”
#65062HadeethEnc[स़ह़ीह़]
आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, उन्होंने कहा : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने यह आयत पढ़ी : "(ऐ नबी!) वही है जिसने आप पर यह पुस्तक उतारी, जिसमें से कुछ आयतें मुहकम हैं, वही पुस्तक का मूल हैं, तथा कुछ दूसरी (आयतें) मुतशाबेह हैं। फिर जिनके दिलों में टेढ़ है…
”
#65063HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अली रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है, वह कहते हैं : मैं एक ऐसा व्यक्ति था कि जब अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से कोई हदीस सुनता, तो उससे अल्लाह मुझे जितना फ़ायदा पहुँचाना चाहता, पहुँचाता। और जब आपका कोई साथी मुझे कोई हदीस सुनाता, तो मैं उसे क़सम खाने को कहता। जब…
”
#65065HadeethEnc[ज़ईफ़ (दुर्बल)]
आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है : एक व्यक्ति अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सामने बैठा और बोला : ऐ अल्लाह के रसूल! मेरे कुछ ग़ुलाम हैं। वह मुझसे झूठ बोलते हैं, मेरे साथ विश्वासघात करते हैं और मेरी अवज्ञा करते हैं। जबकि मैं उनको गाली देता हूँ और मारता हूँ। उ…
”
#65075HadeethEnc[ह़सन]
ज़ुबैर बिन अव्वाम रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, वह कहते हैं : जब यह आयत : {ثُمَّ لَتُسْأَلُنَّ يَوْمَئِذٍ عَنِ النَّعِيمِ} (फिर निश्चय तुम उस दिन नेमतों के बारे में अवश्य पूछे जाओगे।) [सूरा अल-तकासुर : 8] उतरी, तो ज़ुबैर रज़ियल्लाहु अनहु ने पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल! हम…
”
#65114HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अबू मूसा रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है, वह कहते हैं : हमारे बीच अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम खड़े हुए और पाँच बातें फ़रमाईं : "अल्लाह सोता नहीं है तथा सोना उसकी महानता के अनुरूप भी नहीं है, वह तराज़ू को नीचे तथा ऊपर करता है, उसकी ओर रात के कर्म दिन के कर्मों…
”
#65124HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अब्दुल्लाह बिन अम्र रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "चार बातें जिस व्यक्ति के अंदर होंगी, वह शुद्ध मुनाफ़िक़ होगा। जिसके अंदर इनमें से एक बात होगी, उसके अंदर उसे छोड़ देने तक निफ़ाक़ की एक बात होगी। जब…
”
#65468HadeethEnc[ह़सन]
अब्दुल्लाह बिन अ'न'मह का वर्णन है, वह कहते हैं : मैंने अम्मार बिन यासिर को देखा कि वह मस्जिद में दाखिल हुए और हल्की नमाज़ पढ़ी। जब वह बाहर निकले, तो मैं उनके पास गया और कहा : ऐ अबू यक़ज़ान! आपने तो बहुत हल्की नमाज़ पढ़ी है। उन्होंने कहा : तो क्या तुमने मुझे नमाज़ के किस…
”
#65772HadeethEnc[स़ह़ीह़]
मुसलमानों की माता उम्म-ए-सलमा -रज़ियल्लाहु अनहा- से वर्णित है, वह कहती हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को फ़रमाते हुए सना है : ''जब किसी मुसलमान को कोई दुख पहुँचता है, और वह यह दुआएँ पढ़ता है, जिनका अल्लाह ने आदेश दिया है : (हम सब अल्लाह के हैं और…
”
#65815HadeethEnc[स़ह़ीह़]
मोमिनों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अन्हा का वर्णन है, वह कहती हैं : मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के घर…
”
#65816HadeethEnc[स़ह़ीह़]
मुसलमानों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अन्हा का वर्णन है, वह कहती हैं : जब से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व…
”
#65820HadeethEnc[स़ह़ीह़]
मुसलमानों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अन्हा का वर्णन है, वह कहती हैं : रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का बिस्तर चमड़े का था और उसकी भराई खजूर की छाल की थी। जबकि मुस्लिम की रिवायत में है : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का तकिया, जिस पर आप टेक लगाते थे, चमड़े…
”
#65821HadeethEnc[स़ह़ीह़]
अम्र बिन हारिस, जो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साले और उम्मुल मोमिनीन जुवैरिया बिन्ते हारिस के भाई हैं, -रज़ियल्लाहु अन्हुम- का वर्णन है, : रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपनी मृत्यु के समय न कोई दिरहम छोड़ा, न दीनार, न कोई ग़ुलाम और न लौंडी, और न कोई…