افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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#8349HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मोमिन के लिए जन्नत के अंदर एक खोखले मोती से बना एक तंबू होगा, जिसकी ऊँचाई साठ मील होगी। उसमें मोमिन की पत्नियाँ होंगी, जिनके पास वह आए-जाएगा और वह पत्नियाँ एक-दूसरे को देख नहीं सकेंगी।

अबू मूसा रज़ियल्लाहु अन्हु अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से रिवायत करते हैं कि आपने फ़रमाया है : "मोमिन के लिए जन्नत के अंदर एक खोखले मोती से बना एक तंबू होगा, जिसकी ऊँचाई साठ मील होगी। उसमें मोमिन की पत्नियाँ होंगी, जिनके पास वह आए-जाएगा और वह पत्नियाँ एक-दू…

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#8350HadeethEnc[सह़ीह़]

बेशक जन्नत में एक पेड़ है कि एक तेज़ रफ़्तार घुड़सवार सौ साल तक चलता रहेगा, लेकिन उसे पार नहीं कर पाएगा।

अबू सईद खुदरी -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- से वर्णित है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “बेशक जन्नत में एक ऐसा पेड़ है कि एक तेज़ रफ़्तार घुड़सवार सौ साल तक चलता रहेगा, लेकिन उसे पार नहीं कर पाएगा।” इसे बुखारी तथा मुुस्लिम ने अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- से…

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#8351HadeethEnc[सह़ीह़]

जन्नत वाले अपने से ऊपर के लोगों को ऐसे देखेंगे, जैसे तुम लोग आकाश में पूरब या पश्चिम में चमचमाते सितारे को देखते हो, यह सब श्रेणियों में अंतर होने के कारण होगा।

अबू सईद ख़ुदरी -रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “जन्नत वाले अपने से ऊपर के लोगों को ऐसे देखेंगे, जैसे तुम लोग आकाश में पूरब या पश्चिम में चमचमाते सितारे को देखते हो। यह सब श्रेणियों में अंतर होने के कारण होगा।” लोगों ने कहा…

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#8352HadeethEnc[सह़ीह़]

जन्नत में एक कमान के बराबर स्थान, उन तमाम चीज़ों से बेहतर है, जिनपर सूरज निकलता अथवा डूबता है।

अबू हुरैरा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- से रिवायत है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम-…

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#8353HadeethEnc[स़ह़ीह़]

“जन्नत में एक बाज़ार है, जहाँ जन्नती प्रत्येक जुमा को जाएँगे

अनस -रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : “जन्नत में एक बाज़ार है, जहाँ जन्नती प्रत्येक जुमा को जाएँगे, उस समय उत्तरी हवा चलेगी जो उनके चेहरों तथा कपड़ों पर धूल डाल देगी, जिससे वे और अधिक खूबसूरत एवं सुंदर हो जाएँगे…

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#8355HadeethEnc[स़ह़ीह़]

समुद्र का पानी स्वयं पाक है एवं दूसरों को पाक करने वाला है और उसका मरा हुआ जानवर हलाल है।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : एक व्यक्ति ने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल! हम समुद्री यात्रा पर निकलते हैं और हमारे साथ थोड़ा-सा पानी होता है। उससे वज़ू कर लें, तो प्यासे रह जाएँगे। ऐसे मे क्या हम समुद्र के…

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#8356HadeethEnc[सह़ीह़]

पानी पवित्र तथा पवित्र करने वाला है। उसे कोई वस्तु अपवित्र नहीं करती।

अबू सईद खुदरी -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से कहा गया : क्या हम बूज़ाआ नामी कुएँ से वज़ू करें, जिसमें माहवाारी के कपड़े और कुत्ते के गोश्त तथा सड़ी और बदबूदार चीज़ें डाली जाती हैं? अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल…

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#8357HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जब पानी दो क़ुल्ला (दो बड़े-बड़े घड़ों के बराबर) हो जाए, तो वह गंदगी को प्रभावी होने नहीं देता।

अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अनहुमा- से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से उस पानी के बारे में पूछा गया, जिसपर चौपाये और दरिंदे आते-जाते रहते हों। अतः आप -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उत्तर दिया : "जब पानी दो क़ुल्ला (दो बड़े-बड़े घड़ों के बराब…

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#8360HadeethEnc[सह़ीह़]

पानी नापाक नहीं होता।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की एक पत्नी ने एक बड़े बरतन के पानी से स्नान किया और उसके बाद नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- उसी पानी से वज़ू अथवा स्नान करने के लिए आए, तो उन्होंने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल, मैं अपव…

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#8361HadeethEnc[सह़ीह़]

बिल्ली अपवित्र नहीं है। यह तुम्हारे आप-पास घूमने-फिरने वालों तथा घूमने-फिरने वालियों में से है।

कबशा बिंत काब बिन मालिक -जिनका विवाह अबू क़तादा के बेटे के सा हुआ था- कहती हैं कि अबू क़तादा आए, तो उन्होंने उनके लिए वज़ू का पानी निकालकर दिया। इतने में एक बिल्ली आई और वही पानी पीने लगी। यह देख उन्होंने बरतन को झुका दिया, यहाँ तक कि उसने अच्छी तरह पी लिया। कबशा कहती ह…

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