افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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सीरत एवं इतिहास

12 hadeeths in this category
#4970HadeethEnc[सह़ीह़]

मेरा और तुम्हार उदाहरण उस व्यक्ति की तरह है, जिसने आग जलाई, तो टिड्डे तथा पतिंगे उसमें गिरने लगे और वह उन्हें उससे रोकने लगे। (बिलकुल उसी तरह) मैं तुम्हारी कमर पकड़कर तुम्हें जहन्नम की आग से रोक रहा हूँ और तुम मेरे हाथों से फिसले जा रहे हो।

जाबिर बिन अब्दुल्लाह और अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अंहुमा) नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत करते हुए कहते हैंः "मेरा और तुम्हार उदाहरण उस व्यक्ति की तरह है, जिसने आग जलाई, तो टिड्डे तथा पतिंगे उसमें गिरने लगे और वह उन्हें उससे रोकने लगे। (बिलकुल उसी तरह) मैं तुम्हा…

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#5001HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने दस लोगों का के एक सैन्य दल जसूसी के लिए भेजा और आसिम बिन साबित अंसारी (रज़ियल्लाहु अंहु) को उसका प्रमुख बनाया।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने दस लोगों का के एक सैन्य दल जसूसी के लिए भेजा और आसिम बिन साबित अंसारी (रज़ियल्लाहु अंहु) को उसका प्रमुख बनाया। जब वह लोग उसफ़ान एवं मक्का के बीच हदआ नामी स्थान तक पहूँचे, तो उनके पहुँ…

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#5210HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक क़ब्र पर मुर्दे को दफ़नाए जाने के बाद नमाज़ पढ़ी और चार तकबीरें कहीं।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अंहुमा) फ़रमाते हैं कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक क़ब्र पर…

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#5320HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जुमा के दिन फ़ज्र की नमाज़ में "الم تَنْزِيلُ السَّجْدَةَ" और هَلْ أتى" على الإنسان" पढ़ते थे।

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#5330HadeethEnc[स़ह़ीह़]

ऐ अल्लाह! जो व्यक्ति मेरी उम्मत की कोई ज़िम्मेवारी हाथ में ले, फिर वह उन्हें कठिनाई में डाले, तो तू उसे कठिनाई में डाल। और जो मेरी उम्मत की कोई ज़िम्मेवारी हाथ में ले, फिर उनके साथ नर्मी का मामला करे, तो तू उसके साथ नर्मी का मामला कर।

आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, उन्होंने कहा : मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को अपने इस घर में कहते हुए सुना है : "ऐ अल्लाह! जो व्यक्ति मेरी उम्मत की कोई ज़िम्मेवारी हाथ में ले, फिर वह उन्हें कठिनाई में डाले, तो तू उसे कठिनाई में डाल। और जो मेरी उम्मत…

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#5440HadeethEnc[सह़ीह़]

जो दया नहीं करता, उसपर दया नहीं की जाती।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हसन बिन अली (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) का चुंबन लिया। उस समय आपके पास अक़रा बिन ह़ाबिस बैठे हुए थे। उन्होंने कहाः मुझे दस पुत्र हैं, लेकिन मैंने आज तक उनमें से किसी का चुंबन नहीं लिया है। यह सुन…

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#5457HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ जिबरील, मुहम्मद के पास जाओ और बता दो कि हम आपको आपकी उम्मत के बारे में प्रसन्न कर देंगे और आपको नाराज़ नहीं होने देंगे।

अब्दुल्लाह बिन अम्र (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने इबराहीम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के विषय में अल्लाह तआला के इस फ़रमान की तिलावत कीः {मेरे रब! इन्होंने (इन मुर्तियों ने) बहुत से लोगों को पथभ्रष्ट किया है। अतः जिस किसी ने मेरा…

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#5648HadeethEnc[सह़ीह़]

एक महिला अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक बुनी हुई धारीदार चादर लेकर आईं

सह्ल बिन साद (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि एक महिला अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक बुनी हुई धारीदार चादर लेकर आई और कहने लगी कि मैंने इसे अपने हाथों से इस इरादे से बुना है, ताकि आपको पहना सकूँ। नबी (सल्ल्ललाहु अलैहि व सल्लम) ने उसे ले लिया। आप…

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#5790HadeethEnc[सह़ीह़]

मुझे मेरी चादर ला दो। देखो, यदि मेरे पास इस काँटेदार पेड़ के समान भी जानवर होते, तो मैं उन्हें तुम्हारे बीच बाँट देता। फिर तुम मुझे कंजूस एवं झूठा तथा कायर नहीं पाते।

जुबैर बिन मुतइम (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि वे हुनैन से लौटते हुए अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ चल रहे थे कि कुछ देहाती आपसे माँगने लगे और ऐसे लिपट गए कि आपको कीकर के एक पेड़ तक लेकर चले गए, जिसमें आपकी चादर अटक गई। अतः, अल्लाह के रसूल (सल्लल्…

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#5806HadeethEnc[सह़ीह़]

उसे छोड़ दो और उसके पेशाब पर एक डोल पानी बहा दो। क्योंकि तुम आसानी पैदा करने के लिए भेजे गए हो। तुम्हें सख़्ती करने के लिए नहीं भेजा गया है।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, उन्होंने फ़रमाया कि एक देहाती मस्जिद में पेशाब करने लगा, तो लोग उसे डाँटने के उद्देश्य से उसकी ओर बढ़े। लेकिन, नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "उसे छोड़ दो और उसके पेशाब पर एक डोल पानी बहा दो। क्योंकि तुम आसानी पै…

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