बूढ़े व्यक्ति का दिल हमेशा दो चीज़ों में जवान रहता है। दुनिया से प्रेम और लम्बी-लम्बी आशाओं में।
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अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को कहते हुए सुना है : "बूढ़े व्यक्ति का दिल हमेशा दो चीज़ों में जवान रहता है। दुनिया से प्रेम और लम्बी-लम्बी आशाओं में।"
Explanation
Benefits
लंबी-लंबी उम्मीदें पालने और धन एकत्र करने के लालच की बुराई की ओर इशारा। जिससे यह ज्ञात होता है कि इन्सान को मौत की तैयारी करनी चाहिए, धनी है तो सदक़ा करना चाहिए और निर्धन है तो किसी के सामने हाथ फैलाने से बचना चाहिए।
इन्सान की सबसे प्रिय वस्तु स्वयं वही है। अतः उसकी चाहत होती है कि वह बाक़ी रहे। इसी लिए वह लंबी उम्र चाहता है। वह धन भी चाहता है कि धन स्वास्थ्य एवं सुविधा का एक महत्वपूर्ण साधन है। अतः जैसे-जैसे उसे इन दोनों चीज़ों के समाप्त होने के समय के निकट होने का एहसास होता जाता है, वैसे-वैसे इनके लिए उसका प्रेम एवं इन्हें बाक़ी रखने की इच्छा प्रबल होती जाती है।
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