Prophetic Hadeeth Encyclopedia
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यदि मेरे पास उहुद पर्वत के बराबर सोना हो जाए तो मुझे यह अच्छा नहीं लगेगा कि उसका कुछ भी भाग मेरे पास तीन दिन तक बाकी रहे, सिवाय उसके जिसे मैंने क़र्ज़ चुकाने के लिए बचा रखा हो।
अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः यदि मेरे पास उहुद पर्वत के बराबर सोना हो जाए तो मुझे यह अच्छा नहीं लगेगा कि उसका कुछ भी भाग मेरे पास तीन दिन तक बाकी रहे, सिवाय उसके जिसे मैंने क़र्ज़ चुकाने के लिए बचा र…
वास्तविक मालदारी का बयान और अल्लाह ने जो कुछ दिया है, उससे संतुष्ट रहने की ओर प्रेरित करना।
झूठा वह नहीं है जो लोगों के बीच सुधार का प्रयास करे एवं भली बात पहुँचाए अथवा अच्छी बात कहे।
उम्मे कुलसूम बिंत उक़बा बिन अबू मोऐत- रज़ियल्लाहु अन्हा- कहती हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को कहते हुए सुना हैः झूठा वह नहीं है, जो लोगों के बीच सुधार का प्रयास करे एवं भली बात पहुँचाए अथवा अच्छी बात कहे। तथा सह़ीह़ मुस्लिम की रिवायत में इतना अ…
रिश्तों-नातों को निभाने वाला वह नहीं है जो एहसान के बदले एहसान करे, बल्कि असल रिश्तों-नातों को निभाने वाला वह है जो उससे संबंध विच्छेद किए जाने के बावजूद उसे जोड़े।
अब्दुल्लाह बिन अम्र रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "रिश्तों-नातों को निभाने वाला वह नहीं है जो एहसान के बदले एहसान करे, बल्कि असल रिश्तों-नातों को निभाने वाला वह है जो उससे संबंध विच्छेद किए जाने के बावजूद उसे जोड़े…
ऐ साद बिन मुआज़! काबा के रब की क़सम, मुझे उहुद पर्वत के निकट से जन्नत की सुगंध आ रही है।
अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि मेरे चचा अनस बिन नज़्र- रज़ियल्लाहु अन्हु- बद्र के युद्ध में शरीक नहीं हो सके थे। अतः, उन्होंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! मैं आपके द्वारा मुश्रिकों से लड़े गए प्रथम युद्ध में शामिल नहीं हो सका। यदि अल्लाह ने मुझे उनसे लड़ने का अवसर दिया…
हम एक सफ़र में अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ एक ऐसी यात्रा पर गए जिसमें लोगों को बड़ी मुश्किलें झेलना पड़ीं।
ज़ैद बिन अरक़म- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि हम एक सफ़र में अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ एक ऐसी यात्रा पर निकले जिसमें लोगों को बहुत कठिनाइयाँ झेलना पड़ीं। ऐसे में अब्दुल्लाह बिन उबै ने कहाः तुम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास जो ल…
अगर तुम्हारी बातें सही हैं, जो तुम कह रहे हो, तो मानो तुम उनके मुँह में गरम राख ठूँस रहे हो। तुम जब तक इसे जारी रखोगे, अल्लाह की ओर से तुम्हारे साथ उनके विरुद्ध एक सहायक मौजूद रहेगा।
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है कि एक व्यक्ति ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! मेरे कुछ रिश्तेदार हैं, मैं उनसे रिश्ता निभाता हूँ और वे मुझसे रिश्ता काटते हैं। मैं उनसे अच्छा व्यवहार करता हूँ और वे मेरे साथ बुरा बर्ताव करते हैं। मैं उन्हें सहनशीलता दिखाता हूँ और वे अ…
कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है जो जन्नत में प्रवेश करने के बाद दुनिया की ओर लौटना चाहेगा, चाहे उसे धरती की सारी वस्तुएँ मिल जाएँ। हाँ, मगर शहीद की बात और है। वह (शहादत का) सम्मान देखकर कामना करेगा कि दोबारा दुनिया की ओर वापस जाए और दस बार क़त्ल किया जाए।
अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है जो जन्नत में प्रवेश करने के बाद दुनिया की ओर लौटना चाहेगा, चाहे उसे धरती की सारी वस्तुएँ मिल जाएँ। हाँ, मगर शहीद की बात और है। वह (शहादत का) सम्मान देखकर…
मैं नहीं समझता कि अमुक एवं अमुक हमारे धर्म के बारे में कुछ जानते हैं।
आइशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः मैं नहीं समझत…

