افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के गुण तथा आचरण

12 hadeeths in this category
#3476HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मैं तथा अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जुंबी होते और एक ही बर्तन से स्नान कर लेते थे। मैं माहवारी में होती और आपके आदेश से लंगोटा बाँध लेती, फिर आप मुझसे मुबाशिरत करते।

मुसलमानों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, वह कहती हैं : मैं तथा अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जुंबी होते और एक ही बर्तन से स्नान कर लेते थे। मैं माहवारी में होती और आपके आदेश से लंगोटा बाँध लेती, फिर आप मुझसे मुबाशिरत करते। इसी तरह, आप ऐतिकाफ़ में ह…

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#3483HadeethEnc[सह़ीह़]

मुझे याद आया कि हमारे पास सोने का एक टुकड़ा रखा हुआ है। अतः, मुझे यह अच्छा नहीं लगा कि मेरा ध्यान उसी में अटका रहे। सो, मैंने उसे बाँटने का आदेश दे दिया।

उक़बा बिन हारिस- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि मैंने मदीने में अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पीछे अस्र की नमाज़ पढ़ी। जब आपने सलाम फेरा तो जल्दबाज़ी में खड़े हुए और लोगों की गर्दनें फलांगते हुए अपनी किसी पत्नी के कमरे में गए। आपकी जल्दी देखकर लोग घबरा गए।…

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#3530HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया। उस समय आप चमड़े से बने हुए लाल खेमें में थे। उनका कहना है कि इसी बीच बिलाल- रज़ियल्लाहु अन्हु- वज़ू का पानी लेकर निकले तो कोई आपके शरीर के अंगों से गिरने वाले पानी को अपने ऊपर छिड़क रहा था और कोई ले रहा था।

अबू जुहैफ़ा वह्ब बिन अब्दुल्लाह सुवाई- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि मैं अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया। उस समय आप चमड़े से बने हुए लाल खेमें में थे। उनका कहना है कि इसी बीच बिलाल- रज़ियल्लाहु अन्हु- वज़ू का बचा हुआ पानी लेकर निकले तो कोई आपके शरीर…

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#3537HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने इशा की नमाज़ में लेट किया तो उमर निकल कर आए और कहने लगेः ऐ अल्लाह के रसूल! महीलाऐँ एवं बच्चे सो गऐ हैँ।अतः आप घर से नकले, इस हाल में कि आप के सिर से पानी टपक रहा था और फ़रमायाः यदि मेरी उम्मत पर कठिन नही होत तो मैं इसी समय इस नमाज़ का आदेश देता।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास- रज़ियल्लाहु अनहुमा- से वर्णित है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने इशा की नमाज़ में लेट किया तो उमर निकल कर आए और कहने लगेः ऐ अल्लाह के रसूल! महीलाऐँ एवं बच्चे सो गऐ हैँ।अतः आप घर से नकले, इस हाल में कि आप के सर से पानी टपक रहा था और…

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#3628HadeethEnc[सह़ीह़]

उसे दे दो, क्योंकि तुम्हारे अंदर सबसे उत्तम व्यक्ति वह है, जो सबसे अच्छे तरीके से उधार चुकाने वाला हो

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि एक व्यक्ति अल्लाह के नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास अपने क़र्ज़ का तकाजा करने के लिए आया और आपके साथ अशिष्ट व्यवहार कर डाला। उसका व्यवहार देख सहाबा ने उसे मारने का इरादा कर लिया। परन्तु, अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलै…

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#3727HadeethEnc[सह़ीह़]

एक रात मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ नमाज़ पढ़ी जिसमें आपने सूरा बक़रा पढ़ना शुरू किया।

हुज़ैफ़ा बिन यमान- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि एक रात मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ नमाज़ पढ़ी। आपने सूरा बक़रा पढ़ना शुरू किया। मैंने सोचा, शायद सौ आयतों के बाद रुकू करेंगे, लेकिन पढ़ना जारी रखा। मैंने सोचा, शायद इसे एक रकअत में पढ़ेंगे, प…

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#3768HadeethEnc[सह़ीह़]

मुझे लगता है कि तुम लोगों ने अबू उबैदा के बहरैन से कुछ धन लेकर आने की बात सुनी है।

अम्र बिन औफ़ अंसारी- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अबू उबैदा बिन जर्राह- रज़ियल्लाहु अन्हु- को बहरैन भेजा ताकि वहाँ का जिज़्या- टैक्स- लेकर आएँ। अतः, वह वहाँ से कुछ धन लेकर आए। अंसारियों को उनके आने की सूचना मिली तो फ़ज्र…

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#3769HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) किसी महीने में रोज़ा न रखते, यहाँ तक कि हम सोचने लगते कि इस महीने में रोज़ा रखेंगे ही नहीं और किसी महीने में रोज़ा रखते जाते, यहाँ तक कि हमें लगने लगता कि इस महीने में रोज़ा छोड़ेंगे ही नहीं। तथा तुम उनको रात में नमाज़ पढ़ते हुए देखना चाहते तो देख लेते और सोते हुए देखना चाहते तो भी देख लेते।

अनस- रज़ियललाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) किसी महीने में रोज़ा न रखते, यहाँ तक कि हमें लगने लगता कि इस महीने में रोज़ा रखेंगे ही नहीं और किसी महीने में रोज़ा रखते जाते, यहाँ तक कि हमें लगने लगता कि इस महीने में रोज़ा छोड़ेंगे ही नहीं।…

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#3885HadeethEnc[सह़ीह़]

कभी ऐसा नहीं हुआ कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से कुछ माँगा गया और आपने ना कह दी।

जाबिर बिन अब्दुल्लाह- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- का वर्णन है कि कभी ऐसा नहीं हुआ कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से कुछ माँगा गया और आपने ना कह दी। तथा अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से जब इस्लाम के वास्ते से कुछ माँग…

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#4221HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को दूध पेश किया गया, जिसमें पानी मिला हुआ था। उस समय आपके दाएँ एक देहाती और बाएँ अबू बक्र- रज़ियल्लाहु अन्हुम- बैठे हुए थे। आपने दूध पिया और उसके बाद देहाती को देते हुए कहाः दाएँ वाले से शुरू किया करो।

अनस बिन मालिक- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को दूध पेश किया गया, जिसमें पानी मिला हुआ था। उस समय आपके दाएँ एक देहाती और बाएँ अबू बक्र- रज़ियल्लाहु अन्हुम- बैठे हुए थे। आपने दूध पिया और उसके बाद देहाती को देते हुए कहाः दाएँ…

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#4222HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मक्का विजय के दिन काले रंग की पगड़ी बाँधकर दाख़िल हुए।

जाबिर- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मक्का विजय के दिन काले रंग का साफा अर्थात पगड़ी बाँधकर दाख़िल हुए। अबू सईद अम्र बिन हुरैस- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैंः गोया कि मैं अल्लाह के रसूल - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को देख रहा ह…

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