इन्होंने उसे मार डाला है, अल्लाह इनका विनाश करे! जब इन्हें पता नहीं था, तो इन्होंने किसी से पूछ क्यों नहीं लिया? क्योंकि न जानने का इलाज पूछना ही है। उसके लिए तो बस इतना काफ़ी था कि तयम्मुम कर लेता और अपने ज़ख़्म पर एक कपड़े का टुकड़ा (या पट्टी) बाँध लेता और फिर उसपर मसह कर लेता और पूरे शरीर को धो लेता
जाबिर (रज़ियल्लाहु अनहु) से वर्णित है, वह कहते हैं कि हम एक यात्रा में निकले हुए थे कि हममें से एक व्यक्ति को एक पत्थर आ लगा और उसका सर ज़ख़्मी हो गया। फिर उसे स्वप्नदोष हो गया। ऐसे में, उसने अपने साथियों से पूछा कि क्या तुम मेरे लिए तयम्मुम करने की छूट पाते हो? उन्होंन…

