افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

12 hadeeths in this category
#64640HadeethEnc[सह़ीह़]

पुरस्कार के साथ प्रतियोगिता की अनुमति केवल ऊँटदौड़, घुड़दौड़ और तीरंदाज़ी में है।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "पुरस्का…

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#64642HadeethEnc[सह़ीह़]

सुन लो, शक्ति से आशय तीरंदाज़ी है। सुन लो, शक्ति से आशय तीरंदाज़ी है। सुन लो, शक्ति से आशय तीरंदाज़ी है।

उक़बा बिन आमिर (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को मिंबर पर कहते हुए सुना हैः (तथा तुमसे जहाँ तक हो सके, उनके लिए शक्ति तैयार रखो।) [सूरा अल-अनफ़ालः 60] सुन लो, शक्ति से आशय तीरंदाज़ी है। सुन लो, शक्ति से आशय तीरंदाज़ी है। स…

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#64643HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हर नुकीले दाँत वाले दरिंदे और नाखून (से शिकार करने) वाले परिंदे (का मांस खाने) से मना किया है।

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#64646HadeethEnc[सह़ीह़]

क्या लकड़बग्घा शिकार है? तो जाबिर (रज़ियल्लाहु अंहु) ने उत्तर दियाः हाँ!

इब्ने अबू अम्मार कहते हैं कि मैंने जाबिर (रज़ियल्लाहु अंहु) से पूछा कि क्या लकड़ग्घा शिकार है? तो उन्होंने उत्तर दियाः हाँ! वह कहते हैं कि मैंने कहाः क्या मैं उसे खा सकता हूँ? उन्होंने कहाः हाँ! उनका कहना है कि मैंने उनसे कहाः क्या ऐसा अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व…

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#64650HadeethEnc[सह़ीह़]

उम्मे हुफै़द -रज़ियल्लाहु अन्हा- ने, जो अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- की ख़ाला थीं, नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को पनीर, घी और कुछ साँड़े हदिया भेजे, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने पनीर और घी तो खा लिया, मगर साँड़े को नापसंद करते हुए छोड़ दिया।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से रिवायत है, वह कहते हैं : “उम्मे हुफै़द -रज़ियल्लाहु अन्हा- ने, जो अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- की ख़ाला थीं, नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को पनीर, घी और कुछ साँड़े हदिया भेजे, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु…

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#64652HadeethEnc[सह़ीह़]

जब तुम किसी शिकार पर तीर चलाओ तथा वह तुम्हारी नज़रों से ओझल हो जाए और फिर उसे बाद में पाओ, तो उसे खाओ, जब तक उसमें बदबू न आ जाए।

अबू सालबा -रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फरमाया : “जब तुम किसी शिका…

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#64653HadeethEnc[सह़ीह़]

कुछ लोगों ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! कुछ लोग हमारे पास मांस लाते हैं, लेकिन हमें मालूम नहीं होता कि उन्होंने ज़बह करते समय बिस्मिल्लाह कहा है या नहीं। यह सुन अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “तुम उसपर बिस्मिल्लाह कहो और खा लो।”

आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- से रिवायत है, वह कहती हैं कि कुछ लोगों ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! कुछ लोग हमारे पास मांस लाते हैं, लेकिन हमें मालूम नहीं होता कि उन्होंने ज़बह करते समय बिस्मिल्लाह कहा है या नहीं। यह सुन अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “तु…

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#64657HadeethEnc[सह़ीह़]

हमने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से जानवर के गर्भ के बारे में पूछा, तो फ़रमाया : “यदि चाहो तो उसे खा सकते हो। क्योंकि उसकी माँ को ज़बह करना ही उसके लिए काफ़ी है।”

अबू सईद -रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है, वह कहते हैं कि हमने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से…

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#64660HadeethEnc[ह़सन]

जो सामर्थ्य होने के बावजूद क़ुरबानी न करे, वह हमारी ईदगाह के क़रीब भी न आए।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “जो…

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#64665HadeethEnc[सह़ीह़]

हमने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ हुदैबिया के साल एक ऊँट सात लोगों की ओर से ज़बह किया तथा एक गाय सात लोगों की ओर से ज़बह किया।

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