Prophetic Hadeeth Encyclopedia
Search and read verified Prophetic hadeeth translations, explanations, benefits, categories and source attribution. Page 88.
Search the Hadeeth Encyclopedia
Smart instant results tolerate minor spelling mistakes, with every filter in one place.
फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने लोगों को आदेश दिया कि लड़के की ओर से एक जैसी दो बकरियाँ ज़बह करें तथा लड़की की ओर से एक बकरी।
प्रत्येक बच्चा अपने अक़ीके के बदले गिरवी होता है। उसकी ओर से सातवें दिन जानवर ज़बह किया जाएगा तथा उसका नाम रखा जाएगा एवं उसके सर के बाल मूँड़े जाएँगे।
यह आयत {لا يؤاخذكم الله باللغو في أيمانكم} (अल्लाह तुम्हारी निरर्थक क़समों पर तुम्हारी पकड़ नहीं करेगा।) [सूरा बक़रा : 225] लोगों की इस तरह की बातों के बारे में उतरी है : नहीं अल्लाह की क़सम तथा क्यों नहीं अल्लाह की क़सम।
आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- से रिवायत है, वह कहती हैं कि यह आयत {لا يؤاخذكم الله باللغو في أيمانكم} (अल्लाह तुम्हारी निरर्थक क़समों पर तुम्हारी पकड़ नहीं करेगा।) [सूरा बक़रा : 225] लोगों की इस तरह की बातों के बारे में उतरी है : नहीं अल्लाह की क़सम तथा क्यों नहीं अल्लाह की…
“मन्नत का कफ़्फ़ारा, क़सम का कफ़्फ़ारा ही है।”
उक़बा बिन आमिर रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है :…
जब कोई निर्णयकारी निर्णय करते समय सही निर्णय तक पहुँचने का पूरा प्रयास करता है और सही निर्णय देने में सफल हो जाता है, तो उसे दो नेकियाँ मिलती हैं और जब निर्णय देते समय सही निर्णय देने का पूरा प्रयास तो करता है, लेकिन असफल रहता है, तो उसे एक नेकी मिलती है।
अम्र बिन आस रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि उन्होंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को कहते हुए सुना है : “जब कोई निर्णयकारी निर्णय करते समय सही निर्णय तक पहुँचने का पूरा प्रयास करता है और सही निर्णय देने में सफल हो जाता है, तो उसे दो नेकियाँ मिलती हैं और ज…
अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल- ने किसी फैसले के लिए रिश्वत लेने वाले तथा देने वाले दोनों के ऊपर लानत भेजी है।
क्या मैं तुमको न बताऊँ कि सबसे अच्छा गवाही देने वाला कौन है? वह व्यक्ति जो पूछे जाने से पहले ही गवाही दे।
शहरी के लिए देहाती की गवाही जायज़ नहीं।
अल्लाह के रसूल - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम - ने क़सम तथा एक गवाह के आधार पर फै़सला फ़रमाया।
नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने कुछ लोगों को क़सम खाने को कहा, तो सब लोग क़सम खाने की होड़ में लग गए। इसलिए आपने आदेश दिया कि उनके बीच क़ुरआ अंदाज़ी के द्वारा तय किया जाए कि कौन क़सम खाएगा।
जो व्यक्ति मेरे इस मिंबर के पास कोई झूठी क़सम खाएगा, चाहे एक हरे मिसवाक के लिए ही क्यों न हो, वह अपना ठिकाना जहन्नम में बना ले।
जाबिर बिन अब्दुल्लाह -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से रिवायत है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “जो व्यक्ति मेरे इस मिंबर के पास कोई झूठी क़सम खाएगा, चाहे एक हरे मिसवाक के लिए ही क्यों न हो, वह अपना ठिकाना जहन्नम में बना ले या उसके लिए जहन…

