افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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सुकर्मों की फ़ज़ीलतें

9 hadeeths in this category
#6256HadeethEnc[सह़ीह़]

जब कोई मुस्लिम प्रातः किसी बीमार मुस्लिम की इयादत (कुशल- मंगल लेना) करता है, तो सत्तर हज़ार फ़रिश्ते उस के लिए रहमत की प्रार्थना करते हैं

अली (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को फ़रमाते हुए सुनाः जब कोई मुस्लिम प्रातः किसी मुस्लिम व्यक्ति की इयादत (बीमारपुरसी) करता है, तो सत्तर हज़ार फ़रिश्ते शाम तक उस के लिए रहमत की प्रार्थना करते हैं। इसी प्रकार, जब कोई शाम…

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#6257HadeethEnc[सभी सनदों के आधार पर स़़ह़ीह़]

जब दो मुसलमान आपस में मिलते हैं और मुसाफ़हा करते हैं, तो उनके अलग होने से पहले-पहले उनको क्षमा कर दिया जाता है।

बरा बिन आज़िब -रज़ियल्लाहु अनहु- से रिवायत है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने…

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#6461HadeethEnc[सह़ीह़]

जब बंदा मुझसे एक बित्ता क़रीब आता है, तो मैं उससे एक हाथ क़रीब आता, जब वह मुझसे एक हाथ क़रीब आता है, तो मैं उससे दोनों हाथों को फैलाकर जितनी दूरी बनती है, उतना क़रीब आता हूँ और जब वह मेरे पास चलकर आता है, तो मैं उसके पास दौड़ कर आता हूँ।

अनस बिन मालिक और अबू हुरैरा -अल्लाह उन दोनों से प्रसन्न हो- से रिवायत है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अपने रब से रिवायत करते हुए कहते हैं कि अल्लाह तआला फरमाता है : "जब बंदा मुझसे एक बित्ता क़रीब आता है, तो मैं उससे एक हाथ क़रीब आता, जब वह मुझसे एक हाथ क़रीब आता है…

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#6469HadeethEnc[स़ह़ीह़]

एक व्यक्ति रास्ते में जा रहा था कि उसने रास्ते में कांटेदार टहनी देखी, तो उसने उसे हटा दिया। अल्लाह ने उसके इस काम को पसंद किया और उसे माफ कर दिया।

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#8876HadeethEnc[सह़ीह़]

इसकी तुमने प्रशंसा की, तो इसके लिए जन्नत अनिवार्य हो गई और इसकी तुमने बुराई की, तो इसके लिए जहन्नम वाजिब हो गई, तुम लोग वास्तव में धरती पर अल्लाह के गवाह हो

अनस (रज़ियल्लाहु अनहु) से रिवायत है कि लोग एक जनाज़ा लेकर गुज़रे तो सहाबा ने उसकी तारीफ की । इस पर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: इसके लिए वाजिब हो गई। उसके बाद दूसरा जनाज़ा लेकर गुज़रे तो सहाबा ने उसकी बुराई की तो अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि…

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#8900HadeethEnc[सह़ीह़]

आपका क्या ख़्याल है उस आदमी के प्रति जो नेक कर्म करता है और लोग उसकी उस पर प्रशंसा करते हैं? आपने फ़रमाया: यह मोमिन के लिए जल्द मिलने वाली शुभ सूचना है

अबू ज़र (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से कहा गया: आपका क्या ख़्…

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#10416HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के निन्यानवे, एक कम सौ नाम हैं, जिसने उन्हें याद कर लिया, वह जन्नत में प्रवेश करेगा, अल्लाह एक है और वह विषम संख्या को पसंद करता है

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#65114HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अल्लाह सोता नहीं है तथा सोना उसकी महानता के अनुरूप भी नहीं है

अबू मूसा रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है, वह कहते हैं : हमारे बीच अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम खड़े हुए और पाँच बातें फ़रमाईं : "अल्लाह सोता नहीं है तथा सोना उसकी महानता के अनुरूप भी नहीं है, वह तराज़ू को नीचे तथा ऊपर करता है, उसकी ओर रात के कर्म दिन के कर्मों…

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#65121HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मैं तुम सब से ज़्यादा परहेज़गार और अल्लाह को जानने वाला हूँ।

मुसलमानों की माता आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- का वर्णन है, वह कहती हैं : रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब सहाबा-ए-किराम रज़ियल्लाहु अन्हुम को आदेश देते तो उन्ही कामों का आदेश देते, जिनको वह आसानी से कर सकते थे । उन्होंने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! हमारा हाल आप जैसा नहीं…

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