افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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हुदूद (शरई दंड)

12 hadeeths in this category
#58231HadeethEnc[सह़ीह़]

निःसंदेह अल्लाह ने मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को सत्य के साथ भेजा है और आपके ऊपर (कुरआन नामक) किताब उतारी है। आपपर जो आयतें उतारी गईं हैं, उनमें संगसार (इस्लामी धर्मशास्त्र के अनुसार एक प्रकार का प्राणदंड जिसमें अपराधी को ज़मीन में कमर तक गाड़कर उसके सिर पर पत्थरों की वर्षा करके मार दिया जाता है) की आयत भी थी। हमने उसको पढ़ा है, याद किया है तथा समझा है। चुनांचे अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने संगसार किया है और हमने भी आपके बाद संगसार किया है।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से वर्णित है कि उमर बिन ख़त्ताब (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने फ़रमाया, जबकि वह अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के मिंबर पर बैठे हुए थे : “निःसंदेह अल्लाह ने मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को सत्य के साथ भेजा है और आपके…

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#58237HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने (कुँवारे को कुँवारी के साथ व्यभिचार करने पर) कोड़े मारे और नगर से निकाला, अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने भी कोड़े मारे और नगर से निकाला तथा उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने भी कोड़े मारे और नगर से निकाला।

अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से वर्णित है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने (कुँवारे को कुँवारी के साथ व्यभिचार करने पर) कोड़े मारे और नगर से निकाला, अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने भी कोड़े मारे और नगर से निकाला तथा उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने भी कोड़े मा…

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#58241HadeethEnc[ह़सन]

आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- का यह बयान कि जब उनकी बराअत (बेगुनाही एवं सतीत्व) से संबंधित आयत उतरी, तो नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मिंबर पर खड़े हुए तथा इस मामले का उल्लेख किया और कु़रआन का पाठ किया। फिर जब मिंबर से उतरे तो दो पुरुष तथा एक महिला के संबंध में आदेश दिया कि (उन्हें झूठा इल्ज़ाम लगाने का दंड जाए) अतः उनपर हद जारी की गई।

आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- से वर्णित है, वह कहती हैं : “जब मेरी बराअत (बेगुनाही एवं सतीत्व) से संबंधित आयत उतरी, तो नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मिंबर पर खड़े हुए तथा इस मामले का उल्लेख किया और कु़रआन का पाठ किया। फिर जब मिंबर से उतरे तो दो पुरुष तथा एक महिला के संबंध म…

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#58242HadeethEnc[सह़ीह़]

हिलाल बिन उमैया -रज़ियल्लाहु अन्हु- ने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के सामने अपनी पत्नी पर शरीक बिन सहमा के साथ कुकर्म करने का आरोप लगाया, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “तुम (चार) गवाह पेश करो, वरना तुम्हारी पीठ पर मिथ्या आरोप लगाने की सज़ा के तौर पर कोड़े लगाए जाएँगे।”

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से रिवायत है कि हिलाल बिन उमैया -रज़ियल्लाहु अन्हु- ने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के सामने अपनी पत्नी पर शरीक बिन सहमा के साथ कुकर्म करने का आरोप लगाया, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “तुम (चार)…

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#58244HadeethEnc[सह़ीह़]

जिसने अपने दास अथवा दासी पर व्यभिचार का आरोप लगाया और वह उससे बरी है, उसे क़यामत के दिन कोड़े लगाए जाएँगे। हाँ, किंतु यदि बात वैसी ही हो, जैसी उसने कही थी (तो नहीं)।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि मैंने अबुल क़ासिम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को कहते हुए सुनाः "जिसने अपने दास अथवा दासी पर व्यभिचार का आरोप लगाया और वह उससे बरी है, उसे क़यामत के दिन कोड़े लगाए जाएँगे। हाँ, किंतु यदि बात वैसी ही हो, जैसी उसन…

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#58245HadeethEnc[सह़ीह़]

चोर पर अल्लाह की लानत (धिक्कार) हो, वह अंडा चुराता है तो उसका हाथ काटा जाता है तथा रस्सी चुराता है तो उसका हाथ काटा जाता है।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से बयान करते हैं कि आपने फर…

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#58247HadeethEnc[सह़ीह़]

पेड़ में लटकते हुए फल तथा खजूर के पेड़ का गूदा -पिठ्ठा- चुराने पर हाथ नहीं काटा जाएगा।

मुहम्मद बिन यहया बिन हिब्बान का वर्णन है कि एक दास ने एक व्यक्ति के बाग से खजूर का एक पौधा चुरा लिया और अपने मालिक के बाग में लगा दिया। पौधे का मालिक उसे ढूँढते हुए निकला और उसे पौधा मिल भी गया। उसने उस दास के विरुद्ध मरवान बिन हकम से मदद माँगी, जो उन दिनों मदीना के अमी…

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#58251HadeethEnc[इसकी सनद ह़सन है।]

जो कुछ किसी ज़रूरतमंद ने खा लिया और कपड़े में नहीं रखा (तथा बाँधकर ले नहीं गया) उसपर जुर्माना नहीं है और जो व्यक्ति कुछ लेकर बाहर निकला, उसे जुर्माना के तौर पर उसका दोगुना देना है और दंड भी मिलना है। और जिसने उसे खलियान में पहुँचने के बाद चुराया और उसका मूल्य एक ढाल के बराबर हो, उसका हाथ काटा जाएगा।

अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस (रज़ियल्लाहु अंहु) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से पेड़ पर लगे हुए फल के बारे में पूछा गया, तो आपने फ़रमायाः "जो कुछ किसी ज़रूरतमंद ने खा लिया और कपड़े में नहीं रखा (तथा बाँधकर ले नहीं गया) उसपर जुर्माना नहीं है और…

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#58252HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं एक काले रंग की नक़्शेदार चादर ओढ़कर मस्जिद में सोया हुआ था, जिसका मूल्य तीस दिरहम था। इतने में एक व्यक्ति आया और मुझसे उचक ले गया। फिर वह व्यक्ति पकड़ा गया और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास लाया गया, तो आपने उसका हाथ काटने का आदेश दिया।

सफ़वान बिन उमय्या कहते हैं कि मैं एक काले रंग की नक़्शेदार चादर ओढ़कर मस्जिद में सोया हुआ था, जिसका मूल्य तीस दिरहम था। इतने में एक व्यक्ति आया और मुझसे उचक ले गया। फिर वह व्यक्ति पकड़ा गया और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास लाया गया, तो आपने उसका हाथ क…

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#58254HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक व्यक्ति को लाया गया, जिसने शराब पी रखी थी। आपने उसे खजूर की दो शाखाओं से लगभग चालीस बार मारा।

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अंहा) का वर्णन है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक व्यक्ति को लाया गया, जिसने शराब पी रखी थी। आपने उसे खजूर की दो शाखाओं से लगभग चालीस बार मारा। वर्णनकर्ता कहते हैं कि अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अंहु) ने भी इसी पर अमल किया। फिर जब उमर (र…

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#58258HadeethEnc[सह़ीह़]

जब अल्लाह ने वह आयत उतारी, जिसमें शराब को हराम क़रार दिया है, तो उस समय मदीने में प्रयोग होने वाली सारी शराबें खजूर की होती थीं।

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