ऐ अल्लाह, मेरी क़ब्र को बुत न बनने देना
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "ऐ अल्लाह…
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अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "ऐ अल्लाह…
अली बिन हुसैन से रिवायत है कि उन्होंने एक व्यक्ति को नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की क़ब्र के निकट दीवार के एक छिद्र से अंदर जाकर दुआ करते देखा, तो उसे मना किया और फ़रमायाः क्या मैं तुम्हें वह हदीस न बताऊँ, जो मैंने अपने पिता के वास्ते से अपने दादा से सुनी है कि अल्ला…
अली रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है, वह कहते हैं : मैं एक ऐसा व्यक्ति था, जिसे बहुत ज़्यादा मज़ी (चिपचिपा सफ़ेद तरल जो पेशाब के रास्ते से) आती थी। अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के दामाद होने के नाते मुझे शर्मिंदगी महसूस हो रही थी कि मैं आपसे इस बारे में पूछूँ। अ…
उम्मे सलमा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि अबू तलहा (रज़ियल्लाहु अंहु) की पत्नी उम्मे सुलैम (रज़ियल्लाहु अंहा) अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आकर कहने लगींः ऐ अल्लाह के रसूल, अल्लाह ह़क़ बात से शर्माता नहीं है। यदि स्त्री को स्वप्नदोष हो जाए, तो क्या उस…
आइशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) कहती हैं कि मेरे पास एक स्त्री आई, जिसके साथ उसकी दो बेटियाँ थीं। वह मुझसे कुछ माँग रही थी, लेकिन मेरे पास उसे एक ही खजूर मिल सका। मैंने वह खजूर उसे दिया, तो उसने उसे दोनों बेटियों के बीच बाँट दिया और ख़ुद कुछ नहीं खाया। फिर वह उठकर चल पड़ी। जब…
अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : मैंने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा कि अल्लाह के निकट सबसे अधिक कौन-सा कर्म प्रिय है? आपने उत्तर दिया : "समय पर नमाज़ पढ़ना।" मैंने पूछा : फ़िर काैन-सा? फ़रमाया : "माँ-बाप के साथ अच्छा व्यवह…
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु बयान करते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "मुनाफ़िक़ों पर सबसे भारी नमाज़ इशा और फ़ज्र की नमाज़ है और अगर उन्हें इन नमाज़ों के सवाब का अंदाज़ा हो जाए, तो घुटनों को बल चलकर आएँ। मैंने तो (एक बार) इरादा कर लिया था कि…
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "मेरी उम्मत को क़यामत के दिन इस अवस्था में पुकारा जाएगा कि वज़ू के निशानों के कारण उनके चेहरे और हाथ-पाँव चमक रहे होंगे।" अतः, तुममें से जो अपनी इस चमक को बढ़ा सकता है, वह ऐ…
अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से रिवायत है, उन्होंने एक व्यक्ति को देखा कि जैसे ही अल्लाह की विशेषताओं के बारे में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की एक हदीस सुनी, (उसे एक नामालूम वस्तु समझते हुए) काँपने लगा। ऐसे में उन्होंने कहाः इन लोगों का भय कैसा है? यह…
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : "जिस दिन भी बंदे सुबह करते हैं, दो फ़रिश्ते उतरते हैं; एक कहता है : ऐ अल्लाह ख़र्च करने वाले को उत्तम प्रतिफल प्रदान कर। जबकि दूसरा कहता है : ऐ अल्लाह, रोकने वाले (कंजूस) क…
अबू नुजैद इमरान बिन हुसैन ख़ुज़ाई (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि (क़बीला) जुहैना की एक स्त्री अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आई, जो ज़िना (व्यभिचार) के कारण गर्भवती थी। वह बोलीः ऐ अल्लाह के रसूल, मैं हद की हक़दार हो चुकी हूँ, अतः मुझपर हद जारी कीज…
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