افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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ग़ुस्ल

12 hadeeths in this category
#3046HadeethEnc[सह़ीह़]

उम्मे हबीबा (रज़ियल्लाहु अंहा) सात साल तक इस्तिहाज़ा (वह रक्त जो स्त्री को माहवारी के अतिरिक्त बीमारी के कारण आता है) का शिकार रहीं। अतः, रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से उसके बारे में पूछा, तो आपने उन्हें आदेश दिया कि स्नान कर लें।

आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) से रिवायत है, वह कहती हैंः उम्मे हबीबा (रज़ियल्लाहु अंहा) सात साल तक इस्तिहाज़ा (वह रक्त जो स्त्री को माहवारी के अतिरिक्त बीमारी के कारण आता है।) की शिकार रहीं। अतः, रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से उसके बारे में पूछा, तो आपने उन्हें आदेश…

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#3051HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक आदमी को देखा, जिसने लोगों के साथ नमाज़ नहीं पढ़ी थी और सबसे अलग था। आपने फ़रमायाः "ऐ अमुक, आख़िर क्या बात है कि तूने लोगों के साथ नमाज़ नहीं पढ़ी?" उसने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, मैं जुंबी (नापाक) हो गया हूँ और पानी भी न मिल सका। आपने फ़रमायाः "तुम मिट्टी का प्रयोग करो। वह तुम्हारे लिए काफ़ी है।"

इमरान बिन हुसैन (रज़ियल्लाहु अंहुमा) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक आदमी को देखा, जिसने लोगों के साथ नमाज़ नहीं पढ़ी थी और सबसे अलग था। आपने फ़रमायाः "ऐ अमुक, आख़िर क्या बात है कि तूने लोगों के साथ नमाज़ नहीं पढ़ी?" उसने कहाः ऐ अल्लाह के…

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#3076HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं जुंबी -अपवित्र- था। अतः मुझे अच्छा नहीं लगा कि अपवित्रता की अवस्था में आपके पास बैठूँ! तो आपने फरमायाः सुबहानल्लाह! मोमिन नापाक -अपवित्र- नहीं होता।

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाह अन्हु- का वर्णन है किः नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- उन्हें मदीने के किसी रास्ते में मिल गए, जबकि वह उस समय जुंबी- अपवित्र- थे। वह कहते हैंः सो मैं चुपके से निकल लिया और जाकर स्नान कर आया। आप बोलेः अबू हुरैरा! तुम इतनी देर कहाँ थे? उन्होंने जवाब…

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#3310HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जनाबत (स्वप्नदोष, सह्वास या किसी भी कारणवश वीर्यस्खलन हो जाने से होने वाली अपवित्रता से पवित्र होने) का स्नान करने का तरीक़ा

मुसलमानों की माता मैमूना रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, वह कहती हैं : मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के लिए स्नान का पानी रखा और कपड़े से पर्दा किया, तो आपने अपने दोनों हाथों पर पानी उंडेल कर उनको धोया, फिर अपने दाएँ हाथ से बाएँ हाथ पर पानी उंडेला और अपनी…

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#3316HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब जनाबत का स्नान करते, तो अपने दोनों हाथों को धोते, फिर नमाज़ के वज़ू की तरह वज़ू करते, फिर स्नान करते

मुसलमानों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, वह कहती हैं : अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब जनाबत का स्नान करते, तो अपने दोनों हाथों को धोते, फिर नमाज़ के वज़ू की तरह वज़ू करते, फिर स्नान करते, फिर अपने हाथ से बालों का ख़िलाल करते, यहाँ तक कि जब निश्चित…

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#3351HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अल्लाह के रसूल, अल्लाह हक़ बात से शर्माता नहीं है। यदि स्त्री का स्वप्नदोष हो जाए, तो क्या उसपर स्नान है? अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः हाँ, यदि उसे पानी (वीर्य) दिखाई दे।

उम्मे सलमा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि अबू तलहा (रज़ियल्लाहु अंहु) की पत्नी उम्मे सुलैम (रज़ियल्लाहु अंहा) अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आकर कहने लगींः ऐ अल्लाह के रसूल, अल्लाह ह़क़ बात से शर्माता नहीं है। यदि स्त्री को स्वप्नदोष हो जाए, तो क्या उस…

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#3388HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के कपड़े से जनाबत को धो देती, फिर आप नमाज़ के लिए नकल जाते, जबकि पानी का निशान आपके कपड़े पर दिखाई पड़ता।

आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के कपड़े से जनाबत को धो देती, फिर आप नमाज़ के लिए नकल जाते, जबकि पानी का निशान आपके कपड़े पर दिखाई पड़ता। तथा एक रिवायत में है कि मैं आपके कपड़े से वीर्य को खुरच देती, फिर आप उसी में नमाज़…

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#3455HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) अपने सर पर तीन बार पानी डालते थे।

अबू जाफ़र मुहम्मद बिन अली बिन हुसैन बिन अली बिन अबू तालिब कहते हैं कि वह और उनके पिता जाबिर बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अंहु) के पास थे। उस समय उनके पास कुछ और लोग भी थे। चुनांचे उन लोगों ने उनसे स्नान के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि तुम्हारे लिए एक सा (एक माप जो…

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#3533HadeethEnc[सह़ीह़]

जब पुरुष, स्त्री की चार शाखाओं के बीच बैठ जाए और उसको भैंचे तो स्नान आवश्यक हो जाता है।

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जब पुरुष…

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#5393HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जिसने जुमे के दिन जनाबत (सहवास के बाद) का स्नान किया, फिर पहली घड़ी में मस्जिद की ओर चल पड़ा, उसने गोया एक ऊँट की क़ुरबानी दी;

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जिसने जुमे के दिन जनाबत (सहवास के बाद) का स्नान किया, फिर पहली घड़ी में मस्जिद की ओर चल पड़ा, उसने गोया एक ऊँट की क़ुरबानी दी; जो दूसरी घड़ी में गया, उसने गोया एक गाय की क…

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#5394HadeethEnc[स़ह़ीह़]

तुममें से जो जुमे की नमाज़ के लिए आए, वह स्नान कर ले।

अब्दुल्लाह बिन अमर रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैह…

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