افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
Islamic Reads · HadeethEnc

Prophetic Hadeeth Encyclopedia

Search and read verified Prophetic hadeeth translations, explanations, benefits, categories and source attribution. Page 118.

Content source:HadeethEnc.com·Version 1.59.0
2,314hadeeths
Advanced search

Search the Hadeeth Encyclopedia

Smart instant results tolerate minor spelling mistakes, with every filter in one place.

2,314hadeeths
#8362HadeethEnc[सह़ीह़]

तुम्हारे लिए दो प्रकार के मुर्दे तथा दो प्रकार के रक्त हलाल किए गए हैं। जहाँ तक दो मुर्दों की बात है तो वह हैं : मछली और टिड़्डी। और जहाँ तक दो रक्त की बात है, तो वह हैं : जिगर तथा तिल्ली।

अब्दुल्लाह बिन उमर -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फरमाया : “तुम्हारे लिए दो प्रकार के मुर्दे तथा दो प्रकार के रक्त हलाल किए गए हैं। जहाँ तक दो मुर्दों की बात है तो वह हैं : मछली और टिड़्डी। और जहाँ तक दो रक्त की बात है,…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8363HadeethEnc[सह़ीह़]

जब तुममें से किसी के पेय पदार्थ में मक्खी गिर जाए, तो वह उसे उसमें डुबोकर निकाल ले, क्योंकि उसके एक पर में रोग है और दूसरे में शिफ़ा।

अबू हुरैरा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- से मरफ़ूअन रिवायत है : “जब तुममें से किसी के पेय पदार्थ में मक्खी गिर…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8365HadeethEnc[सह़ीह़]

जो व्यक्ति सोने या चाँदी के बर्तन में पीता है वह अपने पेट में जहन्नम की आग भरता है।

उम्मे सलमा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहती हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “जो…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8366HadeethEnc[ह़सन]

क़ुरैश के कुछ लोग अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास से गुज़रे, जो एक बकरी को गधे की तरह घसीटकर ले जा रहे थे। यह देख अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “तुम उसका चमड़ा ही उतार लेते।” उन लोगों ने कहा : यह तो मरी हुई है! अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “उसे पानी और क़रज -नामी पेड़ के पत्ते- शुद्ध कर देते हैं।”

आलिया बिंत सुबैय कहती हैं कि उहुद में मेरी कुछ बकरियाँ थीं, जो मरने लगीं, तो मैं नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की पत्नी मैमूना रज़ियल्लाहु अन्हा के पास गई और उनके सामने इसका ज़िक्र किया। मैमूना -रज़ियल्लाहु अन्हा- ने मुझसे कहा : यदि तुम उनके चमड़े उतार लेती, तो उनसे फ़…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8367HadeethEnc[सह़ीह़]

हम लोग एक सफर में नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ थे। हम रात भर चलते रहे, यहाँ तक कि रात का अंतिम पहर हुआ, तो कुछ देर के लिए सो गए। वैसे भी, मुसाफिर के लिए सोने से उत्तम कोई वस्तु नहीं होती। हम सोए रहे, यहाँ तक कि सूरज की गरमी से ही जागे। सबसे पहले जागने वाले व्यक्ति अमुक, फिर अमुक, फिर अमुक, फिर उमर बन खत्ताब थे।

इमरान बिन हुसैन -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से रिवायत है, उन्होंने फ़रमाया कि हम लोग एक सफर में नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ थे। हम रात भर चलते रहे, यहाँ तक कि रात का अंतिम पहर हुआ, तो कुछ देर के लिए सो गए। वैसे भी, मुसाफिर के लिए सोने से उत्तम कोई वस्तु नहीं होती। ह…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8368HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- का प्याला टूट गया, तो टूटने के स्थान पर चाँदी का तार लगा दिया।

अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- का प्याला टूट गया, तो टूट…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8370HadeethEnc[सह़ीह़]

बेशक अल्लाह ने हर हक़ वाले को उसका हक़ दे दिया है और वारिस के लिए कोई वसीयत नहीं है। बिस्तर वाले के लिए बच्चा है और व्यभिचारी के लिए पत्थर है। जो पिता को छोड़कर दूसरे से अपने को मंसूब करता है अथवा मुक्त करने वाले को छोड़कर दूसरे की ओर निस्बत करता है, उसपर अल्लाह की लानत है। अल्लाह उसकी न फ़र्ज़ इबादत ग्रहण करेगा, न नफ़ल इबादत।

अम्र बिन खारिजा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अपनी ऊँटनी पर सवार होकर ख़ुतबा दिया। उस समय मैं उसकी गरदन के नीचे खड़ा था, वह जुगाली कर रही थी तथा उसकी लार मेरे कंधों के बीच गिर रही थी। मैंने आपको फ़रमाते हुए सुना : “बेशक अल्लाह ने…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8371HadeethEnc[सह़ीह़]

लड़की का पेशाब धोया जाएगा और लड़के के पेशाब पर छींटे मारे जाएँगे।

अबु सम्ह कहते हैं कि मैं नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की सेवा करता था। जब आप स्नान करना चाहते, तो फ़रमाते : “मेरी ओर अपनी पीठ कर लो।” चुनाँचे मैं आपकी ओर अपनी पीठ कर लेता और आपका पर्दा करता। एक बार हसन अथवा हुसैन -रज़ियल्लाहु अनहुमा- को लाया गया। उन्होंने आपके सीने पर…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8372HadeethEnc[सह़ीह़]

वह उसे खुर्चेगी, फिर पानी से रगड़कर साफ़ करेगी, फिर धोएगी और उसी में नमाज़ पढ़ेगी।

असमा बिंत अबू बक्र -रज़ियल्लाहु अनहा- कहती हैं कि एक स्त्री नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आई और बोली कि बताएँ कि यदि हममें से किसी स्त्री के कपड़े में माहवारी का ख़ून लग जाए, तो वह क्या करे? आपने फ़रमाया : “वह उसे खुर्चेगी, फिर पानी से रगड़कर साफ़ करेगी, फिर धोए…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#8373HadeethEnc[सह़ीह़]

ख़ून को धो लेना ही तुझे काफ़ी है और उसका निशान तेरे लिए हानिकारक नहीं।

अबू हुरैरा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि ख़ौला बिंत यसार -रज़ियल्लाहु अन्हा- नबी -सल्लल्ललाहु अलैहि वसल्लम- के पास आईं और बोलीं : ऐ अल्लाह के रसूल, मेरे पास एक ही कपड़ा है और मुझे उसीमें माहवारी आ जाती है। मैं क्या करुँ? आपने फ़रमाया : “जब तुम पवित्र हो जाओ, तो उ…

Read hadeeth 2Views 0Cards 0Shares
Share

Shopping Basket

Loading...