افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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दिलों को पिघलाने वाली बातें और नसीहतें

12 hadeeths in this category
#8903HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मैंने जहन्नम के दो प्रकार के लोगों को नहीं देखा : एक वह लोग जिनके पास गाय की पूँछ जैसे कोड़े होंगे और वह लोगों को उससे मारेंगे। दूसरे वह महिलाएँ जो वस्त्र में होकर भी नंगी होंगी। दूसरों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी और स्वयं दूसरों की तरफ आकर्षित होंगी।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "मैंने जहन्नम के दो प्रकार के लोगों को नहीं देखा : एक वह लोग जिनके पास गाय की पूँछ जैसे कोड़े होंगे और वह लोगों को उससे मारेंगे। दूसरे वह महिलाएँ जो वस्त्र में ह…

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#10011HadeethEnc[स़ह़ीह़]

ऐ औरतो! तुम सदक़ा किया करो, क्योंकि मैंने जहन्नम के अंदर तुम्हारी संख्या अधिक देखी है।" औरतों ने पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल! ऐसा क्यों है? आपने उत्तर दिया : "तुम लानत अधिक करती हो और पति की नाशुक्री करती हो। मैंने विवेक एवं दीन में अधूरी होने के बावजूद तुम (औरतों) से ज़्यादा किसी को भी एक विवेकशील व्यक्ति के विवेक को भ्रमित कर देने वाला नहीं देखा।

अबू सईद खु़दरी रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ईद अल-अज़हा या ईद अल-फ़ित्र के दिन ईदगाह की ओर निकले और इस दौरान औरतों के निकट से गुज़रे, तो फ़रमाया : "ऐ औरतो! तुम सदक़ा किया करो, क्योंकि मैंने जहन्नम के अंदर तुम्हारी संख्या अधिक…

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#10404HadeethEnc[स़ह़ीह़]

बरकत वाले एवं महान अल्लाह ने कहा है : मैंने अपने अच्छे कर्म करने वाले बंदों के लिए वह चीज़ें तैयार कर रखी हैं, जिन्हें न किसी आँख ने देखा है, न किसी कान ने सुना है और न किसी इनसान के दिल में उनका ख़याल आया है।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : बरकत वाले एवं महान अल्लाह ने कहा है : मैंने अपने अच्छे कर्म करने वाले बंदों के लिए वह चीज़ें तैयार कर रखी हैं, जिन्हें न किसी आँख ने देखा है, न किसी कान ने सुना है और न…

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#10405HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं उस व्यक्ति को अच्छी तरह जानता हूँ, जो अंत में जहन्नम से निकलेगा और अंत में जन्नत के अंदर प्रवेश करेगा। वह चूतड़ों के बल घिसटता हुआ जहन्नम से निकलेगा। सर्वशक्तिमान अल्लाह उससे कहेगा: जाओ और जन्नत में प्रवेश कर जाओ। वह जन्नत के पास जाएगा, लेकिन उसे ऐसा लगेगा कि जन्नत भरी हुई है। अतः लौट आएगा और कहेगा: ऐ मेरे रब! मैंने पाया कि जन्नत भरी हुई है

मुग़ीरा बिन शोबा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपने रब से पूछा: जन्नत में सबसे निचले दरजे वाला व्यक्ति कौन होगा? अल्लाह ने कहा: वह ऐसा व्यक्ति होगा, जो जन्नतियों के जन्नत में प्रवेश कर जाने के…

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#10409HadeethEnc[सह़ीह़]

हर वह माल, जो मैंने अपने बंदे को दिया है, वह उसके लिए हलाल है, मैंने अपने सारे बंदों को एक अल्लाह की वंदना करने वाला बनाकर पैदा किया है, फिर शैतान उनके पास आए और उन्हें उनके धर्म से बहकाने लगे

इयाज़ बिन हिमार मुजाशिई (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि एक दिन अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपने संबोधन में फ़रमाया: सुन लो, मेरे रब ने मुझे आदेश दिया है कि उसने आज मुझे जो बातें सिखाई हैं, उनमें से वह बातें मैं तुम्हें बता दूँ, जो तुम नहीं जानते। (अल्…

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#10413HadeethEnc[सह़ीह़]

क्या तुम्हें दोपहर के समय सूरज को देखने में, जबकि वह बादलों में न हो, कोई कठिनाई होती है? उन्होंने उत्तर दिया कि नहीं! तो आपने फ़रमाया: क्या तुम्हें चौदहवीं की रात को, चाँद को देखने में, जबकि वह बादलों में न हो, कोई कठिनाई होती है?

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि सहाबा ने कहा: ऐ अल्लाह के रसूल! क्या क़यामत के दिन हम अपने रब को देख सकेंगे? आपने फ़रमाया: क्या तुम्हें दोपहर के समय सूरज को देखने में, जबकि वह बादलों में न हो, कोई कठिनाई होती है? उन्होंने उत्तर दिया कि नहीं। तो आपने फ़रमाया…

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#10855HadeethEnc[ह़सन]

मुझे तुमपर जिन चीज़ों का डर है, उनमें से एक वह आदमी है, जो क़ुरआन पढ़ेगा, यहाँ तक कि जब क़ुरआन की चमक उसके ऊपर दिखने लगेगी और वह इसलाम का सहारा बन जाएगा, तो वह स्वयं को बदलकर वह बना लेगा, जो अल्लाह चाहे। चुनांचे वह इसलाम से निकल जाएगा और उसे अपने पीछे डाल देगा एवं अपने पड़ोसी पर तलवार लेकर चढ़ दौड़ेगा तथा उसपर शिर्क का लांछन लगाएगा।

ह़ुज़ैफा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “मुझे तुमपर जिन चीज़ों का डर है, उनमें से एक वह आदमी है, जो क़ुरआन पढ़ेगा, यहाँ तक कि जब क़ुरआन की चमक उसके ऊपर दिखने लगेगी और वह इसलाम का सहारा बन जाएगा, तो वह स्वयं को ब…

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#10856HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं अपनी उम्मत पर दो चीजों से डरता हूँः क़ुरआन और दूध। जहाँ तक दूध की बात है, तो लोग उसके कारण देहातों की ओर चले जाएँगे और अपनी इच्छाओं के पीछे भागेंगे तथा नमाज़ छोड़ेंगे। रही बात क़ुरआन की, तो मुनाफ़िक़ भी उसे सीख लेंगे और उसके आधार पर मोमिनों से बहस करेंगे।

उक़बा बिन आमिर (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “मैं अपनी उम्मत पर दो चीजों से डरता हूँः क़ुरआन और दूध। जहाँ तक दूध की बात है, तो लोग उसके कारण देहातों की ओर चले जाएँगे और अपनी इच्छाओं के पीछे भागेंगे तथा नमाज़ छोड़ेंगे।…

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#11205HadeethEnc[ह़सन]

क़ब्र आख़िरत का पहला पड़ाव है। यदि बंदा यहाँ बच गया, तो बाद के पड़ाव इससे आसान हैं। और अगर यहाँ न बच सका, तो बाद के पड़ाव इससे कठिन हैं।

उसमान के आज़ाद किए हुए ग़ुलाम हानी कहते हैंः उसमान -रज़ियल्लाहु अन्हु- जब किसी क़ब्र के पास ख़ड़े होते, तो इतना रोते कि उनकी दाढ़ी भीग जाती। उनसे कहा गया कि आप जन्नत और जहन्नम का ज़िक्र करते हैं, तो नहीं रोते, लेकिन इससे रोते हैं? तो फ़रमायाः अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु…

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#11212HadeethEnc[सह़ीह़]

बरा बिन आज़िब -रज़ियल्लाहु अन्हु- की हदीस के आलोक में क़ब्र की नेमतों और यातनओं का वर्णन

बरा बिन आज़िब -रज़ियल्लाहु अंहु- कहते हैं कि हम अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ एक अनसारी के जनाज़े में निकले। हम क़ब्र के पास पहुँचे। अभी मुर्दे को दफ़न करने का कार्य संपन्न नहीं हुआ था। अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- बैठ गए और हम भी आपके आस…

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#58193HadeethEnc[सह़ीह़]

एक स्त्री को एक बिल्ली के कारण यातना दी गई, जिसे उसने बाँधकर रखा था, यहाँ तक कि वह मर गई। अतः वह उसके कारण जहन्नम में गई। जब उसने उसे बाँधकर रखा, तो न कुछ खाने को दिया, न पीने को दिया और न ही आज़ाद छोड़ा कि वह स्वयं धरती के कीड़े-मकोड़े खा सके।

अब्दुल्लाह बिन अम्र -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “एक स्त्री को एक बिल्ली के कारण यातना दी गई, जिसे उसने बाँधकर रखा था, यहाँ तक कि वह मर गई। अतः वह उसके कारण जहन्नम में गई। जब उसने उसे बाँधकर रखा, तो न कुछ ख…

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