افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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दिलों को पिघलाने वाली बातें और नसीहतें

12 hadeeths in this category
#8344HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जब जन्नती जन्नत में दाख़िल हो जाएँगे, तो उच्च एवं बरकत वाला अल्लाह कहेगा : क्या मैं तुम्हें और भी कोई चीज़ दूँ?

सुहैब रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जब जन्नती जन्नत में दाख़िल हो जाएँगे, तो उच्च एवं बरकत वाला अल्लाह कहेगा : क्या मैं तुम्हें और भी कोई चीज़ दूँ? वे कहेंगे : क्या तूने हमारे चेहरे रौशन नहीं कर दिए? क्या तूने हमें…

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#8349HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मोमिन के लिए जन्नत के अंदर एक खोखले मोती से बना एक तंबू होगा, जिसकी ऊँचाई साठ मील होगी। उसमें मोमिन की पत्नियाँ होंगी, जिनके पास वह आए-जाएगा और वह पत्नियाँ एक-दूसरे को देख नहीं सकेंगी।

अबू मूसा रज़ियल्लाहु अन्हु अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से रिवायत करते हैं कि आपने फ़रमाया है : "मोमिन के लिए जन्नत के अंदर एक खोखले मोती से बना एक तंबू होगा, जिसकी ऊँचाई साठ मील होगी। उसमें मोमिन की पत्नियाँ होंगी, जिनके पास वह आए-जाएगा और वह पत्नियाँ एक-दू…

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#8350HadeethEnc[सह़ीह़]

बेशक जन्नत में एक पेड़ है कि एक तेज़ रफ़्तार घुड़सवार सौ साल तक चलता रहेगा, लेकिन उसे पार नहीं कर पाएगा।

अबू सईद खुदरी -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- से वर्णित है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “बेशक जन्नत में एक ऐसा पेड़ है कि एक तेज़ रफ़्तार घुड़सवार सौ साल तक चलता रहेगा, लेकिन उसे पार नहीं कर पाएगा।” इसे बुखारी तथा मुुस्लिम ने अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- से…

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#8351HadeethEnc[सह़ीह़]

जन्नत वाले अपने से ऊपर के लोगों को ऐसे देखेंगे, जैसे तुम लोग आकाश में पूरब या पश्चिम में चमचमाते सितारे को देखते हो, यह सब श्रेणियों में अंतर होने के कारण होगा।

अबू सईद ख़ुदरी -रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “जन्नत वाले अपने से ऊपर के लोगों को ऐसे देखेंगे, जैसे तुम लोग आकाश में पूरब या पश्चिम में चमचमाते सितारे को देखते हो। यह सब श्रेणियों में अंतर होने के कारण होगा।” लोगों ने कहा…

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#8352HadeethEnc[सह़ीह़]

जन्नत में एक कमान के बराबर स्थान, उन तमाम चीज़ों से बेहतर है, जिनपर सूरज निकलता अथवा डूबता है।

अबू हुरैरा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- से रिवायत है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम-…

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#8353HadeethEnc[स़ह़ीह़]

“जन्नत में एक बाज़ार है, जहाँ जन्नती प्रत्येक जुमा को जाएँगे

अनस -रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : “जन्नत में एक बाज़ार है, जहाँ जन्नती प्रत्येक जुमा को जाएँगे, उस समय उत्तरी हवा चलेगी जो उनके चेहरों तथा कपड़ों पर धूल डाल देगी, जिससे वे और अधिक खूबसूरत एवं सुंदर हो जाएँगे…

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#8410HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उहद के शहीदों के पास गए और आठ साल पश्चात उनके लिए दुआ की, जैसे जीवित तथा मृत को विदा कर रहे हैं और उनसे विदाई ले रहे हैं

उक़बा बिन आमिर (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उहद के शहीदों की क़ब्रों के पास गए और आठ साल पश्चात उनके लिए दुआ की, जैसे जीवित तथा मृत को विदा कर रहे हैं, फिर मेंबर पर चढ़े और फ़रमाया: बेशक मैं तुम से पूर्व ही जाने वाला हूँ और तु…

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#8898HadeethEnc[सह़ीह़]

मानव के भाग्य में ज़िना लिख दिया गया है, जिसे वह करके रहेगा: आँखों का ज़िना देखना है। कानों का ज़िना सुनना है और ज़बान का ज़िना गंदी बात करनी है। हाथों का ज़िना पकड़ना है और पैर का ज़िना चलकर जाना है। और दिल चाहता व तमन्ना करता है और गुप्तांग उसे सच कर दिखाता है अथवा उसे झुठला देता है

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) वर्णन करते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: मानव के भाग्य में ज़िना (व्याभिचार) लिख दिया गया है, जिसे वह करके रहेगा: आँखों का ज़िना देखना है। कानों का ज़िना सुनना है और ज़बान का ज़िना गंदी बात करनी है। हाथों का ज़…

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#8899HadeethEnc[सह़ीह़]

क़यामत के दिन सर्वप्रथम जिस व्यक्ति के बारे में निर्णय लिया जाएगा, वह दुनिया में शहीद हुआ होगा। उसे लाया जाएगा, फिर अल्लाह तआला उसे अपनी नीमतों का इक़रार कराएगा, तो वह उन नीमतों का इक़रार कर लेगा। तब (अल्लाह तआला) कहेगा: तूने इन नीमतों का कैसा उपयोग किया?। वह व्यक्ति कहेगा: मैं तेरे लिए जिहाद करता रहा, यहाँ तक कि शहीद कर दिया गया

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को फ़रमाते हुए सुना: क़यामत के दिन सर्वप्रथम जिस व्यक्ति के बारे में निर्णय लिया जाएगा, वह दुनिया में शहीद हुआ होगा। उसे लाया जाएगा, फिर अल्लाह तआला उसे अपनी नीमतों का इक़रार कराएग…

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