افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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बाल-बच्चों आदि का खर्च

11 hadeeths in this category
#2965HadeethEnc[स़ह़ीह़]

तुम उसके धन में से उतना लो, जो साधारणतः तुम्हारे और तुम्हारे बच्चों के लिए काफ़ी हो।

मुसलमानों की माता आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- का वर्णन है, वह कहती हैं : अबू सुफ़यान की पत्नी हिंद बिन्त उतबा अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आईं और कहने लगीं : ऐ अल्लाह के रसूल! अबू सुफ़यान एक कंजूस व्यक्ति हैं। वह मुझे इतना खर्च नहीं देते, जो मेरे तथा मेर…

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#2979HadeethEnc[सह़ीह़]

अपने पास कुछ माल जमा रखो, यह तुम्हारे हित में बेहतर है

काब बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि मैंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! मैं अपनी तौबा क़बूल होने की खुशी में अपना सारा धन अल्लाह और उसके रसूल की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए सदक़ा करता हूँ। उनकी बात सुनकर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः अपना कुछ…

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#3599HadeethEnc[सह़ीह़]

ऊपर वाला हाथ नीचे वाले हाथ से बेहतर है। ऊपर वाला हाथ खर्च करने वाला हाथ है और नीचे वाला हाथ माँगने वाला हाथ है

अब्दुल्लाह बिन उमर- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मिंबर पर खड़े होकर दान करने तथा माँगने से बचने का ज़िक्र करते हुए फ़रमायाः "ऊपर वाला हाथ नीचे वाले हाथ से बेहतर है। ऊपर वाला हाथ खर्च करने वाला हाथ है और नीचे वाला हाथ म…

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#4959HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अल्लाह के रसूल, यदि मैं अबू सलमा के बेटों पर खर्च करूँ, तो क्या मुझे उसका प्रतिफल मिलेगा, जबकि मैं उन्हें इस अवस्था में छोड़ भी नहीं सकती, क्योंकि वह मेरे बेटे ही हैं? तो फ़रमायाः "हाँ, तुम जो कुछ उनपर खर्च करोगी, तुम्हें उसका प्रतिफल मिलेगा।

उम्मे सलमा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि मैंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, यदि मैं अबू सलमा के बेटों पर खर्च करूँ, तो क्या मुझे उसका प्रतिफल मिलेगा, जबकि मैं उन्हें इस अवस्था में छोड़ भी नहीं सकती, क्योंकि वह मेरे बेटे ही हैं? तो फ़रमायाः "हाँ, तुम जो कुछ उनपर खर्च करोगी, त…

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#5813HadeethEnc[स़ह़ीह़]

एक दीनार जो तुमने अल्लाह के रास्ते में खर्च किया, एक दीनार जो तुमने किसी दास को मुक्त करने के लिए खर्च किया, एक दीनार जो तुमने किसी निर्धन को दान किया और एक दीनार जो तुमने बाल-बच्चों पर ख़र्च किया, उनमें सबसे अधिक नेकी वाला दीनार वह है, जिसे तुमने अपने परिवार पर खर्च किया।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "एक दीनार जो तुमने अल्लाह के रास्ते में खर्च किया, एक दीनार जो तुमने किसी दास को मुक्त करने के लिए खर्च किया, एक दीनार जो तुमने किसी निर्धन को दान किया और…

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#10986HadeethEnc[सह़ीह़]

मेरे वारिस न दीनार तक़सीम करेंगे, न दिरहम। जो कुछ मैं अपनी पत्नियों के ख़र्च और अपने लिये काम करने वाले (ख़लीफ़ा आदि ) के ख़र्च के बाद छोड़ूँ, वह सदक़ा है।

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#58181HadeethEnc[सह़ीह़]

देने वाले का हाथ ऊपर होता है। आरंभ उससे करो जिसके ऊपर खर्च करना तुम्हारे ऊपर वाजिब है : तुम्हारी माता, तुम्हारे पिता, तुम्हारी बहन, तुम्हारे भाई, फिर सबसे निकट का संबंधी और उसके बाद सबसे निकट का संबंधी।

तारिक़ अल-मुहारिबी से वर्णित है, वह कहते हैं : हम लोग मदीना पहुँचे तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मिंबर पर खड़े होकर ख़ुतबा (भाषण) दे रहे थे और फ़रमा रहे थे : “देने वाले का हाथ ऊपर होता है। आरंभ उससे करो जिसके ऊपर खर्च करना तुम्हारे ऊपर वाजिब है : तुम्हारी…

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#58183HadeethEnc[सह़ीह़]

किसी व्यक्ति के पापी (गुनहगार) होने के लिए बस इतना काफी है कि वह किसी ऐसे व्यक्ति का राशन रोक ले, जिसका राशन उसके हाथ में है।

ख़ैसमा से रिवायत है, वह कहते हैं कि हम लोग अब्दुल्लाह बिन अम्र -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- के साथ बैठे हुए थे कि इसी बीच उनके घर की व्यवस्था से जुड़ा हुआ एक व्यक्ति उनके पास आया, तो उन्होंने उससे कहा : क्या तुमने ग़ुलामों को उनका राशन दे दिया? उसने कहा : नहीं, तो आपने फ़रमाया…

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#58187HadeethEnc[सह़ीह़]

उमर बिन ख़त्ताब -रज़ियल्लाहु अन्हु- ने सेनाओं के सेनापतियों के नाम उन लोगों के विषय में पत्र लिखकर आदेश जारी किया, जो अपनी पत्नियों से दूर रहते थे कि वे उन्हें उपस्थित करके कहें कि या तो (अपनी पत्नियों को) खर्च दें या उनको तलाक़ दे दें। फिर, यदि तलाक़ देते हैं तो जितने दिनों तक उन्हें अपने विवाह में रखा है, उतने दिनों का खर्च भेज दें।

अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से वर्णित है कि उमर बिन ख़त्ताब -रज़ियल्लाहु अन्हु- ने सेनाओं के सेनापतियों के नाम उन लोगों के विषय में पत्र लिखकर आदेश जारी किया, जो अपनी पत्नियों से दूर रहते थे कि वे उन्हें उपस्थित करके कहें कि या तो (अपनी पत्नियों को) खर्च दे…

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