افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
Islamic Reads · HadeethEnc

Prophetic Hadeeth Encyclopedia

Search and read verified Prophetic hadeeth translations, explanations, benefits, categories and source attribution. Page 8.

Content source:HadeethEnc.com·Version 1.58.0
2,313hadeeths
Advanced search

Search the Hadeeth Encyclopedia

Smart instant results tolerate minor spelling mistakes, with every filter in one place.

138hadeeths
Clear filters
Categories

सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह पर ईमान

12 hadeeths in this category
#8296HadeethEnc[सह़ीह़]

क्या तुम्हें साद की ग़ैरत पर आश्चर्य हो रहा है? अल्लाह की क़सम! मैं उससे भी अधिक ग़ैरत वाला हूँ और अल्लाह मुझसे भी अधिक गैरत वाला है। अल्लाह की ग़ैरत के कारण ही उसने अश्लील कामों को हराम किया है। जो दिखाकर किए जाएँ उन्हें भी और जो छिपाकर किए जाएँ उन्हें भी। अल्लाह से अधिक ग़ैरत वाला कोई नहीं है।

मुग़ीरा बिन शोबा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से मरफ़ूअन रिवायत है कि साद बिन उबादा (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने कहा : यदि मैंने अपनी पत्नी के साथ किसी को देख लिया, तो तलवार की धार से फ़ौरन उसकी गरदन उड़ा दूँगा। यह बात अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को पहुँची, तो आपने फ़रमा…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8299HadeethEnc[सह़ीह़]

कोई भी व्यक्ति अथवा कोई भी वस्तु अल्लाह से अधिक किसी ऐसी कष्टदायक बात पर सब्र करने वाली नहीं है, जो उसे सुनाई दे। लोग अल्लाह की संतान होने की बात करते हैं, लेकिन इसके बावजूद अल्लाह उन्हें सुख-शांति और रोज़ी देता है।

अबू मूसा अशअरी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “कोई भी व्यक्ति अथवा कोई भी वस्तु अल्लाह से अधिक किसी ऐसी कष्टदायक बात पर सब्र करने वाली नहीं है, जो उसे सुनाई दे। लोग अल्लाह की संतान होने की बात करते हैं, लेकिन इसके बावजूद…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8303HadeethEnc[सह़ीह़]

चिकित्सक तो अल्लाह ही है। तुम केवल एक नर्म दिल व्यक्ति हो। उसका उपचारक वही है, जिसने उसे पैदा किया है।

अबू रमसा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि उन्होंने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से कहा : यह जो आपकी पीठ में है, उसे आप मुझे दिखाएँ, क्योंकि मैं एक चिकित्सक हूँ। यह सुन आपने फ़रमाया : “चिकित्सक तो अल्लाह ही है। तुम केवल एक नर्म दिल व्यक्ति हो। उसका उपचारक वही है, जि…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8310HadeethEnc[सह़ीह़]

मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि इस आयत को पढ़ते समय अपनी दो उँगलियों को (कान और आँख पर) रख रहे थे।

अबू यूनुस सलीम बिन जुबैर मौला अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि मैंने अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) को देखा कि उन्होंने यह आयत : {निस्संदेह अल्लाह तुम्हें इस बात का आदेश देता है कि तुम अमानतों को उनके हक़दारों तक पहुँचा दो और जब लोगों के बीच निर्णय करो, तो न्य…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8312HadeethEnc[सह़ीह़]

जहन्नम निरंतर कहता रहेगा कि क्या इससे अधिक है? यहाँ तक कि सर्वशक्तिमान अल्लाह उसमें अपना पैर रख देगा, तो कहेगा : तेरी इज़्जत की क़सम! बस काफ़ी है, बस काफ़ी है! फिर जहन्नम ख़ुद में सिमट जाएगा।

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “जहन्नम निरंतर कहता रहेगा कि क्या इससे अधिक है? यहाँ तक कि सर्वशक्तिमान अल्लाह उसमें अपना पैर रख देगा, तो कहेगा : तेरी इज़्जत की क़सम! बस काफ़ी है, बस काफ़ी है! फिर जहन्नम ख़ुद…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8313HadeethEnc[सह़ीह़]

जहन्नम और जन्नत के बीच बहस व तकरार हो गई। जहन्नम ने कहा : मुझे तुम्हारे ऊपर यह श्रेष्ठता प्राप्त है कि मेरे अंदर अभिमानियों और ज़ालिमों का निवास होगा। इसपर जन्नत ने कहा : मेरा क्या है, मेरे अंदर तो केवल कमज़ोर, निम्न स्तर के और बुद्धिहीन लोग ही दाख़िल होंगे।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “जहन्नम और जन्नत के बीच बहस व तकरार हो गई। जहन्नम ने कहा : मुझे तुम्हारे ऊपर यह श्रेष्ठता प्राप्त है कि मेरे अंदर अभिमानियों और ज़ालिमों का निवास होगा। इसपर जन्नत ने कहा : मेरा क्…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8315HadeethEnc[स़ह़ीह़]

“अल्लाह जहन्नमियों में सबसे हलका अज़ाब पाने वाले व्यक्ति से कहेगा : यदि धरती में मौजूद सारी चीज़ें तुम्हारी होतीं, तो क्या तुम इस अज़ाब से छुटकारा पाने के लिए वह सारी चीज़ें दे देते? वह आदमी कहेगा : हाँ!

अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : “अल्लाह जहन्नमियों में सबसे हलका अज़ाब पाने वाले व्यक्ति से कहेगा : यदि धरती में मौजूद सारी चीज़ें तुम्हारी होतीं, तो क्या तुम इस अज़ाब से छुटकारा पाने के लिए वह सारी चीज़े…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8319HadeethEnc[ह़सन]

लोग (या फिर कहा कि बंदे) क़यामत के दिन नंगे बदन, बिना ख़तना किए हुए और ख़ाली हाथ उठाए जाएँगे।

जाबिर बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से रिवायत है, वह कहते हैं कि मुझे पता चला कि एक व्यक्ति के पास अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से सुनी हुई एक हदीस है। अतः, मैंने एक ऊँट खरीदा, उसपर अपना कजावा रखा और एक माह चलकर उसके पास शाम पहुँचा। वहाँ जाकर पता चला…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8343HadeethEnc[स़ह़ीह़]

“अल्लाह तआला जन्नतियों से फ़रमाएगा : ऐ जन्नत वालो! वो कहेंगे : पूरे ध्यान से हाज़िर हैं ऐ हमारे रब और सदा तेरी मेहरबानी के मोहताज हैं। अल्लाह तआला फ़रमाएगा : अब तुम राज़ी हो? वो कहेंगे : क्या अब भी ख़ुश न होंगे, जबकि तूने हमें ऐसी-ऐसी नेमतें प्रदान की हैं, जो अपनी सारी मख़लूक़ में से किसी और को नहीं दीं?

अबू सईद ख़ुदरी रज़ियल्लाहु अन्हु से वर्णित है, वह कहते हैं अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : “अल्लाह तआला जन्नतियों से फ़रमाएगा : ऐ जन्नत वालो! वो कहेंगे : पूरे ध्यान से हाज़िर हैं ऐ हमारे रब और सदा तेरी मेहरबानी के मोहताज हैं। अल्लाह तआला फ़रमाएगा…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8887HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अबू मसऊद! जान लो कि अल्लाह तुम पर तुम्हारे इस ग़ुलाम पर सामर्थ्य से अधिक सामर्थ्य रखता है। तो मैंने कहा: इसके पश्चात मैं कभी किसी दास को नहीं मारुँगा

अबू मसऊद बदरी (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि मैं अपने एक दास को मार रहा था। उसी वक्त मैंने पीछे से एक आवाज़ सुनी: ऐ अबू मसऊद! जान लो। लेकिन मैं मारे क्रोध के, आवाज़ को समझ नहीं पाया। जब मुझ से नज़दीक हुए तो देखता हूँ कि वह अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) हैं और…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8918HadeethEnc[स़ह़ीह़]

यह सच्ची बात वह होती है, जिसे जिन्न उचक लेता है और उसे अपने इंसान दोस्त के कान में ऐसी आवाज़ में डाल देता है, जो मुर्गी के कुड़कुड़ाने जैसी होती है, फिर यह लोग उसके साथ अपनी तरफ से सौ से अधिक झूठ मिला देते हैं।

आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, वह कहती हैं : कुछ लोगों ने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से काहिनों (ओझों) के बारे में पूछा तो आपने फ़रमाया : "इन लोगों की बातों में कोई सच्चाई नहीं होती।" लोगों ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! यह लोग कभी-कभी ऐसी बात बताते हैं, जो…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share

Shopping Basket

Loading...