विदा कर रहे हैं और उनसे विदाई ले रहे हैं

उक़बा बिन आमिर (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उहद के शहीदों की क़ब्रों के पास गए और आठ साल पश्चात उनके लिए दुआ की, जैसे जीवित तथा मृत को विदा कर रहे हैं, फिर मेंबर पर चढ़े और फ़रमाया: बेशक मैं तुम से पूर्व ही जाने वाला हूँ और तु…

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#64681HadeethEnc[सह़ीह़]

जल्द ही तुम लोग इमारत और सरदारी की लालच करोगे। जबकि क़यामत के दिन तुम्हें उसकी वजह से नदामत और शर्मिंदगी होगी। दूध पिलाने वाली अच्छी होती है और दूध छुड़ाने वाली बुरी।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है, वह नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से बयान करते हैं कि आपने फ़रमाया : “जल्द ही तुम लोग इमारत और सरदारी की लालच करोगे। जबकि क़यामत के दिन तुम्हें उसकी वजह से नदामत और शर्मिंदगी होगी। दूध पिलाने वाली अच्छी होती है और दूध छुड़ाने वाल…

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#65820HadeethEnc[स़ह़ीह़]

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का बिस्तर चमड़े का था और उसकी भराई खजूर की छाल की थी

मुसलमानों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अन्हा का वर्णन है, वह कहती हैं : रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का बिस्तर चमड़े का था और उसकी भराई खजूर की छाल की थी। जबकि मुस्लिम की रिवायत में है : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का तकिया, जिस पर आप टेक लगाते थे, चमड़े…

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#66221HadeethEnc[स़ह़ीह़]

बूढ़े व्यक्ति का दिल हमेशा दो चीज़ों में जवान रहता है। दुनिया से प्रेम और लम्बी-लम्बी आशाओं में।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम-…

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