افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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ग़ुस्ल

12 hadeeths in this category
#10030HadeethEnc[सह़ीह़]

नहीं, तुम्हारे लिए बस इतना काफ़ी है कि अपने सर पर तीन चुल्लू पानी डाल लो और फिर अपने शरीर पर पानी बहा लो, इससे तुम पवित्र हो जाओगी

उम्मे सलमा (रज़ियल्लाहु अनहा) कहती हैं कि मैंने कहा: ऐ अल्लाह के रसूल! मैं अपने सर के बालों को मज़बूती से बाँधती हूँ, तो क्या मैं जनाबत [और एक रिवायत में है: और माहवारी से] स्नान के लिए उन्हें खोलूँ? आपने फ़रमाया: नहीं, तुम्हारे लिए बस इतना काफ़ी है कि अपने सर पर तीन चु…

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#10031HadeethEnc[सह़ीह़]

मैंने अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के लिए स्नान का पानी रखा

मैमूना (रज़ियल्लाहु अनहा) से वर्णित है, वह कहती हैं: मैंने अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के लिए स्नान का पानी रखा, तो आपने अपने दाएँ हाथ से बाएँ हाथ पर पानी उंडेलकर दोनों हाथों को धोया, फिर अपनी शर्मगाह को धोया, फिर अपने हाथ को धरती पर मारा और उसे मिट्टी पर र…

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#10032HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब जनाबत का स्नान करते तो पहले दोनों हाथों को धोते, फिर दाएँ हाथ से बाएँ हाथ पर पानी डालते और अपनी शर्मगाह को धोते। फिर नमाज़ के वज़ू की तरह वज़ू करते

आइशा (रज़ियल्लाहु अनहा) कहती हैं: अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब जनाबत (संभोग के बाद) का स्नान करते तो पहले दोनों हाथों को धोते, फिर दाएँ हाथ से बाएँ हाथ पर पानी डालते और अपनी शर्मगाह को धोते। फिर नमाज़ के वज़ू की तरह वज़ू करते, फिर पानी लेकर बालों की जड़ो…

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#10033HadeethEnc[सह़ीह़]

जब तुममें से कोई अपनी पत्नी से एक बार संभोग करने के बाद दोबारा करना चाहे, तो दोनों के बीच वज़ू कर ले

अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: जब तुममें से कोई अपनी पत्नी से एक बार संभोग करने के बाद दोबारा करना चाहे, तो दोनों के बीच वज़ू कर ले। हाकिम की एक रिवायत में है: इससे दोबारा संभोग करने की प्रबल इच्छाशक…

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#10039HadeethEnc[सह़ीह़]

पुरुष का पानी मोटा तथा सफ़ेद होता है और स्त्री का पानी पतला तथा पीला होता है, दोनों में से जो भी प्रभावी रहे या आगे रहे, (बच्चे के अंदर) उसी की समरूपकता पाई जाती है

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं: उम्मे सुलैम (रज़ियल्लाहु अनहा) ने बताया कि उन्होंने अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से पूछा कि यदि स्त्री को पुरुषों की तरह स्वप्नदोष हो जाए, तो वह क्या करे? अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: जब पान…

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#10040HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अल्लाह के रसूल! आपका उस व्यक्ति के बारे में क्या ख़्याल है, जिसे उसकी पत्नी से जल्दी हटा दिया जाए और उसका वीर्य न निकला हो, उसे क्या करना है? अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: स्नान तो केवल वीर्य निकलने से करना होता है

अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अनहु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ सोमवार के दिन क़ुबा की ओर निकला। जब हम बनी सालिम क़बीले तक पहुँचे, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) इतबान (रज़ियल्लाहु अनहु) के द्वार पर रुक ग…

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#10543HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) (कभी- कभी) जनाबत की हालत में पानी छूए बिना सो जाते थे

आइशा (रज़ियल्लाहु अनहा) का वर्णन है, वह कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) (कभी- कभी) जना…

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#11294HadeethEnc[सह़ीह़]

क्या आप मुझ से अल्लाह के -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के रोग के संबंध में नहीं बताएंगीं? उन्होंने कहाः क्यों नहीं, जब आप बीमार थे तो आप ने पूछाः क्या लोगों ने नमाज़ पढ़ लिया? हम ने कहाः नहीं, (बल्कि) लोग आप की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उतबा से वर्णित है, वह कहते हैं कि मैं आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- के पास गया और कहा : क्या आप मुझे अल्लाह के -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की बीमारी के संबंध में नहीं बताएंगीं? उन्होंने कहा : क्यों नहीं, जब आप सख़्त बीमार थे तो आप ने पूछा : “क्या…

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#58102HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) (कभी-कभी) सारी स्त्रियों के पास जाने के पश्चात एक ही दफा अंत में ग़ुस्ल (स्नान) करते थे।

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