ख़रीद- बिक्री में अधिक क़सम खाने से बचो, क्योंकि कसम बढ़ा कर फिर घटा देती है
अबू क़तादा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि उन्होंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को फ़रमाते…
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अबू क़तादा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि उन्होंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को फ़रमाते…
अबु हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: तुममें से जो अपने परिवार के प्रति क़सम खाता है और उसपर अटल रहता है, तो वह प्रायश्चित, जिसे अल्लाह ने उसपर फ़र्ज़ किया है, उसे देने और क़सम न तोड़ने के मुक़ाबले में अधिक पापी…
कसीर बिन ज़ियाद कहते हैं कि मुझे अज़्दिया अर्थात मुस्सा ने बताया कि मैंने तर्क किया और उम्मे सलमा (रज़ियल्लाहु अनहा) के पास गई और उनसे मैंने कहा: ऐ उम्मुल मोमिनीन! समुरा बिन जुनदुब महिलाओं को माहवारी ख़ून की दशा की नमाज़ की कज़ा का आदेश देते हैं, तो आपने कहा: (नमाज़ की)…
आइशा (रज़ियल्लाहु अनहा) कहती हैं कि हम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ निकले और हमारे बीच चर्चा का विषय केवल हज था। जब हम 'सरिफ़' नामी स्थान पर पहुँचे, तो मुझे माहवारी आ गई। (इसी बीच) अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मेरे पास आए तो मैं रो रही थ…
अबू सईद खु़दरी रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ईद अल-अज़हा या ईद अल-फ़ित्र के दिन ईदगाह की ओर निकले और इस दौरान औरतों के निकट से गुज़रे, तो फ़रमाया : "ऐ औरतो! तुम सदक़ा किया करो, क्योंकि मैंने जहन्नम के अंदर तुम्हारी संख्या अधिक…
अनस (रज़ियल्लाहु अनहु) से रिवायत है, वह कहते हैं: यहूदियों का मामला यह था कि जब उनके बीच किसी स्त्री को माहवारी आती, तो न उसके साथ खाते- पीते और न घरों में साथ रहते थे। अतः, अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथियों ने आपसे इसके संबंध में पूछा, तो अल्लाह तआला…
उम्म-ए-अतिय्या रज़ियल्लाहु अनहा, जिन्होंने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के हाथ पर बैअत की थी,…
मुसलमानों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, वह कहती हैं : "अब्दुर्रहमान बिन औफ़ की पत्नि उम्म-ए-हबीबा बिन्त जह्श रज़ियल्लाहु अनहा ने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से (मासिक धर्म के बाद भी) रक्त जारी रहने की शिकायत की, तो आपने फ़रमाया : "तुम उतने दिन न…
हमना बिन्त जह्श (रज़ियल्लाहु अनहा) कहती हैं: मुझे लंबे समय तक तथा अत्यधिक मात्रा में मासिक धर्म का रक्त आता था। अतः, मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास फ़तवा पूछने और आपको इससे अवगत करने के लिए पहुँची। आप मुझे मेरी बहन ज़ैनब बिन्त जह्श (रज़ियल्लाहु अनह…
असमा बिन्त उमैस (रज़ियल्लाहु अनहा) से वर्णित है, वह कहती हैं कि मैंने कहा: ऐ अल्लाह के रसूल! फ़ातिमा बिन्त अबू हुबैश (इतने और इतने दिनों से) इस्तिहाज़ा (यौनिक रक्तस्राव जो मासिक धर्म के सिवा अन्य दिनों में नज़र आए) की शिकार हैं और (इस दरमियान) नमाज़ नहीं पढ़ सकी हैं। यह…
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