افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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तयम्मुम

6 hadeeths in this category
#3051HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक आदमी को देखा, जिसने लोगों के साथ नमाज़ नहीं पढ़ी थी और सबसे अलग था। आपने फ़रमायाः "ऐ अमुक, आख़िर क्या बात है कि तूने लोगों के साथ नमाज़ नहीं पढ़ी?" उसने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, मैं जुंबी (नापाक) हो गया हूँ और पानी भी न मिल सका। आपने फ़रमायाः "तुम मिट्टी का प्रयोग करो। वह तुम्हारे लिए काफ़ी है।"

इमरान बिन हुसैन (रज़ियल्लाहु अंहुमा) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक आदमी को देखा, जिसने लोगों के साथ नमाज़ नहीं पढ़ी थी और सबसे अलग था। आपने फ़रमायाः "ऐ अमुक, आख़िर क्या बात है कि तूने लोगों के साथ नमाज़ नहीं पढ़ी?" उसने कहाः ऐ अल्लाह के…

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#3461HadeethEnc[स़ह़ीह़]

तुम्हारे लिए काफ़ी था कि तुम अपने हाथों से इस तरह कर लेते।" फिर आपने अपने दोनों हाथों को ज़मीन पर एक बार मारा, उसके बाद बाएँ हाथ को दाएँ हाथ पर फेरा तथा दोनों हथेलियों के बाहरी भाग एवं चेहरे का मसह किया।

अम्मार बिन यासिर रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है, वह कहते हैं : अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मुझे किसी काम से भेजा, तो मैं जुंबी हो गया और पानी न मिल सका, इसलिए मैं ज़मीन पर लोटने लगा, जिस तरह जानवर लोटता है। फिर मैं अल्लाह के नबी ल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के प…

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#10022HadeethEnc[सह़ीह़]

तुमने सुन्नत को पा लिया और तुम्हारी नमाज़ तुम्हारे लिए काफ़ी हो गई

अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अनहु) से वर्णित है, वह कहते हैं: दो व्यक्ति एक यात्रा में निकले। नमाज़ का समय आया तो उनके साथ पानी नहीं था। अतः, पवित्र मिट्टी से तयम्मुम करके नमाज़ पढ़ ली। फिर नमाज़ के समय के अंदर ही पानी मिल गया, तो दोनों में से एक ने वज़ू करके नमाज़ दोहरा…

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#10023HadeethEnc[सह़ीह़]

पवित्र मिट्टी मुसलमान के लिए वज़ू का साधन है, चाहे दस साल ही क्यों न हो जाए। फिर जब तुझे पानी मिल जाए, तो उसे अपने शरीर पर बहा ले, क्योंकि यही उत्तम है

अबू ज़र जुनदुब बिन जुनादा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास कुछ ग़नीमत का माल जमा हुआ, तो आपने फ़रमाया: इन्हें लेकर देहात की ओर चले जाओ। फिर मैं रबज़ा चला आया। यहाँ मैं जुंबी (नापाक) होता तो (पानी उपलब्ध न होने के कारण) पाँच…

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#10025HadeethEnc[सह़ीह़]

मेरी सहायता रोब के द्वारा की गई है, मुझे धरती की कुंजियाँ दी गई हैं, मुझे अहमद नाम दिया गया है, मेरे लिए मिट्टी को पवित्रता प्राप्त करने का साधन बनाया गया है और मेरी उम्मत को सबसे उत्तम उम्मत बनाया गया है

अली बिन अबू तालिब (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्ल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: मुझे वह कुछ दिया गया है, जो मुझसे पहले किसी नबी को नहीं दिया गया। हमने कहा: ऐ अल्लाह के रसूल! वह क्या है? आपने फ़रमाया: मेरी सहायता रोब के द्वारा की गई है, मुझे धरती…

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#10026HadeethEnc[सह़ीह़]

हमें लोगों पर तीन बातों में फ़ज़ीलत दी गई है। हमारी सफ़ों को फ़रिश्तों की सफ़ों की तरह बनाया गया है, हमारे लिए पूरी ज़मीन को मस्जिद बनाया गया है तथा जब पानी न मिले तो उसकी मिट्टी को हमारे लिए पवित्रता प्राप्त करने का साधन बनाया गया है

हुज़ैफ़ा (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः हमें लोगों पर तीन बातों में फ़ज़ीलत दी गई है। हमारी सफ़ों को फ़रिश्तों की सफ़ों की तरह बनाया गया है, हमारे लिए पूरी ज़मीन को मस्जिद बनाया है तथा जब पानी न मिले तो उसकी मिट्टी…

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