افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
Islamic Reads · HadeethEnc

Prophetic Hadeeth Encyclopedia

Search and read verified Prophetic hadeeth translations, explanations, benefits, categories and source attribution. Page 7.

Content source:HadeethEnc.com·Version 1.58.0
2,313hadeeths
Advanced search

Search the Hadeeth Encyclopedia

Smart instant results tolerate minor spelling mistakes, with every filter in one place.

138hadeeths
Clear filters
Categories

सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह पर ईमान

12 hadeeths in this category
#6764HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ रुवैफ़े, हो सकता है कि तुम्हें लंबी आयु मिले। लोगों को बता देना कि जो अपनी दाढ़ी में गिरह लगाएगा, ताँत गले में डालेगा या किसी पशु के गोबर अथवा हड्डी से इस्तिंजा करेगा, मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उससे बरी हैं।

रुवैफ़े कहते हैं कि मुझसे अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "ऐ रुवैफ़े, हो सकता है कि तुम्हें लंबी आयु मिले। लोगों को बता देना कि जो अपनी दाढ़ी में गिरह लगाएगा, ताँत गले में डालेगा या किसी पशु के गोबर अथवा हड्डी से इस्तिंजा करेगा, मुहम्मद (सल्लल्लाहु…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#6765HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जिसने 'ला इलाहा इल्लल्लाह' का इक़रार किया और अल्लाह के अतिरिक्त पूजी जाने वाली अन्य वस्तुओं का इनकार कर दिया, उसका धन तथा प्राण सुरक्षित हो जाएगा और उसका हिसाब अल्लाह के हवाले होगा।

तारिक़ बिन अशयम अशजई रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को कहते हुए सुना है : "जिसने 'ला इलाहा इल्लल्लाह' का इक़रार किया और अल्लाह के अतिरिक्त पूजी जाने वाली अन्य वस्तुओं का इनकार कर दिया, उसका धन तथा प्राण सुरक्षि…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8266HadeethEnc[सह़ीह़]

जो अल्लाह से मिलना पसंद करता है, अल्लाह भी उससे मिलना पसंद करता है और जो अल्लाह से मिलना नापसंद करता है, अल्लाह भी उससे मिलना नापसंद करता है।

आइशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) से रिवायत है, वह कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “जो अल्लाह से मिलना पसंद करता है, अल्लाह भी उससे मिलना पसंद करता है और जो अल्लाह से मिलना नापसंद करता है, अल्लाह भी उससे मिलना नापसंद करता है।” मैंने कहा : ऐ अल्…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8283HadeethEnc[सह़ीह़]

रहिम (रिश्ता) रहमान के 'हुजज़ा' (तहबंद बाँधने के स्थान) को पकड़े हुआ है। जो उसे जोड़ेगा, रहमान उसे ज़ोड़ेगा और जो उसे तोड़ेगा, रहमान उसे तोड़ेगा।

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8284HadeethEnc[सह़ीह़]

क्या तू इस बात से प्रसन्न नहीं है कि जो तुझे जोड़े, मैं उसे जोड़ूँ और तुझे काटे में उसे काटूँ?

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “अल्लाह ने सृष्टियों की रचना की। जब उसने इस कार्य को पूरा कर लिया, तो रहिम (रिश्ता) खड़ा हुआ और रहमान के तहबंद बाँदने के स्थान को पकड़ लिया। अल्लाह ने उससे कहाः यह क्या है? उसने क…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8289HadeethEnc[स़ह़ीह़]

दया करने वालों पर दयावान अल्लाह दया करता है। तुम ज़मीन वालों पर दया करो, आकाश वाला तुमपर दया करेगा।

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8290HadeethEnc[सह़ीह़]

निस्संदेह अल्लाह ही चीज़ों को महंगा और सस्ता करने वाला तथा रोज़ी तंग करने वाला एवं फैलाने वाला है और मुझे आशा है कि अल्लाह से मेरी भेंट इस हाल में होगी कि तुममें से कोई रक्त एवं धन संबंधित किसी प्रकार के ज़ुल्म का कोई दावा मेरे विरुद्ध नहीं रखेगा

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : लोगों ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। अतः, हमारे लिए वस्तुओं के मूल्य निर्धारित कर दीजिए। अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “निस्संदेह अ…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8291HadeethEnc[सह़ीह़]

(क़यामत के दिन) हमारा रब अपनी पिंडली खोलेगा, तो सभी मोमिन मर्द और औरतें सजदे में गिर पड़ेंगे। लेकिन, हर वह व्यक्ति ख़ड़ा रह जाएगा, जो दुनिया में दिखावे और शोहरत के लिए सजदा करता था। वह सजदा करने जाएगा, तो उसकी पीठ एक ही हड्डी की तरह सख्त बन जाएगी।

अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “(क़यामत के दिन) हमारा रब अपनी पिंडली खोलेगा, तो सभी मोमिन मर्द और औरतें सजदे में गिर पड़ेंगे। लेकिन, हर वह व्यक्ति ख़ड़ा रह जाएगा, जो दुनिया में दिखावे और शोहरत के लिए सजदा क…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8292HadeethEnc[सह़ीह़]

निस्संदेह सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह अत्यंत हया वाला तथा परदा करने वाला है, जो हया तथा परदा करने को पसंद करता है। अतः, जब तुममें से कोई स्नान करे, तो परदा कर ले।

याला बिन उमय्या (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक व्यक्ति को खुले स्थान में नंगा होकर स्नान करते देखा, तो मिंबर पर चढ़कर अल्लाह की प्रशंसा और उसकी बड़ाई बयान की तथा उसके बाद फ़रमाया : “निस्संदेह सर्वशक्तिमान…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8293HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह ने कहा : जब मेरा बंदा मुझसे एक बालिश्त निकट आता है, तो मैं उससे एक हाथ निकट होता हूँ और जब वह मुझसे एक हाथ निकट आता है, तो मैं उससे दोनों हाथों के फैलाव के समान निकट होता हूँ और जब वह मुझसे दोनों हाथों के फैलाव के समान निकट आता है, तो मैं उसकी ओर और तेज़ी से बढ़ता हूँ।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “अल्लाह ने कहा : जब मेरा बंदा मुझसे एक बालिश्त निकट आता है, तो मैं उससे एक हाथ निकट होता हूँ और जब वह मुझसे एक हाथ निकट आता है, तो मैं उससे दोनों हाथों के फैलाव के समान निकट होता…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8294HadeethEnc[ह़सन]

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब मस्जिद में प्रवेश करते, तो फ़रमाया करते :«أعوذ بالله العظيم، وبوجهه الكريم، وسلطانه القديم، من الشيطان الرَّجِيم» (मैं महान अल्लाह की, उसके सम्मानित चेहरे की और उसकी सनातन सत्ता की शरण माँगता हूँ, धिक्कारे हुए शैतान से।)

अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस रज़ियल्लाहु अनहुमा से रिवायत है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब मस्जिद में प्रवेश करते, तो फ़रमाया करते :«أعوذ بالله العظيم، وبوجهه الكريم، وسلطانه القديم، من الشيطان الرَّجِيم» (मैं महान अल्लाह की, उसके सम्मानित चेहरे की और उसकी…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8295HadeethEnc[सह़ीह़]

सारी प्रशंसा उस अल्लाह की है, जो सारी आवाज़ों को सुनता है। ख़ौला अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास अपने पति की शिकायत लेकर आईं, तो उनकी बात मैं सुन नहीं पा रही थीं।

आइशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) से रिवायत है उन्होंने कहा : “सारी प्रशंसा उस अल्लाह की है, जो सारी आवाज़ों को सुनता है। ख़ौला अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास अपने पति की शिकायत लेकर आईं, तो उनकी बात मैं सुन नहीं पा रही थीं। तब सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह ने य…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share

Shopping Basket

Loading...